धार~प्रचार-प्रसार के अभाव में खंड स्तरीय आयुष मेला हुआ फ्लॉप~~
कागजी खानापूर्ति के लिए आवासीय आश्रमों के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया~~
बाग संत रविदास जयंती पर आयोजित खंड स्तरीय आयुष मेला प्रचार-प्रसार के अभाव में पूरी तरह फ्लॉप हो गया। मेले में आमजन की उपस्थिति नगण्य रही। आयुष मेले में संखय बल दर्शाने के लिए अधिकारियों नेक कागजी खानापूर्ति के लिए ताबड़तोड़ आवासीय आश्रमों के बच्चों को बुलवाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। तब भी जाकर कोई 90 हजार की आबादी वाले ग्रामीण विकासखंड में मात्र 285 व्यक्तियों के ही पंजीयन हुए। ऐसे में मप्र शासन के आयुष विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अधिकारियों की लापरवाही के चलते सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया।
आयुष विभाग ने लगाया था
मप्र शासन द्वारा आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविववार को स्थानीय बालक छात्रज्ञवास में खंड स्तरीय आयुष मेला लगाया। जिसमें आमजन को नि:शुल्क् आयुष चिकित्सा परामर्श, औषधि वितरण, योगा जानकारी, पंचकर्म रोगानुसार परामर्श, देवारण्य योजना प्रदर्शनी सहित विभिन्न रोगों के निदान उपचार जैसे जनकल्याणकारी सेवाएं शामिल थी, परंतु जमीनी स्तर पर मेले का प्रचार-प्रसार ना होने से यह जन उपयोगी कार्यक्रम लापरवाही की भेंट चढ़ गया।
जिला अधिकारी ने लापरवाही स्वीकारी
इस संबंध में जिला आयुष अधिकारी डॉ रमेश मुवेल से चर्चा की तो उन्होंने भी लापरवाही की बात को स्वीकारते हुए कहा कि मेले के लिए विशेष रूप से खंड स्तर पर नोडल अधिकारी बनाया गया था। नोडल अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आगामी दिनों में एक बार फिर से आयुष मेले का आयोजन किया जाएगा।


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