झाबुआ~~विधायक होंगे मूल्यांकन समिति के सदस्य~~

पटवारी-तहसीलदार देंगे जमीन की कीमतों की जानकारी शहर की जमीनों का रेट तय करने के लिए मूल्यांकन समिति का हुआ नोटिफिकेशन~~

झाबुआ। संजय जैन~~

जमीनों की कीमत कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर तय करने के लिए शासन स्तर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हर साल यह गाइडलाइन 1 अप्रैल को ही लागू होती है,इस बार नियमों में बदलाव के कारण गाइडलाइन लागू करने की प्रोसेस आगे बढ़ा दी थी। नई गाइडलाइन के लिए शासन ने अब फिर से तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए जिला मूल्यांकन समिति के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार इस समिति में प्रभारी मंत्री की सिफारिश पर एक विधायक को भी सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। * औपचारिक पत्र का इंतजार नए वित्तीय वर्ष में गाइडलाइन में संशोधन को लेकर जिले में गठित जिला मूल्यांकन समिति में कलेक्टर को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही बाजार में सर्वे और प्रापर्टी के भाव की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में उपमूल्यांकन कमेटी का गठन किया गया है। नोटिफिकेशन के साथ ही अब जिला पंजीयन कार्यालय को औपचारिक पत्र का इंतजार है,जिसके तहत गाइडलाइन बनाने के लिए कहा जाएगा। जिला मूल्यांकन कमेटी में प्रभारी मंत्री द्वारा एक विधायक की भी नियुक्ति की जाएगी। पंजीयन एक्ट की धारा-47 केंद्रीय स्टा�प एक्ट में बदलाव से लैप्स हो गई थी, इस कारण वित्तीय वर्ष 2018-19 की गाइडलाइन बनाने का काम नहीं हो पाया था। यही वजह रही कि राज्य शासन ने मार्च में नोटिफिकेशन जारी कर 2017-18 की गाइडलाइन को ही अगले आदेश तक जारी रखा था। * तैयार होगा गाइड लाइन का प्रारूप संपत्ति के प्रचलित बाजार मूल्य के बारे में जानकारी पटवारियों-तहसीलदारों के माध्यम से दी जाएगी। वहीं अन्य जानकारी जैसे निर्माण,लागत,शासकीय विक्रय,नीलाम विक्रय आदि की जानकारी समिति द्वारा संबंधित कार्यालय से एकत्रित की जाएगी। सभी आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद ही गाइडलाइन का प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसे फाइनल करने के लिए महानिरीक्षक पंजीयन के पास भेजा जाएगा। * समिति में यह होंगे शामिल अध्यक्ष कलेक्टर होंगे। बाकी प्रभारी मंत्री द्वारा सिफारिश पर नियुक्त विधायक,सीईओ जिला जनपद ,सीईओ ,ईई पीडब्ल्यूडी,एरिगेशन,निगम अधीक्षक, भू.,-अभिलेख अधीक्षक,भाड़ा नियंत्रण अधिकारी,जिला वन अधिकारी,,हाउसिंग बोर्ड,संयुक्त संचालक,उप संचालक टीएडंसीपी, महाप्रबंधक उद्योग,जिला पंजीयक सदस्य होंगे। -पत्र का इंतजार है..... सारे नियम गाइडलाइन बनाने के पुराने ही है। पंजीयन एक्ट की धारा 47 केंद्रीय स्टा�प एक्ट में बदलाव से लैप्स हो गई थी। इस कारण इस बार 1 अप्रैल को गाइड लाइन बनाने का काम नही हो पाया है। अब औपचारिक पत्र का इंतजार है,जिसके तहत गाइडलाइन बनाने के लिए कहा जाएगा। .........प्रभात वाजपेयी-जिला पंजीयक।

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