बड़वानी~~आज ही के दिन मेरठ में प्रारंभ हुई थी 1857 की क्रांति युवाओं ने याद किया अमर शहीदों को~~

बड़वानी /शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ द्वारा प्राचार्य डॉ. एन एल गुप्ता के मार्गदर्षन में 1857 की क्रांति की 161 वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘इतिहास के स्वर्णिम पन्ने’ नामक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका संयोजन एवं समन्वय प्रीति गुलवानिया, पवन परिहार एवं शुभम चौहान ने किया। सर्वप्रथम उमेष राठौड़, गोल्डी गौतम, सोनू सोलंकी ने भारत माता की तस्वीर तथा अमर जवान के प्रतीक चिह्न का पूजन-अर्चन किया। साथ ही मषाल प्रज्जवलित करके देष की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते हुए शहीद पूर्वजों को सलामी दी।
मेरठ से शुरु हुई थी क्रांति
प्रीति गुलवानिया और अंतिम मौर्य ने बताया कि 1857 की क्रांति 10 मई को मेरठ में प्रारंभ हुई थी। तब ब्रिटिष सेना में सम्मिलित भारतीय सैनिकों ने साम्राज्य के विरु़द्ध विद्रोह कर दिया था। इसके पहले 29 मार्च, 1857 को मंगल पांडे ने बैरकपुर की छावनी में चर्बी वाले कारतूसों के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करते हुए शहादत दी थी। मेरठ से क्रांति दिल्ली पहुंची और धीरे धीरे भारत के अनेक क्षेत्रों में फैल गई। बहादुर शाह जफर, रानी लक्ष्मी बाई, तात्या टोपे, कुंवरसिंह, नाना साहेब, बेगम हजरत महल जैसे अनेक योद्धा अंग्रेजों के विरुद्ध उठ खड़े हुए। निमाड़ क्षेत्र में भीमा नायक और उनके साथियों ने अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी। अमर शहीदों को याद करके युवा अभिभूत हुए।
संचालन उमेष राठौड़ ने किया। आभार पवन परिहार ने व्यक्त किया। सहयोग सोनिका पाटीदार, कामिनी पाटीदार, सचिन सेन ने दिया।

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