झाबुआ~हिट एंड रन कानून के विरोध में पूरे प्रदेश में कल ३ जनवरी तक हड़ताल-मांगों को नहीं माना तो मजबूर होगा संघ उग्र आंदोलन करने पर~~

कल नए साल से प्रदेश की जनता के हाल हुए बेहाल-हड़ताल के चलते थमे पहिए~~

झाबुआ ब्यूरो चीफ संजय जैन~~




 कल से देश में लागू हिट एंड रन कानून में किए गए बदलाव का प्रदेश में जमकर विरोध हो रहा है। कल से इस कानून के विरोध में पूरे प्रदेश में बस-ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर हैं। नए साल के मौके पर लोग घूमने निकले हैं और अधिकतर जिलों में बसों के पहिए थम गए हैं। झाबुआ जिले में भी बसों के पहिए थम गए हैं। कल सुबह से ही बसों और ट्रकों के चालक-परिचालक अपने-अपने वाहनों को खड़ा कर हड़ताल पर चले गए। जिसके चलते बस स्टैंड और यात्री प्रतीक्षालय पूरी तरह से सुनसान रहा। कल यात्री बेहद परेशान हुए,जबकि अभी तक यह तय भी नहीं है की यह स्थिति कब तक बनी रहेगी....? सरकार को इस पर जल्द ही फैसला लेना होगा अन्यथा स्थिति आगे चलकर भयावह रूप ले लेगी,जिसकी पूरी-पूरी सम्भावना साफ नजर भी आ रही हैं।


मजबूर होगा संघ उग्र आंदोलन करने पर.................

मप्र ड्राइवर महासंघ ने सरकार द्वारा लाए गए ड्राइवरों के लिए नए कानून, जिसमें एक्सीडेंट होने पर चालकों को 10 वर्ष का कारावास और सात लाख रुपये का जुर्माना का प्रावधान रखा गया है। इस नए कानून का विरोध कल सड़कों पर देखने को मिला। संघ का कहना है कि सरकार इस कानून को वापस नहीं लेगी,तो कल तक संघ शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध करता रहेगा। अगर आगे सरकार हमारी जायज मांगों को नहीं मानेगी तो तीन जनवरी बाद चालक और परिचालक संघ उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगा।


रहेंगे तीन जनवरी तक हड़ताल पर ............................

जानकारी के मुताबिक,ड्राइवर तीन जनवरी तक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान बस और टैंकर के पहिए थमे रहेंगे। वहीं,पेट्रोल पंप पर टैंकर्स न पहुंच पाने के चलते समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल खत्म होने की खबर जैसे ही लोगों तक पहुंच रही है,वैसे ही लोग अपने-अपने वाहन लेकर पेट्रोल पंप पहुंच गए । संभावना जताई जा रही है कि तीन जनवरी तक जिले के सभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल समाप्त हो जाएगा।

ट्रकों की हड़ताल से जरूरी चीजों के दाम बढ़ेंगे...................

इस हड़ताल का आम आदमी पर सीधा असर देखने को मिलेगा। ट्रकों की हड़ताल होने से दूध,सब्जी और फलों की आवक नहीं होगी और कीमतों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रुक जाएगी,जिससे लोकल ट्रांसपोर्ट और आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत होगी।


सरकार नया हिट एंड रन कानून वापस ले-मप्र ड्राइवर महासंघ

भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन की नई पॉलिसी के विरोध में कल सोमवार को मप्र ड्राइवर महासंघ ने सरकार से 12 सूत्रीय मांग की है। हादसे घटित होने पर चालकों के विरुद्ध 10 साल की सजा और मोटी रकम की वसूली काले कानून जैसा है। प्रावधान परिवहन उद्योग को खतरे में डाल रहा है। हिट एंड रन कानून को वापस लेने के साथ 55 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना, हादसों में मृत होने पर 20 लाख, दिव्यांग होने पर 10 लाख और इलाज के लिए पांच लाख आर्थिक मदद की मांग की है। इसके अलावा आवास के लिए पांच लाख की मदद,बच्चों को उच्च शिक्षा जैसी मांगे भी महासंघ ने सरकार से की है। जब तक ऐसा काला कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। प्रस्तावित कानून में महत्वपूर्ण खामियां हैं,जिन पर तत्काल पुर्नविचार की आवश्यकता है। देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला परिवहन क्षेत्र और ट्रक चालक इस कानून के संभावित प्रभावों को लेकर बेहद आशंकित है। हालांकि हिट एंड रन की घटनाओं से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने के पीछे का इरादा अच्छा हो सकता है।

सरकार जल्द कुछ फैसला लेगी.....................

देखना होगा प्रशासन इन मांगों में से किन मांगों में सहमति जताती है। फिलहाल,ये हड़ताल अगर लंबी हुई तो गरीबों का खाद्यान्न,स्वास्थ्य सुविधाएं,बच्चों की शिक्षा, कारोबार, डीजल-पेट्रोल समेत सभी बुनियादी जरुरतें प्रभावित होने की संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि हिट एंड रन कानून समेत ड्राइवर महासंघ द्वारा 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार जल्द कुछ फैसला लेगी, जिससे प्रदेशव्यापी हो रही हड़ताल बंद हो और सभी वाहन चालक पुन: काम पर लौटे।
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