धार~दोनों घर दर्द- आरोपी के पिता ने कहा 12 साल मेहनत करके खाली जमीन पर मकान बनाया था, इस साल आवास अधिकार मिलने की थी उम्मीद~~
प्रशासन द्वारा ढहाए गए मकान के मलबे को समेट रहे है पिता ने कहा सब खत्म हो गया, मुझे छोटे बेटे की फिक्र 3 दिन से बैठा रखा है थाने में~~
पुलिस ने कोर्ट में पेश किया आरोपी दीपक को, पुलिस हमले पर नहीं मिला रिमांड हत्या में 1 दिन का पीआर स्वीकृत~~
दिनदहाड़े 3 दिन पूर्व धार में हुए हत्याकांड के बाद पीड़ित और आरोपी दोनों परिवार दर्द के दौर से गुजर रहे हैं। जहां एक परिवार ने अपनी बेटी खो दी है। वहीं आरोपित दीपक का पूरा परिवार भी बिखर गया है। इस कांड के बाद प्रशासन ने दीपक का मकान अवैध होने पर ढहा दिया है। तीन दिन बाद तोड़े गए मकान के मलबे को पिता रामप्रसाद राठौर हथोड़ी-फावड़े से हटा रहे है। घर का सामान खुले में पड़ा हुआ है। सामने स्थित एक परिचित के मकान का कमरा बारिश का हवाला देकर किराये पर लिया है। शुक्रवार को प्रतिनिधि ने आरोपित दीपक के पिता से चर्चा की। मलबा समेटते हुए रामप्रसाद राठौर ने बताया कि जिंदगी किराये के मकान में गुजर गई। खाली जमीन देखकर पतरे का शेड बनाया था। पिछले 12 साल से दिनरात दाड़की की ड्रायवरी करके रूपया-रूपया जोड़कर बच्चों को कॉलेज तक पढ़ाया और पैसा बचाकर मकान खड़ा किया था। इस साल उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने जो जहां रह रहा है उसे मिलेगा आवास जमीन का हक की बात कही थी। इस साल पाई-पाई जोड़कर बनाए मकान का अधिकार मिलने की उम्मीद थी। प्रशासन ने मेरा मकान तोड़ दिया।
रोते हुए बोले छोटे बेटे की फिक्र है
प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान रामप्रसाद रूआसे हो गए। बड़े बेटे आरोपित दीपक को लेकर उन्हें ज्यादा गिला-शिकवा नहीं है। उन्होंने कहा कि उसने यदि गलत किया है तो उसे जो सजा मिलना है वह मिलेगी। मुझे फिक्र छोटे बेटे मनीष की है। वह मेरा अच्छा बेटा है। बैंक में काम करता है। कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है। पिछले 3 दिन से पूछताछ के लिए उसे थाने में बैठा रखा है। खुद को टूटा हुआ महसूस कर रहा हूं। इस विवाद के चलते पत्नी ने आत्महत्या कर ली। घर टूट गया। परिवार बिखर गया है। इतना कहने के बाद रामप्रसाद रोने लगे। बोले मेरा छोटा तो बैंक में था। उसे इस पूरे मामले में कोई जानकारी नहीं थी। बड़ा भाई बोलेगा कि मैं बात करना चाहता हूं तो भाई से बात तो करना पड़ेगी ही। जब तक वह थाने से घर नहीं आ जाता मेरा दिल धकधक करता रहता है। पुलिस कह रही है कि शाम को उसे छोड़ देंगे।
उसे तो हमने घर से निकाल दिया था
मकान ढहाए जाने का दर्द रामप्रसाद राठौर के चेहरे पर दिख रहा है। पडोसी भी हाथ बंटाने के लिए सामने नहीं आ रहे है। हर कोई पुलिस की कार्रवाई की जद में आने के डर से उनसे दूर से बात कर रहा है। प्रतिनिधि से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह घर तो बेवजह टूट गया। मैंने उसे 3 महीने पहले ही घर से निकाल दिया था। इस बात की सूचना एसपी कार्यालय में आवेदन के माध्यम से दी थी। मैंने आवेदन में बताया था कि आज कल चिड़चिड़ा हो गया है। नशा भी करने लगा है। मां के निधन के बाद से वह समझाने पर आत्महत्या करने की धमकी देता है। वह सचमुच कुछ ना कर लें, इस डर से मैंने आवेदन देकर उसे घर में आने से मना कर दिया था। यह जरूर है कि मैं जब ड्रायवरी के लिए चला जाता था तो वह कभी कभार घर आ जाता था।
मोबाईल में दिखाएं फोटो
इस घटना को लेकर वह ज्यादा बात करना नहीं चाहते। उन्होंने बताया कि मृतिका का भाई उनके बेटे दीपक का दोस्त था। हमारे घर उन दोनों का आना-जाना भी था। इनके मध्य आपसी संपर्क की जानकारी के बाद पिता के नाते मैं तो शादी भी करवाना चाहता था। एक रिश्तेदार के मार्फत संदेश भी भिजवाया था, किंतु उनके यहां से मना कर दिया। इसके बाद इन दोनों में भी अनबन होने लगी। मां की मौत के बाद दीपक ज्यादा परेशान रहने लगा था। उन्होंने दीपक को घर से निकालने जाने की सूचना का पुलिस को दिया आवेदन पत्र भी दिखाया। इसी के साथ मोबाईल में मृतिका और दीपक के साथ में फोटो भी दिखाए। फोटो देखकर यह तो स्पष्ट दिखता है कि एक तरफा प्रेम की बात गलत थी। शुरुआती संपर्क के बाद दोनों में बिखराव हुआ और फिर एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस शिकायतों ने स्थितियां इतनी बिगाड़ दी कि एक युवती की दिनदहाड़े हत्या हो गई।
बॉक्स-1
आरोपी कोर्ट में पेश, पुलिस को 1 दिन का रिमांड मिला
हत्याकांड और पुलिस पर हमला करने के आरोपित दीपक को शुक्रवार को जिला न्यायालय में पेश किया गया। उसके विरुद्ध कोतवाली और नौगांव थानों में अलग-अलग मामले दर्ज हुए है। कोतवाली थाने में दर्ज प्रकरण में उसका पीआर नहीं होगा। वहीं नौगांव पुलिस को पूछताछ के लिए 1 दिन का रिमांड स्वीकृत किया गया है। इस दौरान पुलिस केस से संबंधित अन्य जानकारियां एकत्रित करेगी। उल्लेखनीय है कि हत्या के बाद गिरफ्तार दीपक के पास पुलिस को दो पिस्टल बरामद हुए है।



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