धार~जिले को मिले 700 से अधिक नवीन शिक्षक, गुणवत्ता सुधार की उम्मीद बंधी~~

प्राथमिक शालाओं में ही 600 से अधिक शिक्षकों ने की नियुक्ति, मावि-हाईस्कूल को भी मिले शिक्षक~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )। 

जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के प्रयासों को शिक्षकों की नियुक्ति का संबल मिला है। नवीन शैक्षणिक सत्र के लिए जिले के प्राथमिक, मावि और हाईस्कूल के लिए करीब 700 से अधिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके है। बीते कुछ दिनों से आदिम जाति कल्याण विभाग में भीड़-भाड़ देखी जा रही है। कतारों में लगकर शिक्षक अपने नियुक्ति के पत्र ले रहे हैं। नवीन नियुक्तियों में 600 से अधिक शिक्षक सिर्फ प्राथमिक शालाओं के लिए ही नियुक्त किए गए है। यह वह शिक्षक है तो परीक्षा पास करने के पश्चात लंबे समय से अपनी नियुक्ति की उम्मीद बांधकर बैठे थे।
प्रदेश में 50वें नंबर पर धार
ेशिक्षकों की नियुक्ति के पश्चात नवीन शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने की उम्मीदें बंध गई है। इससे प्रदेश में जिले की तिमाही शैक्षणिक रैंकिंग में भी सुधार होगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक 3 माह में अलग-अलग मानकों पर शैक्षिक रैंकिंग की जाती है। दुख की बात है कि धार जिला पिछली दो रैंकिंग में सबसे खराब प्रदर्शन वाले जिलों में शुमार रहा है। पहले 51 जिलों की सूची में 45वें नंबर पर खिसका उसके बाद सीधे 50वें नंबर पर पहुंच गया है।
कक्षा मर्ज करके पढ़ाते है
जिले में नवीन शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। नवीन पुस्तकें बेहतर है और बच्चों को कक्षा पहली से ही काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। जहां पाठ्य पुस्तकें सरल और अधिक जानकारीवर्द्धक बनाई गई है। पाठ्यक्रम परिवर्तन हो गया, किंतु शिक्षकों की कमी की समस्या बनी हुई थी। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अंदरूनी इलाकों में स्थिति और खराब थी। कई प्राथमिक शालाओं में बच्चों की कक्षाएं मर्ज करके एक साथ पढ़ाई करवाई जाती थी। इससे बच्चों का नुकसान होता था। अब प्रत्येक कक्षा के लिए एक शिक्षक होगा। इससे बेहतर पढ़ाई कराई जा सकेगी।
कोई गर्भकाल में तो कोई नन्हें को लेकर पहुंचा
परीक्षा देने के पश्चात लंबे समय बाद वर्ग-1, 2 व 3 के शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिले है। इस बीच कई महिलाओं की शादियां हो गई और वह ससुराल पहुंच गई है। नियुक्ति पत्र लेने के दौरान नव शिक्षकों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। वहीं दिक्कतों को लेकर विचार-मंथन भी देखा गया। दरअसल कई लोगों की ऐसे स्थान पर पोस्टिंग है जहां से आना-जाना नहीं किया जा सकता। बदनावर में ब्याही महिला की सरदारपुर के अंदरूनी इलाके में पोस्टिंग हुई है। उन्हें अब ससुराल छोड़कर पति के साथ सरदारपुर में ही किराये का कमरा लेना पड़ेगा। वहीं कुछ दो-तीन महिलाएं अपने दो-तीन माह के नन्हें बच्चे को लेकर पहुंची थी। नौकरी मिलने की खुशी है, लेकिन नन्हें बच्चे को छोड़कर स्कूलों में पढ़ाने की व्यवस्था का असमंजस्य नंबर आने के इंतजार के दौरान परिजनों के साथ आपसी चर्चा में सुनाई दिया। इधर कई गर्भवति महिलाएं भी नियुक्ति पत्र लेने पहुंची थी।
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