धार~महाकाल लोक में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग~~
भक्त कमलनाथ की सेवा से प्रसन्न होकर हनुमान जी ने हवा चलाकर सारी सच्चाई की उजागर- जिला अध्यक्ष~~
धार. ( डॉ. अशोक शास्त्री )
अक्टूबर 2022 में जब प्रधानमंत्री ने महाकाल लोक का उदघाटन किया था, तो झूठ की राजनीति करने वाली भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को श्रेय देने से इंकार कर दिया था। लेकिन अब जब बजरंगबली के भक्त कमलनाथ की सेवा से प्रसन्न होकर पवन पुञ हनुमान जी ने हवा चलाकर सारी सच्चाई उजागर कर दिया। सिलसिलेवार तथ्यों को जानने पर ही सबको पता चल जाएगा कि महाकाल की महिमा का भव्य निर्माण करने का संकल्प कमलनाथ का ही था और महाकाल लोक के नाम पर खुद का प्रचार करने और जमकर घोटाला करने का संकल्प कमीशनराज मामा का था। उक्त बातें शनिवार को कांग्रेस भवन पर आयोजित पञ परिषद में जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल किशोर पाटीदार ने कही। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष मुजीब कुरैशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष टोनी छाबडा मौजूद रहे।
भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ जरूर हुआ
जिला अध्यक्ष पाटीदार ने कहा कि जब पापियों के पाप का घड़ा भर जाता हैं, तो भगवान स्वयं माया रचकर पाप का भंडाफोड़ देते हें, बीते रविवार उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में भी ऐसा ही प्रतीत हुआ है। उस दिन 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा जिसे विज्ञान की भाषा में तेज आंधी या तूफान माना जा सकता, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए महाकाल लोक की भ्रष्टाचार से बनाई गई मूर्तियां गिर गई। श्रद्धालु जानते है कि इससे हिंदुओं की आस्था के केंद्र भगवान महाकाल के मुख्य मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ, किंतु महाकाल की कृपा से शिवराज मामा के भ्रष्टाचार का जरूर भंडाफोड़ हो गया है। पञ परिषद की शुरुआत में ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे में मृत लोगों की आत्मा का शांति देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया था।
आनन-फानन में किया उद्घाटन
प्रदेश महासचिव कुलदीप सिंह बुंदेला ने बताया कि दिनांक 4 सितंबर 2018 को शिवराज सरकार ने योजना बनाई थी, जिसकी अनुमानित लागत 97 करोड़ रुपए रखी गई थी। किंतु कमलनाथ सरकार ने राशि को अपर्याप्त मानते हुए राशि को बढाकर 300 करोड किया था। एफआरपी की प्रतिमाओं की मजबूती हेतु आंतरिक लोहे का ढांचा बनाया जाता हैं, जो महाकाल लोक की प्रतिमाओं में नहीं बनाया गया। प्रतिमाओं के निर्माण में उपयोग की जाने वाली नेट की मोटी 1200 से 1600 ग्राम जीएसएम की होना चाहिए, किंतु लोक में स्थापित की गई प्रतिमाओं में 150 से 200 ग्राम जीएसएम की चाईनीज नेट उपयोग की गई। बुंदेला के अनुसार दिनांक 11 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री मोदी ने महाकाल लोक का आनन-फानन में उद्घाटन किया और घोषणा की थी कि ये मूर्तियां न कभी गिरेगी और न ही कभी बदरंगी होगी। प्रधानमंत्री के दावे को चुनौती देते हुए एक माह बाद स्मार्ट सिटी प्रशासन ने पीयू कलर्स लेदरकोर्ट प्रायमर का टेंडर निकाला, मूर्तियों के इतने कम समय में बदरंग होने की वजह निविदा शर्त के अनुसार मूर्तियों की घिसाई न होना और पीयू रंग का पर्याप्त इस्तेमाल न होना है।
25 फी की प्रतिमा 4 लाख में
संभागीय प्रवक्ता रेवतीरमन राजुखेडी ने बताया कि उज्जैन शहर में ही एक ही तरह की एक ही ठेकेदार द्वारा लगायी गई मूर्तियों निर्माण की लागत में व्यापक अंतर सामने आया हैं, उज्जैन के स्थानीय सिंधी समाज द्वारा 25 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण 4 लाख 11 हजार में करवाया गया। जबकि महाकाल लोक में 15 फीट ऊंची प्रतिमा का भुगतान 10 लाख में किया गया। साधारण गणित के आधार पर 15 फीट ऊंची प्रतिमा की कीमत लगभग 3 लाख रुपए होना चाहिए। कांग्रेस की और से मांग रखी गई कि हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से महाकाल लोक घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि अपराधियों और पापियों को दंड मिल सके।


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