बड़वानी~ अंजड़ नाके पर घंटों तक जाम, एम्बुलेंसें फंसी रहीं प्रशासन नदारद नेता प्रतिपक्ष गरजे सिस्टम की लापरवाही से खेली जा रही है ज़िंदगियों से खिलवाड़~~
बड़वानी शहर के अंजड़ नाके पर मंगलवार को ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने प्रशासन की लापरवाही और सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। करीब एक घंटे से भी ज्यादा समय तक लगा भीषण जाम लोगों के लिए मुसीबत बन गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस जाम में दो एम्बुलेंस सायरन बजाती हुई फंसी रहीं, लेकिन न तो ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुँची और न ही नगर पालिका का कोई जिम्मेदार अधिकारी दिखाई दिया। हालात इतने बिगड़े कि आखिरकार स्थानीय लोगों को खुद सड़क पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। कई युवाओं और राहगीरों ने ट्रैफिक को हाथों से नियंत्रित किया, वाहनों को धक्का लगाकर हटाया और काफी मशक्कत के बाद एम्बुलेंस को रास्ता दिलाया।
लोगों ने गुस्से में कहा कि अंजड़ नाका शहर का मुख्य प्रवेश द्वार है, यहाँ रोज़ जाम लगता है, फिर भी यहाँ स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था नहीं की गई। नागरिकों का आरोप है कि फाइलों में योजनाएँ बनती हैं, लेकिन ज़मीन पर सिर्फ अव्यवस्था नजर आती है।
इधर, नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन और ट्रैफिक सिस्टम पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा यह घटना बड़वानी के सिस्टम की असलियत दिखाती है। एक घंटे तक एम्बुलेंस फंसी रही और अधिकारी गायब रहे। अगर मरीज की जान चली जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।”
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तुरंत व्यवस्था नहीं सुधरी तो मामला कड़े स्वर में उठाया जाएगा।
जिम्मेदारों ने फोन उठाना भी गँवारा नहीं कियामामले पर मीडिया ने जब अधिकारियों से बात करनी चाही, तो ज्यादातर जिम्मेदार फोन स्विच ऑफ या व्यस्त बताकर बचते नजर आए। किसी ने स्पष्ट जवाब देना तो दूर, घटना पर प्रतिक्रिया तक देना उचित नहीं समझा।क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है अंजड़ नाके पर स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था क्यों नहीं एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएँ भी सुरक्षित नहीं फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि सिस्टम जागेगा… या फिर जनता इसी तरह लापरवाही की कीमत चुकाती रहेगी।

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