*मनावर~हमेशा हर कार्य ईमानदारी से करो आलिक़दर मुफद्दल सैफुद्दीन साहेब*~~

*स्थानीय बोहरा समाज द्वारा नगर में 6 उर्स के मोके पर प्रवचन सीधा प्रसारण हुआ* ~~

निलेश जैन मनावर~~

बोहरा समाज 52 वे धर्मगुरु सय्यैदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन साहेब (रि.अ.) के 6 उर्स मुबारक पर नगर के बोहरा बाखल स्थित जमाली मस्जिद में मदरसा बुरहनिया के हेड मोअल्लिम जनाब शेख क़ासिम भाई की सदारत में मुम्बई के हैंडलूम हाऊस स्थित बद्रीमहल की मस्जिद से वआज़ (प्रवचन) का सुबह 9:30 से दोपहर 2 बजे तक सीधा प्रसारण सेटेलाइट के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व में आडियो-वीडियो रिले किया गया । बोहरा समाज के 53 वे धर्मगुरु सय्यैदना आलिक़दर मुफद्दल सैफुद्दीन साहेब (त.ऊ.श) की वआज़ (प्रवचन) में कहा की आज उस मौला का 6 उर्स मुबारक है जो मौला की ज़िकर हर नफ़्स में बुरहानुद्दीन मौला में और कोई ज़िकर नही जो कोई तस्बीह करता हुं। वह भी मुझे मौला सीखा गए। 1 वर्ष बाद 1 वर्ष आएंगे मौला आप बहुत याद आएंगे।सैय्यदना साहेब ने समाज को संदेश दिया कि अगर किसी की बुराई की तो उसे भुगतना पड़ेगा। कोई भी तकलीफ आये पंजतन की तस्बीह हमेशा करते तुम्हारी हर तकलीफ दूर हो जाएगी। आज बुरहानुद्दीन मौला का उर्स है। बिरादरों कोई भी खेर का कार्य खुदा अपने को सिखाता है। परवरदिगार हर मोमिन को हमेशा खेर के अमल करना सीखा देना। मोमिनीन दिन ओर दुनिया मे अगर ऊँचा जाना चाहते हो तो हर कार्य हमेशा ईमानदारी से करो। कोम के साथ हमेशा भलाई करो तुम कोई से गुस्सा न हो नही तो तुम्हारे ऊपर कहि लोगो गुस्सा हो जाएंगे। दाऊदी बोहरा समाज की मिज़ा क्या है। उनके समाज के हादी है ओर समाज बहुत सादगी पूर्वक चलाते है।ब्याज का लेनदेन हरगिज़ न करे और कोई बैंक से भी न करे। जुआ,शराब,तम्बाकू, और भी नशीली चीज़ो को हरगिज़ इस्तेमाल न करे।वआज़ के अंत में दुआई कलेमात आपने फ़रमाया की किसी की बुराई ना करना। किसी को दगा न देना। अपन व्यापारी कौम हे।एक शख्स को दूसरे शख्स को हर तरह से मदद करने की सलाह दी।जिस देश शहर गांव में रहते हो वहा के बाशिंदे बनकर रहे। हमेशा शुक्र करते रहना नमाज़ क़ुरआन हमेशा पड़ते रहना क़ुरआन खुदा की आअला किताब है।किसी की हर किसम की जो जो उम्मीद हो परवरदिगार हर उम्मीद तमाम करना।समाज के बच्चों को पूरा कुरआन हिफ़्ज़ (कंठस्थ) करने के लिए मदरसा के मोअल्लिम को हिदायत दी खुदा हर मोमिन को सलामत रखना। सय्यैदना साहेब ने वआज़ के अंत में इमाम हुसैन (अ.स) की शहादत पड़ी तो मातम का किया। जानकारी अली असगर खड़कीवाला ने दी।


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