धार~मंत्री के क्षेत्र की 138 सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार पर चर्चा नहीं होने पर बैठक का कांग्रेस ने किया बहिष्कार~~

जिला पंचायत सभाकक्ष में धरने पर बैठे जिपं सदस्य, जिपं अध्यक्ष मेड़ा के खिलाफ नारेबाजी~~

सदस्यों का कोरम पूरा ना होने पर बैठक स्थगित, मामला साधारण परिषद् के सम्मेलन का~~

बैठक में जिला पंचायत सदस्यों के पतियों के बैठने पर आपत्ति, अध्यक्ष ने कहा आगे से ऐसा नहीं होगा~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )।



 बदनावर क्षेत्र में 138 ग्रेवल मार्ग निर्माण में भ्रष्टाचार के मामले में जिपं सदस्यों के धरने के 15 दिन बाद भी जांच कमेटी नहीं बन पाई है। प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए अधिकारियों ने 3 दिन में जांच कमेटी बनाने की बात कही थी। इस मामले को लेकर जिला पंचायत के साधारण परिषद् के सम्मेलन में मंगलवार को हंगामा हो गया। विषय पर चर्चा ना होने से नाराज होकर कांग्रेस जिपं सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। मामला मंत्री राजवर्द्धनसिंह दत्तीगांव के विधानसभा क्षेत्र में बनी सड़कों से जुड़ा हुआ है। इनके निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार के आरोप लगे है। कहीं-कहीं पर अधूरी सड़कें बनी है। कहीं पर काम ना होने के पहले राशि आहरित करने का आरोप लगाकर कांग्रेस के जिपं सदस्य जांच की मांग कर रहे हैं। इधर बैठक में जिला पंचायत सदस्यों के पतियों के बैठने पर जिपं सदस्य शंकर चौहान ने आपत्ति ली। बैठक में सरदारपुर क्षेत्र से जिपं सदस्य श्रीमती गामड़ नहीं पहुंची। उनके पति बैठे हुए थे। इसी तरह सदस्य शशि जायसवाल के पति व उपाध्यक्ष के पति हेमसिंह पटेल भी मौजूद थे।  
परिसर में अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी
जिला पंचायत सभाकक्ष में जिपं अध्यक्ष सरदारसिंह मेड़ा की अध्यक्षता में आयोजित साधारण परिषद् सम्मेलन में बैठक की शुरुआत में कांग्रेस पार्षदों ने एजेंडे के प्रस्तावों में 138 सड़कों को लेकर जांच कमेटी गठित करने की मांग उठा दी। अध्यक्ष एवं उनकी पार्टी से जुड़े जिपं सदस्यों का कहना था कि एजेंडे के प्रस्ताव के अतिरिक्त कोई चर्चा नहीं होगी। इस बात पर बहस शुरु हो गई। बैठक का बहिष्कार करने के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को प्रस्ताव के रूप में शामिल नहीं करने पर कांग्रेस के जिपं सदस्यों ने अध्यक्ष सरदारसिंह मेड़ा के खिलाफ नारेबाजी की। जिला पंचायत परिसर में नीचे कुछ देर के लिए धरने पर बैठ गए।
इनके बगैर बैठक का प्रावधान नहीं
साधारण परिषद् के सम्मेलन में कांग्रेस सदस्यों के बैठक बहिष्कार के बाद एजेंडे के किसी भी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई। इस दौरान भाजपाई जिपं सदस्य खासे नाराज नजर आए। जिपं सदस्य चंचल पाटीदार ने बैठक में मौजूद उपाध्यक्ष श्रीमती संगीता पटेल के पति हेमसिंह पटेल से कहा कि इन्हें बैठक में पहले आना चाहिए और सबको आपस में चर्चा करना चाहिए कि क्या बोलना है क्या नहीं। पहले ही तो काफी दिनों में बैठक होती है। अब कोरम नहीं है स्थगित करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। जिला पंचायत सीईओ शृंगार श्रीवास्तव से सांसद प्रतिनिधि श्री नागर ने कहा कि स्थगित बैठक को आधे घंटे बाद फिर से आहूत करके प्रस्तावों पर चर्चा नहीं कर सकते क्या। सीईओ ने उन्हें कहा कि यह विधानसभा बैठक नहीं है। इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
काम दिए, कहते है पैसा नहीं-पुरोहित
ेजिला पंचायत परिसर में धरने और नारेबाजी के दौरान जिपं सदस्य मनोजसिंह गौतम ने कहा कि भ्रष्टाचार पर 0 टॉलरैंस की बात भाजपा करती है, लेकिन 138 ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा भी नहीं करना चाहते है। जिपं सदस्य सुश्री गायत्री पुरोहित ने कहा कि बैठक में नए प्रस्तावों को रख दिया जाता है। पिछली बैठक में पारित कार्यों के क्रियान्वयन की स्थितियों पर यह लोग चर्चा नहीं करना चाहते है। इनके नेता पीएम ग्रामीण आवास योजना में आगामी सूची में लाभ से वंचित लोगों को नाम आने की बात कह रहे है। हकीकत यह है कि विकास यात्रा के दौरान किए गए वादों के काम भी नहीं हुए है। विकास यात्रा जहां से गुजरी वहां पर जानी बाई निवासी बालोदा का कच्चा आवास था, उसका नाम अभी तक सूची में नहीं आया है।  

इनका कहना है
ेमुझे कोई शिकायत पत्र नहीं दिया
बदनावर क्षेत्र के ग्रेवल मार्ग निर्माण से जुड़े मामले को लेकर मुझे कोई शिकायत पत्र नहीं दिया गया। साधारण परिषद् के सम्मेलन में एजेंडे के प्रस्तावों पर चर्चा की बजाय अचानक सड़कों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की जिद पर अड़ गए। अचानक बगैर परीक्षण के चर्चा करना और प्रस्ताव को शामिल करना संभव नहीं था। पहले एजेंडे में जिन बिंदुओं को शामिल किया उस पर चर्चा करने की कांग्रेस के जिपं सदस्यों से निवेदन किया गया, किंतु उन्होंने शोर-शराबा किया और बैठक का बहिष्कार कर दिया।
-सरदारसिंह मेड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष धार


निर्माण समिति को भी शामिल करें
ेग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों क निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इस मामले में जांच कमेटी तक नहीं बनाई गई। बैठक में हमें गुमराह करने की कोशिश की कि जांच कमेटी 7 दिन में बना रहे हैं। हमने पूछा सदस्य कौन-कौन है इसका जवाब नहीं दिया। ईई और एसडीओ सहित अन्य अधिकारियों को लिया जा रहा है। हमने मांग की कि जिपं की निर्माण समिति सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, किंतु यह लोग सड़कों के मामले में चर्चा से बच रहे थे।
-मनोजसिंह गौतम, जिपं सदस्य धार

कोरम पूरा नहीं हुआ
सम्मेलन में एजेंडे के बिंदुओं पर चर्चा होना थी। जिपं सदस्यगण दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने की बात को लेकर बैठक का बहिष्कार करके चले गए। कोरम पूरा ना होने की स्थिति में बैठक स्थगित कर दी गई है।
शृंगार श्रीवास्तव, जिपं सीईओ धार
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