भोपाल~यह कैसा आजादी का अमृत महोत्सव डबल इंजन की सरकार में भी भला नहीं हो रहा ऐसा क्यों~नक़वी जी...
*हमारे हाजी साहेबान कब तक मुम्बई जाते रहेंगे ~~
भोपाल सैयद रिजवान अली~~
ऑल इंडिया हज वेलफेयर सोसाइटी के चेयरमैन मुकीत खान ने हमारे संवाददाता को बताया कि
केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण कैबिनेट मंत्री
जनाब मुख्तार अब्बास नक़वी साहब, हमारे सूबे मध्यप्रदेश के हाजी साहेबान कब तक मुम्बई जाते रहेंगे..? 10 साल तक इंदौर, भोपाल से हज की उड़ाने चालू हुई थीं तो लगा था अब सुकून मिला है क्योंकि मुम्बई जाने-आने और अपने हाजियों को छोड़ने - लेने जाने वालों का बेइंतिहा खर्च एक दम से कम सा हो गया था, लेकिन हज पॉलिसी 2017-22 में हाजियों की सहूलियतों के लिये बने मुल्क के बहुत से हज इम्बारकेशन पॉइंट बन्द कर दिए गए, मध्यप्रदेश के हाजी लोग दोबारा से मुम्बई जाने लगे और परेशानी पहले से भी ज़्यादा उठानी पड़ी, साल 2018 और 19 में मुम्बई हज हाऊस का नज़ारा इस बात की ताईद करता है कि हाजियों के साथ नाइंसाफी की गई है ।
ये तरक्कियों का दौर है हर दर्जे में तरक्की की गई लेकिन हज का काम ऐसा रहा जिसमें हम और पीछे चलते गए, मुल्क के 21 इम्बारकेशन पॉइंट को खत्म कर सिर्फ 10 कर दिए गए निहायत ही अफसोस की बात है, जबकि होना तो यह चाहिये था इंदौर-भोपाल के बाद मध्यप्रदेश सूबे के दीगर बड़े ज़िलों से भी हज के लिये कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू की जाती ताकि हाजी लोग पुर सुकून के साथ अपने मुकद्दस सफर की शुरुआत करते ।
हाजियों की सहूलियत के लिये बनाया गया मुम्बई का 18 माला हज हाऊस अब हाजियों की सहूलियत को लेकर ही सवालिया निशान के घेरे में है, 18 माले में से महज़ कुछ माले ही हाजियों की रिहाइश के लिये दिए जाते हैं बाकि पर हज कमेटी के दफ्तर, ऑडिटोरियम या दीगर कामों में कमरे मसरूफ रहते हैं, साल 2018 और 2019 में हाजियों के लिये हज हाऊस में जो बद इन्तेज़ामी देखी गई वह अखबारों की हैड लाइन बनी, नीचे बने हॉल में हाजियों का हाल इस बात की तस्दीक के लिये काफी है कि हज कमेटी ऑफ इण्डिया ने मेज़बानी का सही हक़ अदा नही किया ।
इंदौर-भोपाल ने 10 साल तक हाजियों के ठहरने, खाने और ख़िदमत का जो नज़्म बनाया था वह मुल्क के लिये मिसाली बना, इन शहरों से सुकून के साथ विदा होते थे सूबे के हाजी साहेबान ।
इम्बारकेशन पॉइंट खत्म किये जाने की वजह यह बताई जाती है कि इन पॉइंट्स से हाजियों को किराया ज़्यादा देना होता है, यह कोई तर्क नही हुआ इसे कम किये जाने के लिये मिनिस्ट्री अपनी सतह पर बात कर सकती थी कुछ कमीबेशी कर इम्बारकेशन पॉइंट को चालू रखा जा सकता था, उसके बाद भी हाजियों को अगर बड़ा हुआ किराया देना होता तो वह इतना नही होता जितना मुम्बई जाने-आने में खर्च होता है साथ ही सुकून अलग रहता ।
बहरहाल.. गुज़ारिश यह है कि 2022 में हज की पॉलिसी खत्म होकर दोबारा से पाँच साला पॉलिसी बनाई जाएगी इसमें बन्द किये गए इम्बारकेशन पॉइंट को दोबारा से शुरू किए जाने के लिये इमानदारी से कोशिश होना चाहिये, यह खासकर हमारे सूबे मध्यप्रदेश के साथ उन सूबों से भी जहाँ इम्बारकेशन पॉइंट बन्द कर दिए गए हैं हाजियों के फायदे के लिये लिया जाने वाला बेहतर फैसला साबित होगा। तभी आजादी का अमृत महोत्सव मनाना सार्थक होगा और डबल इंजन की सरकार फायदे की सरकार की कहावत की सार्थकता सिद्ध होगी।
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भोपाल~यह कैसा आजादी का अमृत महोत्सव डबल इंजन की सरकार में भी भला नहीं हो रहा ऐसा क्यों~नक़वी जी...
*हमारे हाजी साहेबान कब तक मुम्बई जाते रहेंगे ~~
भोपाल सैयद रिजवान अली~~

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