धार~कायाकल्प सर्वे- दल के निरीक्षण के पश्चात टॉप-3 में आने की उम्मीदें बंधी ~~

तय मानकों में मरीजों से फीडबैक, दस्तावेज संधारण, पीपीटी प्रेजेंटेशन से दल संतुष्ट दिखा ~~
राज्य से आई दो सदस्यीय टीम ने 6 घंटे किया जिला अस्पताल में निरीक्षण ~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )

 कायाकल्प में सरकारी अस्पतालों में फायनल एसेंसमेंट सर्वे शुरु हो गया है। इसी के तहत बुधवार को  जिला अस्पताल में राज्य से दो सदस्यीय चिकित्सक दल ने सर्वे किया। टीम करीब 6 घंटे तक जिला अस्पताल में मौजूद रही। जिसमें 5 घंटे भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान तय मानकों के आधार पर अस्पताल की व्यवस्थाओं को परखा गया। चिकित्सक दल में इंदौर के डॉ धीरेंद्र के दास व सांवेर के डॉ आदित्य कुमार शामिल थे। दल के लौटने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इस वर्ष बेहतर पायदान पर आने की संभावनाएं जताई है। दरअसल टीम ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के दौरान प्रस्तुतिकरण की प्रशंसा की है। वहीं बच्चा वार्ड, प्रसूति वार्ड सहित कई वार्डों में निरीक्षण के दौरान सकारात्मक इशारे दिए है। उल्लेखनीय है कि कायाकल्प अभियान में बीते चार वर्षों में लगातार रैंक का सुधार हो रहा है। गत वर्ष चौथी रैंक पर धार जिला अस्पताल को हासिल हुई थी। इस वर्ष टॉप-3 में नंबर-1 की पोजिशन पर आने के लिए उम्मीदें   बंधी हुई है। 
दस्तावेज पुख्ता, फोटो भी कैद किए 
सर्वे टीम ने जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर फोटो को भी अपने कैमरों में कैद किया। निरीक्षण की शुरुआत भोजन गुणवत्ता प्रशिक्षण से प्रारंभ हुई। डाईट की जानकारी ली गई। इसके पश्चात दल ने बनाए गए लड्डुओं को खाकर गुणवत्ता परखी। इस दौरान उन्होंने लड्डु की प्रशंसा भी की है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का स्टॉफ मौजूद रहा। जिनसे कई सवाल-जवाब किए गए। अच्छी बात यह रही कि स्टॉफ ने सभी जवाब संतुष्टिपूर्ण दिए। सर्वे में टीम के साथ सिविल सर्जन डा एमएल मालवीय व आरमओ डा संजय जोशी मौजूद थे।
प्रसूता, महिला, बच्चा वार्ड देखे 
महिला एवं बाल स्वास्थ्य सुरक्षा पर सर्वे दल की विशेष निगाह देखी गई। टीम ने एसएनसीयू वार्ड पहुंचकर स्टॉफ से जानकारियां ली, सवाल भी किए।  वहीं  पीकू वार्ड, आईसीयू वार्ड, मेडिकल वार्ड सहित अन्य वार्ड का निरीक्षण किया। आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों से उपचार व्यवस्था को लेकर जानकारियां ली। इस दौरान चिकित्सकों के समय पर आने के बारे में भी पूछताछ की। यहां भी मरीजों से फीडबैक बेहतर मिला है।  इधर जच्चा वार्ड में प्रसूताओं से पूछा कि लड्डु तो बने है, आपको मिलते है कि नहीं। जवाब मिला मिलते हैं। 
सुरक्षा मानकों पर परखा
सफाई व्यवस्था पर भी सर्वे दल की निगाह देखी गई। छोटी-छोटी कमियों पर सवाल तो नहीं किए, किंतु निगाहों से उन्हें नोट कर लिया। इधर सुरक्षा मानकों को लेकर स्टॉफ से प्रश्न किए गए। आग लगने जैसी स्थिति में क्या करेंगे। जवाब मिला अग्निशमन यंत्र मौजूद है। सर्वे दल ने कहा चलाकर दिखाओं। अधिकांश स्टॉफ कर्मी अग्निशमन यंत्र के उपयोग में दक्ष दिखे। कुछ कमजोर थे, उन्हें दक्ष करने के लिए निर्देशित भी किया गया। इधर सफाईकर्मियों से पौछा लगाने का लाईव डेमो भी लिया गया।  
इसलिए बेहतर रैंक की उम्मीद 
सर्वे टीम फायनल एसेसमेंट के बाद लौट गई है। अस्पताल प्रबंधन को अब रैंक घोषित होने का इंतजार है। सिर्फ सर्वे ही नहीं बल्कि अस्पताल में विगत वर्ष में हुए वार्ड रिनोवेशन सहित नवीन वार्ड निर्माण जैसे  कार्यों के कारण बेहतर स्थितियां बनने की उम्मीद हो गई है। उल्लेखनीय हैं कि मदर्स वार्ड, टीबी वार्ड सहित कई वार्डों में रिनोवेशन काम हाल ही में हुआ है।  चिल्ड्रन वार्ड को बच्चों के अनुरुप बेहतर पेंटिंग से सजाया गया है। इस तरह के कई काम वार्डों में हुए है, जिनके कारण अस्पताल का कायाकल्प हुआ दिखाई देता है। 

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