झाबुआ~~न्गर में यातायात व्यवस्था पर नही दिया जा रहा ध्यान~~

नो पार्किंग झोन में खडे रहते है चार पहिया वाहन~~

झाबुआ। शहर में आए दिन पैर पसारता यातायात अव्यवस्था बड़ी तैजी से फैल रही है। यातायात विभाग द्वारा नही दिया जा रहा ध्यान केवल यातायात सप्ताह को ही दिया जाता है महत्व! ”है प्रभु ऐसी स्थिती में कैसा सुधारेगी जिले की यातायात व्यवस्था”।
   पूर्व में भी यातायात अव्यवस्था को लेकर कई प्रयास किए गये लेकिन व्यवस्था में सुधार नही हो पा रहा है। नगर में कई ऐसी जगहें हें जहा यातायात व्यवस्था हमेशा ही बाधित रहती है। लेकिन इस अव्यवस्था की ओर प्रशासन एवं यातायात विभाग का कोई विशेष ध्यान नही जा रहा है। विभाग शायद यातायात सप्ताह में ही अपने कार्यो को पुरा करने में लगे होते है। बाकी दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था पर ध्यान शायद विभाग के दायरे में नही आता है। एस पी जैन साहब के नेतृत्व में चल रहे विभाग के द्वारा वृक्षारोपण के कार्यक्रम को बेखुबी से चलाया जा रहा है। लेकिन यातायात व्यवस्था की झुकाव थोड़ा कम दिखाई दे रहा है। भाजपा की एक पहल पर जहा बस स्टैण्ड़ स्थित एंकाकी मार्ग को बड़े जोर शोर पर शुरू किया गया। जिसमें चालानी रूप में जुर्माना भी वसुला जाएगा निर्देशीत किया था लेकिन यातायात विभाग का कोई भी जवान वहा तैनात नही रहता तो जुर्माना कैसे वसुला जाएगा। जहा यातायात सबसे ज्यादा प्रभावित होता वही यातायात विभाग का कोई भी जवान तैनात नही होता। यातायात सप्ताह के दौरान कई वाहनों के चालानी कार्यवाही की गई वाहनों के कागज, लाईंसेंस आदि चेंकिग किए गए। कई नाबालिग वाहन चालको के विरू़द्ध कार्यवाही की गई लेकिन सप्ताह के अंत में फिर से यातायात व्यवस्था की स्थिती बिगड़ने लग गई।
नो पार्किंग मे खडे रहते वाहन
नगर में राजवाड़ा परिसर में स्थित चौंक पर यातायात विभाग के द्वारा शुद्ध हिन्दी में नो पार्किग लिखा हुआ होने के बावजुद भी चार पहिया वाहनों का जमावड़ा आज भी लगा हुआ रहता है। जिसमें कुछ तो सरकारी वाहनों का भी जमावड़ा होता है। एेंसा ही हाल आजाद चौंक स्थित अव्यवस्था का है जहा बैंक परिसर के सामने कई वाहन अव्यवस्थित खडे दिखाई देते है। जहा एक भी जवान मोजुद नही होता हे। यातायात विभाग के द्वारा एक प्रयास ओर किया जाना चाहिए जिसमें महिनें में एक बार यातायात सप्ताह को शुरू कर व्यवस्था को सुधारा जा सकता है। हर चौराहे पर यातायात के जवान को खड़ा होना चाहिए लेकिन यातायात विभाग न जाने क्यों अपने ही लिखे पर अड़िग नही रह पा रहे न जाने क्यों ऐसी अव्यवस्थाओं से घिरें रहने में क्या तुक है ये जानना हमारे बस के बहार है। इस तरीके से यातायात विभाग की लापरवाही यातायात व्यवस्था की स्थिती और बिगड़ती जा रही है।

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