झाबुआ~बाजार में गेहूं के रेट कम फिर भी समर्थन मूल्य पर बिक्री करने किसान केंद्र पर नहीं पहुंच रहे-अब तक मात्र 20 फीसदी किसानों ने गेहूं केंद्र पर बेचा~~
समर्थन को असमर्थन-नकदी न मिलने से रुचि नहीं, राशि खाते में आने में दो से तीन सप्ताह लग रहे~~
झाबुआ। संजय जैन~~
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए 23 खरीदी केंद्र खुले हुए हैं। इतने खरीदी केंद्र होने के बावजूद अब तक मात्र 15 खरीदी केंद्रों पर ही उपज बिक्री के लिए पहुंची है। अब तक पूरे जिले में मात्र 20 फीसदी 1 हजार 92 किसान खरीदी केंद्रों पर गेहूं लेकर पहुंचे हैं। अब तक 15 केंद्रों से लक्ष्य से मात्र 30 फीसदी 8 हजार 912 क्विंटल गेहूं की खरीदी हो सकी है,जबकि लक्ष्य लगभग 25 हजार क्विंटल का है।
बाजार में गेहूं के रेट कम फिर भी समर्थन मूल्य पर बिक्री करने नहीं पहुंच रहे किसान केंद्र पर ...................
बाजार में गेहूं के दाम गिरकर समर्थन मूल्य से नीचे पहुंच गए हैं। इसके बावजूद किसान उपज लेकर खरीदी केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का रेट 2125 रुपए प्रति क्विंटल है। गेहूं खरीदी का काम 2 अप्रेल से शुरू हुआ है। शुरुआत में बाजार में गेहूं का भाव समर्थन मूल्य से अधिक था, लेकिन पिछले 5 दिनों में गेहूं के बाजार भाव में गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में बाजार भाव 1950 से 2050 रुपए के बीच चल रहा है। इसके बावजूद किसान समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
मंडी में भी तौल में गड़बड़ी का आरोप............
कृषि उपज मंडी में चल रही खरीद के दौरान किसानों के साथ तौल में गड़बड़ी की खबरें सामने आ रही हैं। किसान विनोद,रामरूप, अमर सिंह, दुर्रा सिंह ने बताया कि कृषि उपज मंडी में बोली के आधार पर फसल बेची गई लेकिन तौल में 500 से 700 ग्राम अधिक अनाज लिया जा रहा है। मंडी समिति के सचिव नब्बू सिंह मेडा का कहना है कि ज्यादा तौल लेने का कोई नियम नहीं है। अधिकतम वारदाना की तौल ली जा सकती है।
आ जाता है एक क्विंटल पर 50 रुपए खर्च ...................
सरकारी खरीदी में पंजीयन कराने वाले किसान हरसिंह ने बताया कि उन्होंने गेहूं व्यापारी को बेच दिया है। सरकारी खरीदी में रुपए की जगह चैक मिलता है। राशि बैंक खाते में आने में दो से तीन सप्ताह लग जाते हैं। इससे पहले गेहूं की छनाई और जांच में भी उपज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में भी एक क्विंटल पर 50 रुपए खर्च आ जाता है।
समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रं.........
- जिले में 23 गेहूं के केंद्र बनाए हैं ।
-चना बेचने के लिए बनाए 3 केंद्र।
-समर्थन मूल्य पर खरीदी का लक्ष्य 25 हजार क्विंटल का है।
-समर्थन मूल्य पर 5 हजार 461 किसानों ने पंजीयन कराया।
-15 गेहूं खरीदी केंद्रों में मात्र 20 फीसदी,1 हजार 92 किसानों ने गेहूं विक्रय किया।
जिले में समर्थन मूल्य पर पंजीयन करवाने वाले किसानों की स्थिति ......................
2021-2022-13 हजार 179
2022-2023-10 हजार 668
2023-2024- 5 हजार 461
*** नोट-जानकारी खाद्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार।
2023 गेहूं का सरकारी रेट क्या है ........
पिछले वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रूपए था जो बढ़कर 2125 रूपए हो चुका है वही सरसो का समर्थन मूल्य 5050 रूपए से बढ़कर 5450 रूपए हो चुका है एवं चना का समर्थन मूल्य 5230 रूपए से बढ़कर 5335 रूपए हो चुका है,वही मसूर के समर्थन 5500 रूपए से बढ़कर 6000 रूपए हो चुका है एवं जौ के कीमत 1635 रूपए से बढ़कर 1735 रूपए हो चूका है इस प्रकार रबी फसल के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी हुआ है।
25 मार्च से शुरू हो चुकी है गेहूं की खरीदी .................................
समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, मसूर व सरसों की खरीदी 25 मार्च से शुरू हो चुकी है। अब तक 15 केंद्रों पर 8 हजार 912 क्विंटल गेहूं की खरीदी हो चुकी है,लक्ष्य लगभग 25 हजार क्विंटल का है।




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