धार~अपना मप्र अपने लिये पुरा परिवार है जहा पर ऐसी घटना हो जाये परिवार के सदस्य को सहयोग व सहारे की जरूरत भाई के रूप मे मै खडा हूँ- मुख्यमंत्री~~
रालामंडल पहुंचे मुख्यमंत्री सडक हादसे मे मृत किसानों के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की,परिजनों को दी 4-4 लाख की तात्कालिक सहायता~~
धार । सोमवार रात्रि में रालामंडल से गेहूं लेकर राजगढ़ मंडी जा रहे किसानों की फोरलेन पर सड़क हादसे में दर्दनाक मौत के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मृतक परिवार के घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। सुबह करीब 10.30 बजे जैसे ही अचानक मुख्यमंत्री के आगमन की खबर प्रशासनिक अमले को लगी। वैसे ही प्रशासन बड़तोड़ तैयारियों में जुट गया तथा पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। महज तीन घंटे मे रालामंडल में हेलीपैड निर्माण सहित पूरी तैयारी कर दी गई। शाम करीब 6 बजे मुख्यमंत्री रालामंडल-कपास्थल मार्ग पर खेत में बनाए गए हेलीपैड पर पहुंचे। जहां उद्योग मंत्री राजववर्धन सिंह दत्तीगांव डीआईजी चंद्रशेखर सोलंकी,कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, एसपी मनोज कुमार सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार मेड़ा, धार विधायक नीना वर्मा, पूर्व मंत्री रंजना बघेल, पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया, संजय बघेल सहित भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री की अगवानी की।
हेलीपैड से सीधे मुख्यमंत्री काफिले के साथ रवाना हुए। जहां पर रास्ते मे कुछ दिन पूर्व सड़क हादसे में मृत जायसवाल दंपति के घर पर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त कर हादसे में घायल बालक के निःशुल्क उपचार कराने के लिये मौके पर अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा की इस दुःख की घड़ी में मैं आपके साथ हूं।
इसके बाद मुख्यमंत्री सोमवार को फोरलेन पर मृतक किसान मुन्नालाल लोधा के निवास पर पहुंचे। जहां पर मृतक मुन्नालाल एवं पुत्र नवदीप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। वही लोधा परिवार एवं दो अन्य मृतक किसानों के परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने मृतक की पत्नी के सिर पर हाथ रखते हुए कहा कि हादसा दुःखद था। मेरी संवेदना आपके साथ है। हादसे में खो चुके परिजनों को तो वापस नहीं ला सकते लेकिन संकट की इस घड़ी मे आपका भाई आपके साथ खड़ा है और आगे भी आपकी हर सहायता के लिये खडा हु। मुख्यमंत्री ने चारों किसानों के परिजनों को तात्कालिक सहायता के तौर पर चार-चार लाख की सहायता राशी के चेक भेंट किये। वही सीएम ने मृतक नवदीप के पुत्र को गोद मे बिठाकर दुलार किया। मुख्यमंत्री ने परिजनों से मुलाकात कर हादसे के संबंध मे जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया ।
मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया दुर्घटना बेहद ह्रदय विदारक हैै। मैंने जब इस हादसे के बारे मे सुना तो मन विचलित हो गया। मै उनका अभिभावक हूं। यदि पति नहीं है कोई सहारा नहीं है तो भाई है, इसी भाव से आया हूं। मुझे बहुत वेदना थी मुझे लगा की परिजनों से मिलना चाहिये।हम बहन के स्थाई रोजगार की व्यवस्था करेगे। वही तात्कालिक सहायता उपलब्ध करवाई है। बच्चे के लिये मुख्यमंत्री बाल आर्शीवाद योजना के अंतर्गत पेंशन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा की अपना प्रदेश अपने लिये पुरा परिवार है जहा पर ऐसी घटना हो जाये जहा पर परिवार के सदस्य को सहयोग व सहारे की जरूरत पडे वह बनना चाहिए। हम कोई अहसान नही कर रहे है यह हमारी ड्यूटी और कर्तव्य है।
शाम करीब 6.34 पर मुख्यमंत्री ने हेलीपैड से इंदौर के लिए उड़ान भरी।
इस दौरान एसडीएम राहुल चौहान, तहसीलदार दीपाली जाधव, नायब तहसीलदार रवि शर्मा, एसडीओपी रामसिंह मेडा, अमझेरा टीआई सीबी सिंह, सरदारपुर टीआई प्रदीप खन्ना, राजगढ़ टीआई कमल सिंह पंवार, जल संसाधन एसडीओ अशोक गर्ग, पीडब्ल्यूडी एसडीओ एलएन राठौड़, पीएचई एसडीओ नवलसिह भुरिया, पूर्व सांसद सावित्री ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधी सुनील गामड़, भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र रघुवंशी,भाजयुमो जिला कार्यसमिति सदस्य शुभम दिक्षीत सहित बडी संख्या मे जनप्रतिनिधी एवं भाजपा नेता उपस्थित थे।




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