धार~प्रवर्तन निदेशालय के दल पहुंचे धार, भूमिगत जमीन घोटाले के आरोपित के घर-प्रतिष्ठानों पर जांच~~

मामला करीब 247 करोड़ के सेंट टेरेसा जमीन घोटाले का नाम से चर्चित प्रकरण का~~

4 मुख्य आरोपितों में एक सुधीर जैन अभी भी पुलिस पकड़ से दूर, इनाम है घोषित~~

धार~( डॉ. अशोक शास्त्री )




धार। वर्ष 2021 में चर्चा में आए 247 करोड़ के सेंट टेरेसा भूमि घोटाले के नाम से चर्चित मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय भी संपत्तियों की जांच में जुट गया है। गुरूवार तड़के ईडी की कई टीमें जिला मुख्यालय धार पहुंची थी। यहां पर उन्होंने जमीन घोटाले से जुड़े मुख्य आरोपितों में एक सुधीर जैन के व्यवसायिक प्रतिष्ठान एवं भाई के घर सहित अन्य संपत्तियों पर पहुंचकर जांच की। अलग-अलग वाहनों से ईडी की करीब 4 टीमें धार पहुंची थी। जिसमें 15 के करीब अफसर-कर्मचारी शामिल बताए जा रहे है। शहर में दिनभर ईडी की टीम अलग-अलग संपत्तियों की जानकारी जुटाने के लिए वाहन के माध्यम से इधर-उधर घूमती दिखाई दी। कार्रवाई को लेकर ईडी के अफसरों ने जांच पूरी होने तक चर्चा करने से मना कर दिया है। सीनियर आॅफिसर ने कहा है कि कार्रवाई की प्रेस रिलीज जारी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि दो वर्ष बाद ईडी की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कोर्ट में इस घोटाले के प्रकरण पर कार्रवाई प्रचलन में आ गई है।
भाई के घर भी पहुंची टीम
ईडी की टीम की कार्रवाई प्रारंभ होने के बाद एक बार फिर सेंट टेरेसा जमीन घोटाला चर्चा में आ गया है। गुरूवार को एक दल ने सेंट टेरेसा तिराहे पर भूमिगत हो चुके मामले के मुख्य आरोपित में शामिल सुधीर जैन के व्यावसायिक प्रतिष्ठान बुलेट शोरूम पर जांच की। यहां पर करीब 6 घंटे से अधिक समय तक टीम मौजूद रही। इधर कई अन्य संपत्तियों पर पहुंचकर जानकारियां ली गई। जवाहर मार्ग पर श्री जैन के बड़े भाई के निवास पर भी टीम पहुंची थी। यहां पर शाम को एक और टीम ने पहुंचकर आगे की कार्रवाई की है।
स्वत: संज्ञान लिया था मामला
जमीन घोटाला चर्चा में आने के बाद इससे जुड़ी खबरें प्रकाशित होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने दो वर्ष पूर्व इस मामले को स्वत: संज्ञान में लिया था। लंबे समय के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की है। हालांकि इस कार्रवाई की प्रक्रिया कुछ समय पहले शुुरू हो गई थी। पुलिस की और से जमीन घोटाले का खुलासा करने में मुख्य भूमिका निभाने वाली पुलिस आॅफिसर डीएसपी यशस्वी शिंदे से टीम को लीड कर रहे ईडी के अधिकारी ने घोटाले के तकनीकी पहलुओं की जानकारी जुटाई थी। वर्तमान में पुलिस अधिकारी शिंदे मनासा में पोस्टेड है। इस कार्रवाई के पहले एक बार फिर ईडी अधिकारियों ने मामले से संबंधित अन्य जानकारियां भी उनसे समझी थी। दरअसल इस पूरे मामले में डीएसपी यशस्वी शिंदे ने काफी गहन छानबीन की थी। स्टेट दौर के रिकार्ड जुटाए थे और साक्ष्यों को पुख्ता किया था। यही कारण रहा कि करीब 10 हजार पन्ने से अधिक का चालान पेश किया गया है।
मास्टर मार्इंड सुधीरदास जमानत पर
जमीन घोटाले में यूं तो पुलिस ने समान धाराओं में 4 लोगों को मुख्य आरोपित बनाया है। इसमें आरोपित अधिवक्ता का निधन हो चुुुका है। वहीं शेष दो आरोपित जमानत पर है। प्रकरण दर्ज होने के बाद से बीते दो सालों से मामले के चौथे आरोपित सुधीर जैन और उनकी पत्नी आयुषी जैन भूमिगत हो चुके है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया हुआ है। इस जमीन घोटाले का मास्टर मार्इंड सुधीर उर्फ बनी दास पिता स्वर्गीय रत्नाकर दास फिलहाल जमानत पर है। सुधीर दास ने ही इस जमीन घोटाले को अन्य लोगों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
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