धार~प्रदर्शन- सैकड़ों विद्यार्थी सड़कों पर उतरे, पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधली की जताई आशंका~~

सरकार के खिलाफ नारेबाजी, पेपर लिक के खिलाफ कानून बनाने की मांग~~

परीक्षा की जांच का ब्यौरा सार्वजनिक करने की कही बात~~

धार~( डॉ. अशोक शास्त्री )

धार। व्यापमं के माध्यम से आयोजित पटवारी परीक्षा के परिणाम सामने आने के बाद परीक्षा में पेपर लिक के माध्यम से धांधली करने के आरोप लग रहे है। पेपर लिक के खिलाफ कानून बनाने की मांग और परीक्षा में हुई धांधली के आरोपां की जांच कराने और ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग को लेकर गुरूवार को धार में छात्रों का प्रदर्शन हुआ। नेशनल एज्युकेट यूथ यूनियन के बैनर तले सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। उल्लेखनीय है कि पूर्व में हुए व्यापमं घोटाले की तपिश अभी भी बरकरार है। एक बार फिर परीक्षा पर सवाल खड़े हुए है। इधर जनसंपर्क की और से घोटाले की आशंका को लेकर उठाए जा रहे सवालों का पोस्टों के माध्यम से जवाब दिया गया है। जिसमें अधिकांश सवालों को भ्रामक बताया गया है।
अब तक का सबसे बड़ा छात्र प्रदर्शन
गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में छात्रों के सड़कों पर उतर जाने से हर कोई हतप्रभ रहा। कलेक्ट्रेट कैम्पस में धारा 144 लागू होने के कारण प्रदर्शन पर प्रतिबंध है। इसके मद्देनजर छात्र त्रिमूर्ति नगर से उदाजीराव चौपाटी (घोड़ा चौपाटी) तक रैली के रूप में निकले। पहली मर्तबा छात्रों का इतने बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुआ है। विद्यार्थियों में युवक और युवतियां शामिल थे। घोड़ा चौपाटी पर प्रदर्शनकारियों के एकत्रित होने से एक और का मार्ग जाम हो गया था। सीएसपी देवन्द्र धुर्वे ने विद्यार्थियों से बात की और उन्हें समझाईश दी। इसके पश्चात छात्र पुन: रैली के रूप में त्रिमूर्ति नगर चौराहे स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पहुंचे।यहां पर प्रदर्शन समाप्ति की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा गया है।
कड़े कानून बने, टॉपर्स की जांच हो
इस दौरान करीब 7 सूत्रीय मांगे ज्ञापन में रखी गई। जिसमें पूर्ण परीक्षा की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई है। टॉप-10 टॉपर्स की पूरी विडियोग्राफी जिसमें उनका रिस्पांस टाईम भी जारी करने की मांग की गई है। विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति में 10 टॉपर्स का मीडिया ट्रायल कराने की मांग की गई है। समस्त जांच बिंदू समयबद्ध तरीके से 10 दिन में पूर्ण करने की बात कही है। यह जांचे पूरी होने तक दस्तावेजों का सत्यापन और नियुुक्ति की प्रक्रिया को लंबित करने की मांग की गई है।
आगामी समस्त परीक्षाओं में नार्मलाईजशन को बंद करके आॅफलाईन मोड में परीक्षा कराने की मांग की गई है। दिव्यांग कोटे में पात्रता हेतु कई अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए जा रहे है, इसकी भी जांच करवाई जाए। इधर मप्र में पेपर लिक के विरुद्ध कानून बनाया जाए। दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा निर्धारित करने की भी मांग की गई है।
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