धार~राशि का इंतजार.... धार में आकार लेगा प्रदेश का पहला वेटलैंड कॉम्पलेक्स ~~

विश्व आर्द्र भूमि दिवस पर देवी सागर तालाब क्षेत्र में हुए कार्यक्रम,~~

जल, जैविय पर्यावरण सम्पदा संरक्षण का लिया संकल्प ~~

वेटलैंड कॉम्पलेक्स में मुख्यालय के देवी, मुंज और धूप सागर 3 तालाबों का सामूहिक प्रस्ताव, 40 करोड़ के प्रोजेक्ट को केन्द्र से मिली स्वीकृति ~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )। 

आने वाले पांच-छह वर्षों में प्रदेश का पहला वेटलैंड कॉम्प्लेक्स धार में आकार लेगा। 40 करोड़ के प्रोजेक्ट को केन्द्रीय विभागों से पूर्व में ही स्वीकृति मिल गई है। प्रोजेक्ट के तहत राजा भोज द्वारा निर्मित देवी, मुंज और धूप सागर तालाबों की जल, जैव व पर्यावरण सम्पदा को सुरक्षित, संरक्षित किया जाएगा। कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति मार्च 2022 में प्राप्त हो चुकी है। तकनीकी स्वीकृति जल्द ही मिलने वाली है। इसके पश्चात केन्द्र से राशि जारी होने के बाद पंचवर्षीय इस प्रोजेक्ट में काम शुरु हो जाएगा। संभावना है कि वर्ष 2023 के अंत तक इस प्रोजेक्ट के प्रथम चरण की शुरुआत हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि वेटलैंड प्रोजेक्ट को रामसर साईट्स भी कहा जाता है। पूरे प्रदेश में 4 रामसर साइट्स है। इनमें इंदौर के सिरपुर-यशवंत सागर वेटलैंड का प्रोजेक्ट डिटेलिंग वर्क सेलिस कंसलटैंसी ने किया। धार का प्रोजेक्ट भी उनके द्वारा तैयार किया गया है। 
केन्द्र-राज्य की सामूहिक निधि शामिल  
पंच वर्षीय इस योजना के तहत वेटलैंड कॉम्पलेक्स में चिह्नित तीनों तालाब क्षेत्रों में अलग-अलग मानकों पर काम किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा दी जाएगी। 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा प्रदान की जाएगी। इस प्रोजेक्ट को आसान भाषा में समझा जाए तो साढ़े 12 तालाब की नगरी में मूल अस्तित्व में बचे तीन तालाबों के यह क्षेत्र अब शहरी विकास के हस्तक्षेप से दूर मूल प्राकृतिक वातावरण में सहेजे और संरक्षित किए जाएंगे। मप्र में वेटलैंड कॉम्पलेक्स के लिए सिर्फ धार का चयन हुआ है। 
भोज की अभियांत्रिकी यथावत रहेगी 
राजा भोज द्वारा तालाबों के निर्माण में जल प्रबंधन के लिए बेहतरीन अभियांत्रिकी का प्रयोग किया। उनकी अभियांत्रिकी सोच को प्रोजेक्ट में लक्षित किया गया है।  तीनों तालाबों में एक तालाब के ओवरफ्लो होने पर दूसरे तालाब तक चैनल के माध्यम से आसानी से पानी पहुंचाए जाने की व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। इसके लिए चरणबद्ध कार्यों के तहत बाधक स्थानों पर चैनल निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा विशेषज्ञों से परामर्श लेकर पानी के अंदर जल कुंभी सहित अन्य घातक वानस्पतिकों के निपटान हेतु कार्य किया जाएगा। पानी की शुद्धता सहित जलीय जंतु के जीवन संरक्षण के लिए भी प्राथमिकता से काम होगा। 
घाटों का सौंदर्यीकरण, पर्यावरण क्षेत्र विकसित करेंगे 
पंच वर्षीय योजना के तहत चरणबद्ध कार्य किए जाएंगे। प्रोजेक्ट से तालाबों की जल शुद्धता, जलिय जंतुओं को जल वातावरण के अनुरुप बढ़ावा मिलेगा। तालाब क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए आसपास से जुड़ी खेतीहर भूमि पर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पेड़ पौधों से तालाबों की सीमा को सुरक्षित करना, तालाबों के आसपास की रिक्त भूमि पर पर्यावरण सम्पदा से बढ़ावा देना, घाट क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण, मुंज सागर तालाब में बने टापू को पर्यटन स्थल बनाने सहित वेटलैंड कॉम्पलेक्स क्षेत्र में बोटिंग पर्यटन, धूप सागर तालाब क्षेत्र में बर्ड सैंचुरी स्थापित करना, बॉटनीकल गार्डन सहित कई काम प्लान में शामिल है।  
महत्वपूर्ण व बडेÞ तालाब है 
राजा भोज द्वारा निर्मित साढ़े 12 तालाबों में 5 से 6 तालाब ही जीवित अवस्था में है। इन तालाबों में वेटलैंड कॉम्पलेक्स में प्रस्तावित  देवी, मुंज और धूप सागर तालाब बड़े तालाब है। मुंज सागर तालाब का क्षेत्रफल 49.59 हैक्टेयर है। देवी सागर 12.45 हैक्टेयर व धूप तालाब 7.52 हैैक्टेयर है। कुल 59.56 हैक्टेयर तालाब का क्षेत्रफल है। मुंज सागर और देवी सागर तालाबों के कारण क्षेत्र का भू जल स्तर बना रहता है। इन तालाब क्षेत्रों के आसपास अभी भी पर्यावरण संरक्षण की संभावनाएं मौजूद है। 
प्रोजेक्ट से यह फायदे भी होंगे
-सबसे महत्वपूर्ण प्राचीन तालाबों का संरक्षण होगा। 
-तालाब के घाट क्षेत्र का जीर्णोद्धार होगा, अतिक्रमण मुक्त होंगे। 
-तालाब जल का शुद्धिकरण होगा, दूषित जल से निजात मिलेगी। 
-जैव विविधता में बढ़ोतरी होगी, शोध के लिए अवसर बढ़ेंगे। 
-आम नागरिकों को प्राकृतिक वातावरण में पर्यटन का मौका मिलेगा। 
- प्रोजेक्ट के तहत बॉयो डायवर्सिटी पार्क-बर्ड सैंचूरी सीखने-समझने का स्थान बनेगा। 
चित्र है 2धार6- 
बॉक्स- 1
तालाब साईड पर विश्व आर्द्र दिवस   मनाया 
गुरुवार को विश्व वेटलैंड दिवस पर नगरपालिका ने तालाब साईड पर कार्यक्रम आयोजित किए। अतिथि के तौर पर नपा के पूर्व उपाध्यक्ष कालीचरण सोनवानिया मौजूद थे। कार्यक्रम में सेलिस कंसलटैंट्स इंदौर के इंजीनियर अंशुल व्यास ने कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट के महत्व और उसके तहत होने वाले कार्यों के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान स्कूली बच्चें भी शामिल हुए। उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा टीना ठाकुर ने आर्द्र भूमि की जैव विविधता के महत्व को बताया। कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर व पत्रकार राजेश शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने बहुमूल्य प्राकृतिक सम्पदाओं के संरक्षण के महत्व को लेकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में प्रभारी सीएमओ व लेखापाल अनुपम तिवारी ने मौजूद लोगों को जल, जैविय पर्यावरण सम्पदा संरक्षण का संकल्प दिलवाया।  इस दौरान एई संजय मराठे, इंजीनियर राकेश बेनल सहित नपा के अन्य अधिकारी, कर्मचारी व नागरिकगण मौजूद थे। 

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