बड़वानी~क्रमोन्नति में 388 प्रस्ताव, आदेश सिर्फ 6 के; पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आदेश लंबित~~
14 अगस्त को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे मामला~~
बड़वानी। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों की क्रमोन्नति एवं पदोन्नति के मामलों में हो रहे विलंब को लेकर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, बड़वानी ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। दोनों मामलों को लेकर जिले के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग रखने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं होने पर अब शिक्षक 14 अगस्त को बड़वानी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘जनविश्वास’ कार्यक्रम के दौरान अपनी मांग उनके समक्ष रखने की तैयारी कर रहे हैं।
क्रमोन्नति : 388 प्रस्ताव, केवल 6 शिक्षकों को लाभ
प्राथमिक शिक्षक संवर्ग की क्रमोन्नति के लिए अप्रैल 2026 तक विकासखंड स्तर से कुल 388 प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजे गए थे। विकासखंडवार पाटी से 54, पानसेमल से 50, राजपुर से 109, सेंधवा से 30, बड़वानी से 109, ठीकरी से 30 तथा निवाली से 06 प्रस्ताव भेजे गए।
इनमें से केवल निवाली विकासखंड के 06 शिक्षकों के क्रमोन्नति आदेश जारी किए गए हैं, जबकि शेष 382 शिक्षकों के प्रकरण लंबित हैं।
मोर्चा ने इसे गंभीर प्रशासनिक विषय बताते हुए मांग की है कि सभी प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए और यह जांच की जाए कि सभी विकासखंडों के प्रस्ताव उपलब्ध होने के बावजूद केवल एक विकासखंड के प्रस्तावों पर ही कार्रवाई क्यों की गई।
यदि किसी अधिकारी, शाखा प्रभारी अथवा संबंधित स्तर पर प्रकरणों को लंबित रखने में लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी निर्धारित कर संबंधित अधिकारी/शाखा प्रभारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
पदोन्नति प्रक्रिया पूरी, आदेश का इंतजार
स्नातक प्राथमिक शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया में संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, इंदौर संभाग द्वारा 08 जुलाई 2026 को विषयवार अंतिम सूची जारी की जा चुकी है। आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद 22 जुलाई 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक भी संपन्न हो चुकी है।
इसके बावजूद आज तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं हुए हैं। मोर्चा का कहना है कि जब अंतिम सूची जारी हो चुकी है और DPC की बैठक भी हो चुकी है, तो आदेश जारी करने में हो रहे विलंब का स्पष्ट कारण सार्वजनिक किया जाना चाहिए तथा विलंब के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाना चाहिए।
अब मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे दोनों मामले
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा पदोन्नति एवं क्रमोन्नति के दोनों मामलों को लेकर लगातार अधिकारियों और जिले के जनप्रतिनिधियों के समक्ष विषय रखा गया है। ज्ञापन एवं व्यक्तिगत मुलाकातों के माध्यम से समस्या के समाधान की मांग भी की गई, लेकिन अब तक दोनों मामलों में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आया है।
मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षक अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध निर्णय और जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई चाहते हैं।
इसी क्रम में 14 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बड़वानी आगमन के दौरान ‘जनविश्वास’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष दोनों मामलों का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मोर्चा की प्रमुख मांग है कि—
क्रमोन्नति के सभी लंबित 382 प्रकरणों का तत्काल परीक्षण कर पात्र शिक्षकों के आदेश जारी किए जाएं।
केवल निवाली के 06 प्रकरणों पर कार्रवाई और शेष को लंबित रखने के कारण की जांच की जाए।
लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी एवं संबंधित शाखा प्रभारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लंबित आदेश तत्काल जारी किए जाएं।
दोनों मामलों में भविष्य में अनावश्यक विलंब रोकने के लिए स्पष्ट एवं समयबद्ध व्यवस्था लागू की जाए।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने कहा कि शिक्षकों की मांग किसी अतिरिक्त लाभ की नहीं, बल्कि नियमानुसार पात्रता के आधार पर मिलने वाले सेवा लाभ को बिना भेदभाव और अनावश्यक विलंब के प्रदान करने की है।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, बड़वानी की ओर से हेमेंद्र मालवीय, अशोक कुशवाहा, धर्मेंद्र भावसार, शैलेन्द्र जाधव, निलेश भावसार, अंजूला राठौड़, अनिता चोयल, लक्ष्मी सोलंकी, केशव यादव, राजपाल तोमर, अजय रघुवंशी, नारायण चौहान, लोकेश भट्ट, मंजूला चौहान, सुरेश डावर, दिनेश कमल, संतोष बघेल एवं संतोष कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से दोनों मामलों में शीघ्र हस्तक्षेप कर शिक्षकों को न्याय दिलाने की मांग की है।

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