धार~श्रीमद् भागवत कथा- श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया, धुुव्र चरित्र का किया वर्णन~~
सांवरिया सेठ मंदिर में हो रहा आयोजन, पंडित व्यास कर रहे कथा वाचन~~
धार~( डॉ. अशोक शास्त्री )
धार। स्थानीय त्रिमूर्ति नगर स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर पर 18 महापुराण समिति द्वारा आयोजित पुराणों की शृंखला में पंचम महापुराण श्रीमद भागवत महापुराण में बुधवार को व्यास पीठ पर विराजित प्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित रमाकांत व्यास ने धुव्र चरित्र के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान को प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती है। ध्रुव ने अपने मन में दृढ़ संकल्प कर लिया था कि मुझे भगवान को प्राप्त करना है और उसी संकल्प को ध्यान में रखते हुए वनवास में तपस्या करते हुए भगवान को प्राप्त किया। इसके पश्चात अजामिल की कथा और हिरन्यकश्यप के वध की कथा विस्तार से बताए हुए भक्त प्रह्लाद का जीवन चरित्र विस्तार से समझाया।
धूमधाम से मनाया कृष्ण जन्मोत्सव
व्यासपीठ पर विराजित पंडित श्री व्यास ने जब भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बारे में विस्तार पूर्वक कथा सुनाई तो पांडाल में धर्म प्रेमी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट में पूरा हाल गुंजायमान कर दिया। श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि कंस की कारागार में भादौ मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उनका लालन-पालन नंद बाबा के घर में हुआ था, इसलिए नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। श्रीकृश्ण जन्मोत्सव के समय व्यास पीठ के समक्ष माखन मिश्री से भरी हांडी फोड़ी गई। व्यासपीठ से पंडित जी ने भक्तों ने जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कथा श्रवण कर भक्तों को प्रसाद स्वरूप ड्राई फ्रूट, सिक्के, चॉकलेट से भरी थैलियों का वितरण किया। छोटे-छोटे बच्चों को खिलौनों का वितरण किया गया। जैसे ही मंदिर सभाकक्ष में बाबा नंद और यशोदा मैया नन्हें श्रीकृष्ण को टोकनी में लेकर प्रविष्ट हुए तो पूरा परिसर लोगों ने करतल ध्वनि से भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत करते हुुए पुष्पवर्षा की। नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल के जयकारों से गुंजायमान हो गया। बाबा नंद का वेश 18 महापुराण समिति प्रमुख अशोक मनोहर जोशी तथा माता यशोदा का वेश श्रीमती सोनिया अशोक जोशी ने रचा था। 18 महापुराण समिति के अध्यक्ष स्वयं प्रकाश सोनी एवं सदस्य डॉ अशोक शास्त्री ने बताया कि सांवरिया सेठ में चल रही कथा का समापन 25 नवम्बर को होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर कथा श्रवण कर धर्मलाभ लेने की अपील की है।


Post A Comment: