धार-जीराबाद~शिकायत- प्रसूता को भर्ती करना है केन्द्र बंद है एएनएम भी नहीं, जवाब मिला गंधवानी भेज दो~~
जिले के अंदरूनी क्षेत्र में सुगम स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए खोले गए आरोग्यम् केन्द्र से लाभ नहीं, कर्मचारी देरी से पहुंचते है मरीजों की परेशानी जारी~~
धार-जीराबाद~( डॉ. अशोक शास्त्री )
धार-जीराबाद। स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम बनाने के लिए प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किए गए। आरोग्यम् केन्द्र के नाम से छोटी-छोटी बस्तियों में भी स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई। यह सेवाएं लोगों को लाभ नहीं पहुंचा पा रही है। दरअसल केन्द्रों पर कर्मचारी समय से नहीं पहुुंच रहे है। इधर अधिकारियों का जवाब भी गैर जिम्मेदाराना है। मामला गंधवानी में आदिवासी महिला के प्रसव के पश्चात उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करने के दौरान केन्द्र बंद मिलने का है। इस मामले में जब ब्लॉक लेवल पर शिकायत की गई कि केन्द्र बंद है, एएनएम नहीं है। जवाब मिला ठीक है गंधवानी भेज दो। यह जवाब गैर जिम्मेदाराना है। केन्द्र समय पर खुले यह सुनिश्चित करना चिकित्सकों की जवाबदारी है। यह बात गंधवानी क्षेत्र में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है कि जब आगामी चुुनावों को लेकर सत्ता पक्ष के लोग योजनाओं के माध्यम से अपनी बात रख रहे है। क्या यही योजनाओं की सही स्थिति है।
यह था मामला
गुरूवार को जीराबाद आरोग्यम् केन्द्र पर एम्बुुलैंस आकर रूकी थी। इसमें एक नवजात था और कुछ समय पहले बच्चे को जन्म देने वाली प्रसूता थी। नजदीक के भुवादा में ही शिशु का जन्म हो गया था। शिशु और प्रसूता को प्रसव के पश्चात मिलने वाला उपचार मिल जाए इसके लिए परिजन केन्द्र पर करीब पौने 9 बजे लेकर पहुंंचे थे। पौने घंटे इंतजार के बाद साढ़े 9 बजे केन्द्र खोला गया फिर पता चला कि भर्ती एवं उपचार के लिए पदस्थ एएनएम नहीं है। इसकी सूचना ब्लॉक मेडिकल आॅफिसर डॉ बलवीर मंडलोई को दी गई। केन्द्र देरी से खुलने को लेकर कर्मियों से जवाब तलब करने की बजाय चिकित्सक ने कहा कि गंधवानी स्वास्थ्य केन्द्र भेज दो। सवाल उठने लगे है कि जीराबाद में स्वास्थ्य केन्द्र क्यों खोेला गया है। अव्वल यहां तो चिकित्सक भी नहीं है। एएनएम पदस्थ है तो समय पर नहीं मिलती है। मामला सीएमएचओ डॉ नरसिंह गेहलोत के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने बड़ी आबादी को लाभान्वित करने वाले आरोग्यम् केन्द्र पर चिकित्सक देने का आश्वासन दिया है।
इनका कहना है
9 बजे अस्पताल खुलने का समय है। एएनएम आएगी तभी नवजात और प्रसूता का उपचार होगा। हम व्यवस्थाओं को सुुधारने का प्रयास करेंगे।
-डॉ बलवीर मंडलोई, बीएमओ गंधवानी


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