धार~निभाया संकल्प- निधन के बाद मानव कल्याण के लिए बुजुर्ग की देह दान~~

इंदौर मेडिकल कॉलेज भेजी देह, नेत्र-चमड़ी-अंग दान से मिलेगा दूसरों को जीवन~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )। 

जीवंत रहने के दौरान मानव कल्याण के लिए लिया गया देहदान का संकल्प मरणोपरांत निभाया गया। शहर के जैन परिवार में बुजुर्ग सदस्य हिम्मतलाल जैन के निधन के पश्चात परिजनों ने उनके द्वारा लिए गए संकल्प को पूर्ण करते हुए उनकी देह इंदौर हॉस्पिटल को सौंप दी है। बुजुर्ग की देह से चमड़ी, नेत्र सहित अन्य अंग कई जरूरतमंद बीमार लोगों के जीवन में एक नया रंग भरेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी देहदान के प्रति जागरूकता लाने के लिए मन की बात में यह बात कह चुके है।
परिवार के 9 सदस्यों ने भी लिया संकल्प
देश के प्रधानमंत्री के आह्वान के पूर्व ही धार में 23 मार्च को शहीद भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर धार मानव कल्याण सेवा समिति द्वारा नेत्रदान, देह, अंग दान व रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में दिवंगत हिम्मतलाल जैन के परिवार के अन्य 9 सदस्यों ने भी देह दान का संकल्प लिया था। एक ही परिवार में 10 लोगों के देह दान के संकल्प के पश्चात पहला देहदान परिवार के दिवंगत हिम्मतलाल जैन ने किया।
समिति ने दी श्रद्धांजलि
रविवार को मॉडल स्टोर व्यवसायिक प्रतिष्ठान के संचालन परिवार से जुड़े हिम्मतलाल जैन का निधन हो गया था। धार मानव कल्याण सेवा समिति ने संकल्पित परिवार के दिवंगत श्री जैन को श्रद्धांजलि दी। वहीं परिवार को साधुवाद दिया है। उल्लेखनीय है कि धार में पहली मर्तबा मानव कल्याण के विचार को ध्यान में रखते हुए शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। बड़ी संख्या में नेत्रदान के संकल्प लिए। वहीं देहदान के लिए भी लोग आगे आए थे।
मान्यताओं से आगे मानव कल्याण विचार
देहदान के संकल्प को आकार देने के साथ जैन परिवार ने संपूर्ण जिले को कदम आगे बढ़ाने के लिए एक संदेश दिया है। दरअसल दाह संस्कार के साथ मोक्ष की प्राप्ति की मान्यता समाज में स्थापित है। इस मान्यताओं से परे मानव कल्याण के विचार को मन में रखकर संकल्प पत्र भरना और उसके पश्चात संकल्प के तहत देह को समर्पित करना निश्चित ही देवतुल्य मानव कार्य है।
Share To:

Post A Comment: