दसाई~~लोग किसी व्यक्ति की बात सुने या न सुने लेकिन धर्म के संदेशो को जीवन में अवश्य अपनाते है श्रीउमेशचन्द्र जी शर्मा ~~

जगदीश चौधरी (खिलेडी)9617174241

दसाई~~श्रीमद् भागवत कथा गोपाल कृष्ण गौशाला सुरभि धाम पर
पूज्य महराज श्रीउमेशचन्द्र जी शर्मा ने श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन  कहा सभी धर्मों  में अच्छी बातें कही गई है , लोग किसी व्यक्ति की बात सुने या न सुने लेकिन धर्म के संदेशो को जीवन में अवश्य अपनाते है |

पूज्य महाराज श्री ने कहा कि समाज में सुधार के लिए बच्चो एवं  बुजुर्गो को कथा का श्रवण करना चाहिए और यह भी बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने वाले भक्तो को भगवान के प्रति भावना या श्रद्धा रखनी  चाहिए | भक्त जिस भावना से भगवान की भक्ति करता है और श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करता है | उसकी इच्छा की पूर्ति उसी के अनुसार होती है।

मानव जीवन क्या है ? इसका लक्ष्य क्या है ? कुछ ऐसे ही सवाल पूज्य महाराज श्री ने भक्तो से किए | शुक्रवार को भागवत कथा के दौरान पूज्य महाराज श्री ने भक्तो को जीवन के महत्व के बारे में समझया और उन्होंने महाराज कपिल देवहुति के संवाद भक्तो को सुनाते हुए कहा कि मोक्ष प्राप्ति का द्धार ही मानव जीवन है , जो हमें परमात्मा से मिलन और सत्कर्म करने के लिए प्रभु देते है , मानव जीवन मिलने के बाद भगवान को मनाने की कोशिश करते रहना चाहिए , ये तभी संभव होगा , जब हम संसार की मोह -माया का त्याग कर प्रभु की शरण में जायेगे।

पूज्य महाराज श्री  ने कथा के दौरान  कहा कि भारत जैसा सहिष्णु देश पूरे विश्व में दूसरा कोई नहीं है  , जहाँ सभी धर्म के लोग एक साथ मिलकर रहते है पूज्य महाराज श्री ने बताया कि कथा का श्रवण करने से कोई लाभ नहीं होगा , उसे अपने जीवन मे आत्मसात करना होगा।

युवाओ में भी भागवत कथा का उत्साह देखने को मिला | निंदा करना और सुनना अपराध है उन्होंने यह भी कहा की मन को साफ व सुंदर बनाने के लिए भजन रूपी झड़ू से मन को बुहारना चाहिए

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