खिलेडी/नागदा~~राजनीति चापलूसी व चाटूकारिता सिखाती है जबकि सामाजिक संगठन हक के लिए लड़ना व स्वाभिमान बचाना सिखाता है~~
हमारे खून में नेतृत्व का गुण है, हमें किसी पद की जरूरत नहीं है लेकिन आज की पीढ़ी अपने इतिहास को भूल कर पार्टी के छोटे-मोटे पद में फुले नहीं समा रही है। इतिहास का संरक्षण करना सीखो। आजादी के बाद बॉलीवुड ने क्षत्रियों की भूमिका अत्याचारी, बलात्कारी व डाकुओं के रूप में प्रदर्शित की है।राजनीति करनी चाहिए लेकिन वह चापलूसी और चाटुकारिता सिखाती है,जबकि सामाजिक संगठन हक के लिए लड़ना व स्वाभिमान को बचाना सिखाता है।राजपूत करणी सेना एक तूफान का नाम है,इतिहास बनाने का नाम है।आपको गर्व होना चाहिए कि हम उस कोख से पैदा हुए हैं की धरती व भारत वर्ष के अंदर 36 करोड़ देवताओं ने भी क्षत्राणी की कोख से जन्म लिया है। इतिहास ऐसे ही गुणगान नहीं करता है,सिर कटने के बाद भी धड़ लड़ते रहे हैं।
उक्त ओजस्वी विचार श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने नागदा में महाराणा प्रताप एवं पृथ्वीराज सिंह चौहान की जयंती के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। विशेष अतिथि प्रदेश कांग्रेस महामंत्री शरद सिंह सिसोदिया ने कहा की महाराणा का इतिहास पढ़ लेंगे तो दूसरा इतिहास पढ़ने की आवश्यकता नहीं होगी। क्षत्रिय जिस बात को ठान ले वह करके रहते हैं। क्षत्रिय कुल में जन्म लेना अपने लिए फक्र की बात है लेकिन महापुरुषों के आचरण को आत्मसात कर अपनी संस्कृति व धर्म को संरक्षित रखा जा सकता है।युवा पीढ़ी को अपने इतिहास व कर्म में ध्यान देने की नितांत आवश्यकता है। ओजस्वी कवि दर्शन लोहार ने हथियारों में मां भवानी मांगता है देश, माला और भाला दोनों रखने वाले हैं, रचना सुनाकर सदन में जोश भर दिया। अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी कमल सिंह पटेल ने की। विशेष अतिथि के रूप में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सहेंद्र सिंह रिंकू बना, महिला इकाई प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनजीत कुंवर, प्रदेश प्रवक्ता अंजू कुंवर सोलंकी, अखिल भारतीय युवा क्षत्रिय महासभा मलखान सिंह मोरी, निर्भय सिंह पटेल, जयवर्धन सिंह गौतम, रतन सिंह गोहिल, लाखन सिंह डोडिया,जनपद सदस्य राजेंद्र सिंह पटेल, भुवान सिंह सोलंकी, लाखन सिंह नवासा, भैरू सिंह सोलंकी, मुकेश फौजी, कमल सिंह परिहार, हटे सिंह तंवर आदि अतिथि के रूप में मंचासीन थे । अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के शंभू सिंह चावड़ा एवं हुकुम सिंह तंवर ने केसरिया दुपट्टा पहनाकर किया। स्वागत उद्बोधन करणी सेना जिला अध्यक्ष केवल सिंह चावड़ा ने दिया।
*शौर्य यात्रा का किया रास्ते भर स्वागत*
प्रारंभ में फोर लाइन स्थित राजपूत धर्मशाला से शौर्य यात्रा प्रारंभ की गई। बैंडबाजों व डीजे के साथ निकली शौर्य यात्रा में अनेक युवा केसरिया ध्वज लेकर चल रहे थे। सुसज्जित बग्गी मैं महाराणा प्रताप का आदम कद तेल चित्र एवं महंत गुलाब गोकरण स्वामी विराजमान थे।अधिकांश राजपूत सरदार एवं युवाओं ने राजपूती पोशाक के साथ साफा बांध रखा था। नगर भ्रमण के दौरान रास्ते भर अनेक संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं ने मंच लगाकर विभिन्न माध्यमों से शौर्य यात्रा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। मंचीय कार्यक्रम स्थानीय कृषि उपज उपमंडी प्रांगण में संपन्न हुआ। मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती, महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज सिंह चौहान की तश्वीर पर दिप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण किया गया। मंचासीन अतिथियों द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। आयोजन समिति की ओर से समस्त अतिथियों को महाराणा प्रताप की तस्वीर स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की गई ।कार्यक्रम का संचालन गोवर्धन सिंह डोडिया खिलेडी ने किया। आभार शंभू सिंह चावड़ा ने माना।



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