बड़वानी ~शिव डोले को लेकर हुई आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस~~
--दिल्ली की शिव बारात, नासिक के ढोल, आदिवासी नृत्य और अखाड़ा प्रदर्शन सहित देशभर की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहेंगी आकर्षण~~
--प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति ने दी आयोजन की विस्तृत जानकारी, पत्रकारों का किया सम्मान~~
बड़वानी। सावन मास की समाप्ति पर प्रतिवर्ष निकलने वाला राजाधिराज भगवान श्री रामकुल्लेश्वर महादेव का पारंपरिक एवं भव्य शिव डोला इस वर्ष 31 अगस्त सोमवार को राजसी ठाठ-बाठ के साथ नगर भ्रमण पर निकलेगा। इस वर्ष शिव डोला उत्सव की 46वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। भगवान श्री रामकुल्लेश्वर महादेव पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण करते हुए प्रजा का हाल जानेंगे। आयोजन को लेकर नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शिव भक्तों में उत्साह का माहौल है।
श्री रामकुल्लेश्वर शिव डोला उत्सव समिति द्वारा गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी शिव डोला आयोजन की तैयारियों, धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मंदिर निर्माण की योजनाओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत भगवान श्री रामकुल्लेश्वर महादेव के पूजन से हुई। इसके बाद समिति पदाधिकारियों ने पत्रकारों को आयोजन की रूपरेखा बताई तथा पत्रकारों का सम्मान भी किया।
दिल्ली की शिव बारात और नासिक के ढोल रहेंगे खास आकर्षण~~
समिति ने बताया कि इस वर्ष शिव डोले को भव्य और यादगार बनाने के लिए देश के विभिन्न स्थानों से विशेष प्रस्तुतियां शामिल की जा रही हैं। दिल्ली की भव्य शिव बारात शिव डोले का प्रमुख आकर्षण रहेगी। वहीं नासिक के ढोल अपनी विशेष प्रस्तुति से पूरे नगर को शिवमय करेंगे।
इसके अलावा देशी ढोल, विभिन्न वाद्य दल, आकर्षक झांकियां और सांस्कृतिक दल भी चल समारोह में शामिल होंगे। भगवान बाबा की पालकी के आगे पारंपरिक लवाजमा चलेगा, जिससे शिव डोले की राजसी भव्यता और आकर्षण बढ़ेगा।
आदिवासी नृत्य से लेकर राष्ट्रीय प्रस्तुति तक~~
शिव डोले में बड़वानी की आदिवासी संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। आदिवासी नृत्य दल पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
बड़वानी के भावेश डांस ग्रुप द्वारा राष्ट्रीय स्तर की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं बजरंग व्यायामशाला अखाड़ा के पहलवान एवं कलाकार पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन के माध्यम से शौर्य और कला का प्रदर्शन करेंगे। मार्ग में भजन मंडलियों द्वारा भगवान शिव के भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।
वृहद नगर बैठक में बनाई गई आयोजन की रूपरेखा~~
शिव डोला उत्सव को भव्य, गरिमामयी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए श्री रामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर परिसर के नवनिर्मित शेड के शंकर मंडपम् में वृहद नगर बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक की शुरुआत समाज के वरिष्ठजनों एवं शिव भक्तों द्वारा भगवान भोलेनाथ के पूजन से हुई।
बैठक में शिव डोले के चल समारोह, मार्ग, झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सुरक्षा, व्यवस्था और विभिन्न समितियों की जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिव भक्त उपस्थित रहे।
समिति ने नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र की सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं और धर्मप्रेमी नागरिकों से शिव डोला उत्सव में सहभागिता करने की अपील की है।
भव्य श्री रामकुल्लेश्वर मंदिर निर्माण का कार्य फिर हुआ शुरू~~
प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति ने श्री रामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर के इतिहास, वर्तमान गतिविधियों और प्रस्तावित निर्माण योजना की जानकारी भी दी। समिति के अनुसार मंदिर निर्माण का कार्य पूर्व में लंबित था, जिसे अब दोबारा सुचारु रूप से शुरू कर दिया गया है।
प्रस्तावित योजना के तहत करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपए की लागत से भव्य श्री रामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर के आसपास फैले करीब चार एकड़ परिसर का समग्र विकास करने की योजना है।
समिति का उद्देश्य पूरे परिसर को ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित करना है, जहां श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण मिल सके।
101 फीट ऊंची धर्मध्वजा बनेगी रामकुल्लेश्वर धाम की पहचान~~
मंदिर निर्माण के साथ ही परिसर में 101 फीट ऊंची धर्मध्वजा स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है। समिति के अनुसार इसके लिए आमजन से मात्र 10 रुपए का सहयोग लेने की योजना है।
समिति का कहना है कि धर्मध्वजा आने वाले समय में रामकुल्लेश्वर धाम की विशेष पहचान बनेगी। छोटी-छोटी सहयोग राशि के माध्यम से आमजन को मंदिर निर्माण और धार्मिक धरोहर के विकास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गर्भगृह में स्थापित होगी 12 ज्योतिर्लिंगों की मिट्टी~~
प्रस्तावित मंदिर के गर्भगृह को लेकर समिति ने विशेष धार्मिक योजना बनाई है। समिति के अनुसार देश के 12 ज्योतिर्लिंगों की पवित्र मिट्टी तथा विभिन्न पवित्र नदियों का जल गर्भगृह में विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाएगा।
समिति के मुताबिक सरयू नदी का जल और अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी की मिट्टी बड़वानी लाई जा चुकी है। मंदिर के गर्भगृह का निर्माण पूर्ण होने के बाद पवित्र मिट्टी और जल को धार्मिक विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाएगा।
समिति का उद्देश्य देश के प्रमुख तीर्थों और ज्योतिर्लिंगों की धार्मिक परंपरा को श्री रामकुल्लेश्वर धाम से जोड़ना है।
मंदिर निर्माण के लिए सहयोग की घोषणाएं~~
प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठक के दौरान श्री रामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर के नए निर्माण कार्य को लेकर मंदिर समिति एवं शिव भक्तों द्वारा सहयोग राशि देने की घोषणाएं भी की गईं। समिति ने समाज के सभी वर्गों से मंदिर निर्माण और परिसर विकास के इस पुनीत कार्य में अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने का आह्वान किया।
अनेक सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं का रहेगा सहयोग~~
शिव डोला आयोजन में मां कालिका सेवा समिति, मां वैष्णो देवी मंदिर समिति, संकट मोचन हनुमान मंदिर ट्रस्ट, बजरंग व्यायामशाला, बाबा रामदेव सेवा समिति, योगमाया मंदिर समिति, आरती समिति राजघाट, अखिल विश्व गायत्री परिवार, श्री खाटू श्याम भक्त मंडल, जगन्नाथ रथ यात्रा समिति, मां रेवा कावड़ यात्रा समिति सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं का सहयोग रहेगा।
पत्रकारों का किया सम्मान~~
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समिति की ओर से पत्रकारों का सम्मान भी किया गया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। शिव डोला आयोजन को लेकर पत्रकारों से भी सहयोग की अपेक्षा जताई गई।
31 अगस्त को दिखेगा आस्था और संस्कृति का भव्य संगम~~
46वें श्री रामकुल्लेश्वर शिव डोले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दिल्ली की शिव बारात, नासिक के ढोल, आदिवासी नृत्य, देशी ढोल, भगवान बाबा की पालकी के आगे लवाजमा, भावेश डांस ग्रुप की राष्ट्रीय प्रस्तुति, बजरंग व्यायामशाला का अखाड़ा प्रदर्शन, भजन मंडलियां और आकर्षक झांकियां इस वर्ष के आयोजन को विशेष बनाने जा रही हैं।
सावन मास की समाप्ति के बाद 31 अगस्त को जब भगवान श्री रामकुल्लेश्वर महादेव पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे, तब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। समिति द्वारा आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
31 अगस्त का 46वां श्री रामकुल्लेश्वर शिव डोला बड़वानी में धार्मिक आस्था, राजसी परंपरा, सामाजिक एकता और देश की सांस्कृतिक विविधता का भव्य संगम प्रस्तुत करेगा।

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