बड़वानी~टीईटी प्रकरण में ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट~~

रिटायर्ड चीफ जस्टिस रविशंकर झा करेंगे मप्र के शिक्षकों की पैरवी~~

प्रदेश के लगभग दो लाख शिक्षकों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर उत्पन्न गंभीर स्थिति के मद्देनजर मप्र ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने अपने पक्ष की प्रभावी पैरवी हेतु पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश तथा जबलपुर हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रविशंकर झा को अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया है। संगठन के नाम से सुप्रीम कोर्ट में लगाई जाने वाली इस याचिका की पैरवी श्री झा करेंगे। ऐसे में जिले सहित प्रदेश के टीईटी परीक्षा से प्रभावित शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद अब बंधी है।

संगठन के प्रदेश सचिव हेमेंद्र मालवीय बड़वानी एवं जिलाध्यक्ष कसरसिंह सोलंकी ने बताया कि प्रांतीय अध्यक्ष डी.के. सिंगौर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में दो दिनों तक विभिन्न वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा करने के उपरांत यह निर्णय लिया। ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स 
एसोसिएशन के जिला प्रवक्ता अशफाक शेख शेख, कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र जाधव ने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय है, अतः प्राथमिकता के आधार पर न्यायालयीन स्तर पर ही इसका निराकरण कराने का प्रयास किया जाएगा। इसी क्रम में संगठन द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जा रही है। संघ के जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र भावसार, राजेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष पूर्व में सुना ही नहीं गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि
न्यायालयीन प्रयासों के साथ-साथ एसोसिएशन द्वारा विधायी स्तर पर भी पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह सहित विभिन्न सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों से संपर्क कर उन्हें इस विषय की गंभीरता से अवगत कराया गया है, ताकि आवश्यक होने पर अध्यादेश अथवा नियमों में संशोधन कराया जा सके।

फोटो - पूर्व चीफ जस्टिस रविशंकर झा से याचिका को लेकर चर्चा करते पदाधिकारी।
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