धार~विस धरमपुरी में कालूसिंह, कुक्षी में जयदीप पटेल भाजपा उम्मीदवार घोषित ~~
जिले की 7 विधानसभाओं में दो पर प्रदेश भाजपा ने उम्मीदवार तय किए ~~
धार~( डॉ. अशोक शास्त्री )
धार। विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा ने उम्मीदवार चयन में कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश भाजपा ने करीब 39 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए है। जिसमें धार जिले की सात विधानसभाओं में से दो विधानसभा के उम्मीदवार तय कर दिए है। भाजपा ने एक बार फिर धरमपुरी विधानसभा सीट के लिए पूर्व विधायक कालूसिंह ठाकुर पर विश्वास जताया है। वहीं कुक्षी में कांग्रेस को गढ़ को ढहाने के लिए भाजपा प्रदेश मंत्री व युवा नेता जयदीप पटेल का नाम तय कर दिया है।
मुकाबला होगा चुनौतीपूर्ण
दोनों सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद मुकाबला कांग्रेस के लिए चुनौतियों वाला हो गया है। धरमपुरी में कालूसिंह ठाकुर एक पकड़ वाले नेता है, जो पूर्व में विधायक रह चुके है। कुछ अपवादों के चलते पार्टी ने उनका टिकिट काट दिया था। जिसके बाद भाजपा धरमपुरी में चुनाव हार गई थी। कालूसिंह को राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व केन्द्रीय मंत्री विक्रम वर्मा का नजदीकी माना जाता है। मालवा निमाड़ में इस मर्तबा विजयवर्गीय के हाथों में चुनाव की बागडोर है। इधर कुक्षी में पूर्व मंत्री व कांग्रेस विधायक सुरेन्द्रसिंह बघेल के सामन जयदीप पटेल को उम्मीदवार घोषित करके भाजपा ने यहां भी कांटे का मुकाबला कर दिया है। जयदीप पटेल लोकप्रिय नेता है। उनके पास युवाओं की एक अच्छी टीम है। हालांकि कुक्षी में भाजपा के लिए ज्यादा चुनौतियां रहेगी। यहां दोनों दलों के मध्य हार-जीत का अंतर 50 हजार से अधिक वोटों का है।
धार-सरदारपुर की घोषणा का इंतजार
इस मर्तबा विधानसभा चुनाव में धार और सरदारपुर विधानसभा में उम्मीदवारों को बदलने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है। वर्तमान में धार में नीना विक्रम वर्मा तीसरी मर्तबा चुनाव जीती विधायक है। यहां पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव यादव के टिकिट की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है। वहीं दिलीप पटोंदिया भी परंपरागत दावेदार के तौर पर देखे जा रहे है। इधर सरदारपुर में भाजपा को चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार की तलाश है। यहां पर गुटबाजी काफी बढ़ चुकी है। भाजपा ने यहां पर अपने जीते हुए विधायक वेलसिंह भूरिया का टिकिट काटकर युवा संजय बघेल पर विश्वास जताया था, किंतु उन्हें 40 हजार से अधिक मतों की शिकस्त मिली थी। इस मर्तबा यहां पर नए चेहरे को अवसर देने की स्थितियां बन रही है। गंधवानी में उम्मीदवार कौन होगा, इसको लेकर सबकी नजर है। दरअसल 2008 में परिसीमन के बाद से गंधवानी भाजपा कभी नहीं जीत पाई है। यहां पर कांग्रेस के नेता उमंग सिंघार तीन बार विधायक है। इस सीट पर केन्द्र सरकार का विकास और प्रदेश सरकार के दावे सभी कमजोर पड़ जाते है।



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