झाबुआ~आखातीज का धंधा चौपट, व्यापारी हताश~~
संजय जैन झाबुआ~~
झाबुआ । महामारी ने आखातीज के व्यवसाय पर भी प्रभाव डाला है। लॉकडाउन के कारण वैवाहिक आयोजन ही नहीं हो पा रहे हैं। अकेले झाबुआ शहर में पांच लाख का व्यवसाय चौपट हो गया है। आखातीज पर यहां भी शादियों की धूम मची रहती है। लॉकडाउन में धारा 144 लागू होने से कोई भी आयोजन नहीं हो पा रहा है। इसका असर सीधा टेंट, बैंड, कपड़ा, बर्तन आदि व्यवसाय पर पड़ा है। पांच लाख का व्यवसाय एक दिन में हो जाता था, जो चौपट हो गया है। अब अधिकांश शादियां 25 नवंबर के बाद होंगी। ऐसे में लॉकडाउन खुलने के बाद भी लंबे समय तक व्यवसायियों को इंतजार करना होगा।काम ही नहीं मिल रहाहलवाई प्रेमसिंह जोधपुरवाले का कहना है कि लॉकडाउन के चलते काम ही नहीं मिल पा रहा है। शादियां निरस्त होने से बहुत नुकसान हो गया है। कपड़ा व्यवसायी पंकज कोठारी ने बताया कि इस अवधि में दुकान बहुत चलती थी। शादियां निरस्त होने से कपड़ों की मांग ही घट गई है। एक महीने से दुकान बंद है। कर्मचारियों को वेतन देना भी मुश्किल होगा। टेंट व मैरिज गार्डन संचालक नीरजसिंह राठौर का कहना है कि शादी का सीजन पूरी तरह से महामारी की चपेट में आ गया है। कई व्यापारी आर्थिक मंदी के शिकार हो गए हैं। ढोल व्यवसायी शंकर का कहना था कि आखातीज पर उनकी बुकिंग थी। उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। घोड़ी व्यवसायी भेरूलाल प्रजापत के अनुसार घोड़ी के लिए भी आहार की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। सरकार से मदद मिलना चाहिए।

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