झाबुआ~जिले से लगभग 80 हजार ग्रामीण रोजगार के लिए करते हैं पलायन-सीमित रोजगार के संसाधनों ने बढ़ाया है मजदूरों के पलायन की समस्या को ~~
दीपोत्सव संग लोकतंत्र के उत्सव का उल्लास-इस बार मतदान बढ़ने की उम्मीद,पलायन पर गए ग्रामीण दीपावली पर घर लौटें~~
झाबुआ। ब्यूरो चीफ -संजय जैन~~
जिले से हर साल लगभग 80 हजार ग्रामीण रोजगार के लिए सीमावर्ती राजस्थान के साथ ही गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र राज्य में पलायन कर जाते हैं। इस बार दीपोत्सव 12 नवंबर से है और काम पर गए सभी ग्रामीण इसके पहले ही अपने घर लौट आए हैं। उधर, मतदान 17 नवम्बर को होना है और इस समय तक ग्रामीण गांव में ही होंगे,ऐसे में ये लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र के इस महोत्सव में भागीदारी बनेंगे। जिले के मतदाता इस बार 2018 के विधानसभा चुनाव में हुए मतदान के रेकॉर्ड को तोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। इसकी बड़ी वजह दिवाली त्योहार के तुरंत बाद मतदान होना है। दिवाली के समय पलायन पर गए ग्रामीण वापस घर लौट आए हैं,लिहाजा लोकतंत्र के उत्सव में उनकी सहभागिता तय है। यही वजह है कि बीते चुनावों के मुकाबले मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा। प्रशासन भी इसको लेकर खासा तैयारी कर रहा है।
जताई जा रही मतदान बढ़ने की उम्मीद ........................
जिले में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार के विधानसभा चुनाव में मतदान बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही हैं। इसकी मुख्य है यह है कि मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव दीपावली त्योहार के तुरंत बाद होना है। जिले के ग्रामीण रोजगार के लिए पलायन कर जाते हैं और तीज त्योहार पर परिवार के साथ घर लौटते हैं। लिहाजा लोकतंत्र के उत्सव में उनकी भागीदारी तय है। यही वजह है कि इस बार जिले में मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा। प्रशासन भी इसको लेकर खास तैयारी में जुटा हुआ है।
सीमित रोजगार के संसाधनों ने बढ़ाया है मजदूरों के पलायन की समस्या को .....................
जिले में सीमित रोजगार के संसाधनों ने मजदूरों के पलायन की समस्या को बढ़ाया है। इस समस्या से निदान को लेकर ही शायद लोगों ने हर बार नए चेहरे को अवसर दिया। गुजरात व राजस्थान की सीमा से लगे जिले में पलायन की समस्या ने लोगों में असंतोष की स्थिति निर्मित कर दी है। लोगों ने तो इस बार चुनाव में ऐसे प्रतिनिधि को लेकर चुनने का विचार बनाया है,जो क्षेत्र में मजदूरों के पलायन की समस्या को न सिर्फ रोके बल्कि नए उद्योगों को क्षेत्र में लाए। रोजगार के साथ ही लोगों ने क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं पर भी अपने विचार खुलकर रखे। लोगों ने बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत आवश्यकताओं के साथ ही रोजगार को इस बार प्रमुख मुद्दा बनाया है। लोगों में मतदान को लेकर उत्साह तो है साथ ही वे अपने वोट का उपयोग सोच-समझ कर करना चाहते हैं।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से ज्यादा होता है पलायन........................
जिले में कई गांव आदिवासी बाहुल्य है। इन्हीं इलाकों से रेाजगार के लिए बड़ी संख्या में युवा अन्य राज्यों में पलायन करते हैं। ऐसे में ये युवा दीपावली के त्योहार पर लौट आए हैं। लिहाजा इन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने ये हो रही कवायद.........................
-स्कूल-कॉलेज में कैंपस एंबेसडर बनाए गए,जिनके जरिए लोगों को मतदान का महत्व बताने के साथ अनिवार्य रूप से मतदान करने का आह्वान किया जा रहा है।
- सभी ग्राम पंचायतों में मतदाता जागरूकता से जुड़े बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं।
-सामाजिक संगठनों की भागीदारी के माध्यम से लोगों को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा है।
-मैदानी अमले को खास तौर से ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे ग्रामीणों को मताधिकार का महत्व बता सकें।
- स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
उद्योग और कृषि के क्षेत्र में बढ़ावा दिया जाए..................
उद्योग और कृषि के क्षेत्र में बढ़ावा दिया जाए, निश्चित रूप से यह एक विकराल समस्या के रूप में है। इस क्षेत्र की शिक्षा भी खासी पिछड़ी हुई है। इस तरफ किसी तरह का कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जबकि बच्चों के एडमिशन भी स्कूलों में दर्ज हैं। यदि शिक्षा को लेकर सही तरीके से काम हो तो निश्चित रूप से समस्या खत्म हो जाएगी।
जमीन का सदुपयोग नहीं हो पा रहा .....................
पलायन को रोकने के लिए कृषि के क्षेत्र में सुविधा बढ़ाना बहुत कारगर सिद्ध होगा। यहां जो भी मजदूर वर्ग है उनके पास थोड़ी बहुत जमीन जरूर है। लेकिन उस जमीन का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। क्योंकि अभी भी जो नहरे हैं उनका काम लगातार चल रहा है। यदि सिंचाई संसाधन बेहतर हो जाए तो भी काफी हद तक पलायन रुक सकता है।
गांव में ही काम मिले................
जनता को गांव में ही काम मिले,इसके लिए जो सरकार द्वारा योजनाएं चलाई जा रही हैं जैसे मनरेगा या फिर अन्य योजनाएं उनकी मॉनिटरिंग होनी चाहिए। क्योंकि उन योजनाओं से भी कई लोगों को रोजगार मिल सकता है। इसके अलावा पंचायत स्तर पर भी छोटे रोजगार खोले जाएं।
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पलायन एक बड़ी समस्या...................
पलायन एक बड़ी समस्या है,जिसे रोकना बहुत ज्यादा जरूरी है। इसके लिए चाहिए की बड़े उद्योग स्थापित किए जाएं,ताकि लोगों को अपने घर पर ही रोजगार के अवसर मिल सके। इसके लिए शिक्षा के स्तर में भी सुधार की जरूरत है। सुविधाएं मिलने से निश्चित ही क्षेत्र में पलायन रुक सकेगा।








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