झाबुआ~ये केसी व्यवस्थाए....? चुनावी वर्ष और झाबुआ में प्रशासन नाम की कोई चीज है या नही~~

आधार कार्ड अपडेशन के लिए भूखे प्यासे घंटों इंतजार और जूते चप्पल लाइन में लगाने के बाद भी नही बन पा रहे आधार कार्ड~~

पोस्ट ऑफिस के पीछे बैठे एजेंट 150 रुपये लेते है और काम हो जाता है कैसे~~

झाबुआ। ब्यूरो चीफ -संजय जैन~~



 चुनावी वर्ष और झाबुआ में प्रशासन नाम की कोई चीज है या नही या क्या प्रशासन सो रहा है....? तभी तो भूखे प्यासे देर रात से शासन के महत्वपूर्ण दस्तावेज आधार कार्ड अपडेशन के लिए बेचारे ग्रामीण रातभर लाईन में अपने जूते चप्पल लगाकर बैठे रहते है,उनके भविष्य का महत्वपूर्ण दस्तावेज बन जाए,किसी भी तरह से इसी आस में............ शाम ढलने तक वो इंतजार ही करता हुआ नजर आ रहा है और इंतजार करते करते उसका नंबर आता ही नही है। ग्रामीण आधार अपडेशन और इसमें गलती सुधरवाने के लिए पोस्ट आफिस पहुंच रहे हैं। जिले में 16 के लगभग केंद्र हैं। सभी केंद्रों पर यही स्थिति है। स्कूल शुरू होने के पहले हर साल ऐसा होता है।

वातानुकूलित कक्ष से बाहर निकल कर तो देखे प्रशासन..............
भरी गर्मी में दिन-रात ग्रामीण नम्बर लगा कर पूरी रात निकाल रहा है। लेकिन प्रशासन की आज तक इस पर कोई गंभीरता ही नही देखी जा रही है। प्रशासन कम से कम एकाध बार अपने वातानुकुल कक्ष से कड़ी धुप में बाहर निकल कर देखने की जहमत तो करे। इसके बाद ही उन्हें ज्ञात होगा की आधार कार्ड अपडेशन के लिए नागरिकों को कितनी मशक्कत करनी पड़ रही है....? इन दिनों देखा भी जा रहा कार्यालयीन समय के बाद भी घंटों तक जिला मुखिया वातानुकुल कक्ष में बैठक लेती रहती है।

कर्मचारियों का बुरा बर्ताव बन रहा है परेशानियों का कारण.......................
मशक्कत तो ठीक,यहां बैठे कर्मचारियों के बुरे बर्ताव को भी उन्हे सहन करना पड रहा है। ऐसा लगता प्रशासन भी शायद सोया हुआ है और यहां के नेता भी, उनसे वोटों की भीख मांगने चले आएंगे,चुनाव के आते से ही। यह भी कह सकते है की सारे नेता अपना अपना उल्लू सीधा करने हेतु कुकुरमुत्तों की तरह उग आएंगे चुनाव के आते से ही,जनता उन्हे फिर जवाब अवश्य देंगे भी।

आधार अपडेट कराने सुबह 3 बजे से आ गए।...............
पोस्ट आफिस में कर्मचारी सुबह आने के बाद काउंटर से हर दिन 15 महिला और 15 पुरुषों को टोकन देते हैं। दिनभर में इनका काम होता है। बाकी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। शंकर दाहमा कोटड़ा से बेटे सुकमा का आधार अपडेट करवाने सुबह 3 बजे से आ गए। गडवाड़ा के कम्मा भूरिया पत्नी के साथ सुबह 4 बजे आकर कतार में खड़े हो गए। दोनों में से किसी को टोकन मिल जाए तो ढाई साल की बेटी का आधार कार्ड बन जाएगा। देवझिरी पंडा से आए राजू ने बताया तीन दिन से आ रहे हैं।

डोर टू डोर कैंपेन बेहद जरूरी.................
जी हां हम बात कर रहे झाबुआ नगर में स्थित पोस्ट ऑफिस में बनने वाले आधार कार्ड की,जहां शाम 6 बजे से ही दूर दराज से आकर ग्रामीण आधार कार्ड अपडेशन के लिए लाइन में लग जाते है और रात भी वहीं गुजार रहे है। दिन भर कड़ी धूप में खडे रह कर कार्ड बनवाने के लिए वे भारी मशक्कत कर रह रहे है। इस कार्य हेतु डोर टू डोर कैंपेन बेहद जरूरी है । राशन कार्ड में नाम अपडेट करने,स्कूलों में एडमिशन और छात्रवृत्ति खाता लिंक करने के साथ सभी सरकारी योजनाओं में आधार का काम पड़ता है। 10 साल से अधिक पुराने सभी आधार कार्ड अपडेट किए जाना है,इस कारण भी भीड़ बढ़ने की संभावना है।


भेज देते है एजेंटों के पास.............
आधार कार्ड सेंटर पर जो कर्मचारी विराजमान है वे आधार कार्ड में जन्म दिनांक,मोबाइल नम्बर,जाति में ,नाम में आदि बदलाव करवाना हो तो भोले भाले ग्रामीण नागरिकों को एजेंटों के पास भेज देते है। एजेंट यह कार्य करने के लिए 150 तक रुपए ले रहे है। यह एजेंट इतनी अभद्रता से ग्रामीणों से बात करते है कि जैसे की वो कोई अछूत हो। आधार कार्ड सेंटर में महिला कर्मी का भी ग्रामीणों से बर्ताव ठीक नही है। हमारी टीम ने एजेंट के सेंटर पर पहुंचकर लोगों के साथ हो रहे इस अमानवीय बर्ताव को देखा भी है।


कहां है प्रशासन और नेता नगरी...?
स्कूल और शासन की महती योजनाओं का लाभ लेने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज आधार कार्ड है। कोई भी काम हो वहां आधार कार्ड अनिवार्य होता है। ऐसे में भूखे प्यासे ग्रामीणों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद आधार कार्ड ना बने तो इसे क्या कहेगे....? नगर में ही जिला कलेक्टर कार्यालय है ,पूरा प्रशासन भी यहीं है लेकिन क्या किसी को भी इन ग्रामीणों की परेशानी दिखाई नही दे रही है....? दिखाई देगी भी कैसे उन्हें फुर्सत तो मिले वातानुकूलित कक्ष में घंटों चलने वाली मीटिंग से और वहीं दूसरी ओर जिन नेताओं ने गरीब ग्रामीणों के नाम पर वोट मांग कर अपनी दुकानदारी चला रखी है वो भी कही नजर नही आ रहे है। ऐसे में ग्रामीण अपनी परेशानी लेकर जाये तो कहां जाए कहां ....? उन्हे तो कह दिया जाता है,आधार कार्ड में ये अपडेट कराओ नही तो तुम्हारा काम नही होगा। गौरतलब है किसी को कोई फर्क नही पड़ता है चाहे वो प्रशासन हो या फिर नेता। सब के सब लक्ष्मी यंत्रों के पीछे ही भाग रहे है,अब जब चुनाव आएंगे तब ही इन्हें ग्रामीणों की याद आयेगी।

अलग से प्रोजेक्ट है आधार कार्ड हेतु......................
प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के स्कूलों में उपरोक्त कार्य हेतु अलग से एक प्रोजेक्ट आया है,लेकिन इस प्रोजेक्ट का कहीं अता-पता ही नही है। यहाँ तक की जिम्मेदार अधिकारी को भी इसके बारे में कोई जानकारी ही नही है। मान लेते है कि अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट की जानकारी भी है तो ग्रामीणों तक इस जानकारी को पहुंचाने के लिए इन्होंने किस माध्यम से प्रचार प्रसार किया इसके बारे में ही बता देवे।

सेक्टर वाइज बढ़ाने होंगे आधार कार्ड सेंटर................
झाबुआ में पोस्ट आफिस में आधार कार्ड अपडेशन के लिए आने वाले ग्रामीणों शाम 6 बजे से लाइन लगाना पड़ रहा है और वे रात भर वही सो रहे हैं। रोज 500 से जादा लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए आते हैं। लेकिन सिर्फ 30 लोगों का आधार कार्ड बन रहे हैं। जिसमे 15 महिला और 15 पुरुष के कार्ड टोकन के माध्यम से बनाये जा रहे है। बाकी लोग रात-रात भर परेशान होते रहते हैं। आधार सेंटर 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुलना चाहिए लेकिन यहां पर 11बजे आकर 1 बजे बंद करके चले जाते है। मात्र 30 आधार कार्ड बनाकर,मोबाइल नंबर अपडेट,नाम सही या और कुछ करवाना हो तो इसके लिए 150 रुपए ले रहे है। साथ ही ग्रामीणों से बेहद बदतमीजी से बात करते हैं। सेंटर पर एक महिला कर्मी भी है,जिससे अगर कोई ग्रामीण कुछ पुछते है तो वह बेहद बुरा बर्ताव करती है। अगर थोडी कहा-सुनी हो जाती है,तो महिला कर्मी का पति आकर ग्रामीणों से अभद्रता और विवाद करता है। मैं जिला प्रशासन को अवगत कराना चाहता हु आधार कार्ड बनाने के लिए सेक्टर वाइज सेंटर बढ़ाने चाहिए,जिससे ग्रामीणों की समस्या हल हो जाये।
..................विजय डामोर-जयस,जिलाध्यक्ष-झाबुआ

हमारे कार्यक्षेत्र में नही आधार कार्ड....................
लोक सेवा केंद्र के तहत आधार कार्ड नही बनाये जाते है। पहले कभी लोक सेवा केंद्रों से आधार कार्ड बनते थे,लेकिन अब निश्चित सेंटरों से ही यह कार्ड बनाये जा रहे हैं।
...............संत कुमार चौबे-लोक सेवा केंद्र अधिकारी-झाबुआ

सभी उमावि में बनाये जा रहे है आधार कार्ड................
इस कार्य हेतु कोई प्रोजेक्ट आया है इसकी मुझे कोई जानकारी नही है। सभी उमावि स्कूलों में आधार कार्ड बनाये जा रहे है। ग्रामीणों को वहाँ जाकर आधार कार्ड अपडेशन का कार्य करवाना चाहिए। हम जल्द ही इसके लिए प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को अवगत कराएंगे।
............................निशा मेहरा-सहायक आयुक्त-जनजातीय विभाग-झाबुआ

पोस्ट ऑफिस वालों से बात करेंगे..............
जिले में अभी लगभग 15-16 सेंटर चल रहे हैं। पोस्ट ऑफिस वालों से इस बारे में चर्चा कर हल निकालेंगे। सेंटर बढ़ाए जाने को लेकर जो भी हो सकता है, वो करेंगे।
................तन्वी हुड्‌डा,कलेक्टर-झाबुआ





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