झाबुआ~प्रवेश की लॉटरी खुली-जिले में 1272 सीटों के लिए 768 विद्यार्थियों ने किया था ऑनलाइन आवेदन-शेष को दूसरे चरण में मिलेगा प्रवेश~~

आवेदकों तक पहुंचे मैसेज-588 छात्रों की खुली लॉटरी, पोर्टल पर पुराने वार्ड दर्ज होने से 1018 सीटें खाली रह जाएंगी-गफ लत में रहे पालक~~

झाबुआ। संजय जैन~~


शिक्षा का अधिकार अधिनियम-आरटीई के अंतर्गत लॉटरी खुली और आवेदकों तक मैसेज पहुंच गए। पहली लॉटरी के बाद रिक्त सीटों पर दोबारा पंजीयन होंगे। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से जिन बच्चों को स्कूलों का आवंटन होगा, वे स्कूल में उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त करेंगे। जिले के 254 स्कूलों में आरटीई के तहत 1272 सीट हैं, लेकिन इनमें आवेदन करने वाले छात्र ही प्रवेश ले पाएंगे। इस दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों को जरूरी दस्तावेज की फोटोकॉपी स्कूलों में जमा करवाई थी। साथ ही निजी स्कूल को मोबाइल एप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

की गई 276 सीटें आवंटित ................................
आगामी शिक्षण सत्र के लिए जिले के अशासकीय स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बीच एक दिन देरी से बुधवार शाम को राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम-आरटीई के अंतर्गत लॉटरी खोली और आवेदकों तक मैसेज पहुंचना शुरू हो गए। जिले के लिए इस साल कुल 1 हजार 272 सीटें 254 निजी स्कूलों की प्रारंभिक कक्षाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके लिए 768 विद्यार्थियों ने आवेदन किए थे, उनमें से प्रथम चरण इसमें से 588 सीट के लिए आवेदनों का सत्यापन हुआ,सिर्फ 276 सीटें आवंटित की गई।

गफलत में रहे पालक........................
इस बार आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश के लिए कई पालक पंजीयन नहीं कर पाए। वार्ड की सीमा पुराने रिकॉर्ड में दर्ज होने की वजह से पोर्टल में स्कूलों के नाम नहीं आ रहे थे। इस वजह से पालक स्कूलों का चयन नहीं कर पाए। इसके चलते इस बार 1018 सीट खाली रह जाएंगी। जिले के 254 निजी स्कूलों में आरटीई की 1272 हजार सीट हैं लेकिन 768 विद्यार्थियों ने आवेदन किए थे। इसमें से 588 सीट के लिए आवेदनों का सत्यापन हुआ। सिर्फ 276 सीट का आवंटन हुआ है।

वार्ड की सीमा से लगे स्कूलों में ही आवेदन करने का है नियम................
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के फ्री एडमिशन के लिए 13 मार्च से आवेदन शुरू हुए थे। अभिभावक पोर्टल पर आवेदन करने पहुंचे लेकिन स्कूल घर से दूर बताया गया। गड़बड़ी की वजह परिसीमन में वार्ड बदलना है। परिसीमन के बाद नगरपालिका क्षेत्र में वार्ड बदल दिए हैं लेकिन एजुकेशन पोर्टल पर पुराने वार्ड दर्ज हैं। आरटीई में एडमिशन वार्ड नंबर के आधार पर होते हैं। ऐसे में लोग मोहल्ले के नाम के बाद वार्ड नंबर आवेदन में डाल रहे हैं तो स्कूल घर से दूर आ रहा था। सुमित शर्मा का कहना था कि पहले उनका घर वार्ड नंबर 17 में आता था,अब हमारा वार्ड अब 7 हो गया है।

लेना होगा आवश्यक प्रक्रिया अपनाकर प्रवेश.......................
10 अप्रैल तक अभिभावकों आवंटन पत्र डाउनलोड कर संबंधित स्कूलों में आवश्यक प्रक्रिया अपनाकर प्रवेश लेना होगा। प्रदेश सहित जिले के निजी स्कूलों में प्रारंभिक कक्षा के साथ कक्षा पहली से लेकर 8वीं तक के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य शिक्षा केंद्र भी इस साल समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करना चाहता है। सरकारी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया की तारीख अभी घोषित नहीं की गई। लेकिन अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक तारीख की घोषणा करने के साथ सत्र शुरू होने की संभावना है।

आवेदकों तक पहुंचे मैसेज.....................
अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक तारीख की घोषणा करने के कारण है कि इस साल विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत वंचित व कमजोर वर्ग के बच्चों को जिले के निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए सत्र 2023-2024 के लिए मार्च में प्रक्रिया शुरू कर दी। पहले चरण में बचे बच्चों को प्रवेश देने के लिए 13 अप्रैल से रिक्त सीटें पोर्टल पर प्रदर्शित होने के साथ दूसरे चरण का प्रवेश शुरू हो जाएगा। जिले में शिक्षण सत्र 2023-2024 के लिए आरक्षित सीट के मुकाबले 768 बच्चों ने ही प्रवेश के लिए आवेदन किया है। 25 मार्च तक चले सत्यापन कार्य के दौरान कुल 588 आवेदनों का सत्यापन हो पाया था। 28 मार्च का ऑनलाइन लाटरी से स्कूल आवंटन होना थे,लेकिन 29 मार्च को लॉटरी खोली गई और चयनित बच्चों के अधिकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजना शुरू कर दिया।

अभिभावक बिना देरी किए प्रवेश लेंवे................
 आरटीई के तहत प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों के नाम के साथ स्कूल आवंटन सूची जारी कर दी गई है। अभिभावक विभागीय वेबसाइट से आवंटन पत्र अपलोड कर संबंधित स्कूल में पहुंचकर प्रवेश लेंवे। यदि किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो संबंधित ब्लॉक शिक्षा केंद्र से संपर्क करें जिला शिक्षा केंद्र पर बताए।
................................रालुसिंह सिंगार ,डीपीसी-झाबुआ।



 

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