सरदारपुर ~~*समय पर सूचना मिलने पर समझाईस से रूकवाया बाल विवाह विभाग ने बनाया पंचनामा*~~

सचिन बेरागी सरदारपुर~~

सरदारपुर :- शासन द्वारा लाडो अभियान के तहत बाल विवाह पर अंकुश लगाने  हेतु किये जा रहे प्रयास साकार होते नजर आ रहे है वही मेदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियो की लापरवाही व ग्राम स्तरीय समिति की विफलता उजागर  कर रहे है। दरअसल महिला बाल विकास विभाग को ग्राम पंचायत पटलावदिया में नाबालिक बालिका डोली का विवाह कराने की सूचना मुखबिर द्वारा मिलने पर प्रशासन हरकत में आया वही विवाह के एक दिन पूर्व बालिका के माता- पिता को आईसीडीएस परियोजना अधिकारी श्रीमति कांती निनामा महिला साक्तिकरण अधिकारी सुश्री शारदा जोशी स्थानीय आंगनवाडी कार्यकर्ता सचिव ज्ञानचन्द साहु के सामुहिक प्रयासो व समझाईस के दौरान बालिका के बालिक होने तक विवाह नही करने की समझाईस देकर पंचनामा बनाया गया वही ग्राम मिण्डा में कुमारी राधा पिता लाखन राजपुत के बाल विवाह की सूचना मिलने पर  आईसीडीएस विभाग पंचायत विभाग व स्वास्थ्य विभाग कें सामुहिक प्रयासो के चलते बालिका के परिजनो को आपसी समझाईस देकर बाल विवाह मामले में वैधानिक कार्यवाही से अवगत कराया गया । इस दौरान पंचायत सचिव राधेश्याम सुनेर आंगनवाडी कार्यकर्ता शांताबाई आशाकार्यकर्ता रेखाबाई व स्व- सहायता समूह संचालक द्वारा समझाईस देकर बाल विवाह रूकवाया गया वही मोके का पंचनामा बनाया गया।

*लापरवाही पर थमाया शोकाज -*

                    लाडो अभियान के तहत बाल विवाह रोकने हेतु कलेक्टर श्रीमन शुक्ल द्वारा गठित ग्राम स्तरीय समिति में पंचायत सचिव - रोजगार सहायक - पटवारी- प्रधानाचार्य स्थानीय एएनएम आंगनवाडी कार्याकर्ता व आशाकार्यकर्ता की समिति गठित कर बाल विवाह की सूचना प्रशासन को समय पर पहुचाने का दायित्व सोपा गया था। किन्तु उक्त अमले द्वारा विभाग प्रमुख को समय पर बाल विवाह की जानकारी नही देने व लापरवाही बरतने के मामले में आईसीडीएस परियोजना अधिकारी श्रीमति कांती निनामा ने आंगनवाडी कार्यकर्ता माया .- गायत्री (पटलावदिया) शांताबाई सुनेर (मिण्डा) को शोकाज जारी कर जवाब तलब किया है संतोषजनक जवाब नही मिलने पर कार्यकर्ता पर कार्यवाही के संकेत परियोजना अधिकारी श्रीमति कांती निनामा ने दिये है। मामले में बाल विवाह की सूचना मिलते ही जनपद सीईओ केके उइके ने ग्राम पंचायत सचिव को मामले मे परिजनो को समझाईस देकर बाल विवाह रूकवाने के आदेश देते हुए बाल विवाह की दशा में संबंधितो के विरूद्ध स्थानीय थाने पर प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिये है।

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