मनावर~*अवैध काॅलोनी का समाचार प्रकाशित होने पर_*~~
*धामनोद के पत्रकार के साथ हुई मारपीट दी जान से मारने धमकी*~~
निलेश जैन मनावर~~
धार जिले के धामनोद नगर से महज 10 - 12 किलोमीटर दूर बसे ग्राम गुजरी में कृषि भूमि पर अवैध रुप से काॅलोनी काटी जा रही थी। जिसकी भनक अधिकारियों को लगते ही कार्यवाही के लिए धरमपुरी नायब तहसीलदार सोनिकासिंह मौके पर पहुँची और मौका पंचनामा बनाकर कार्यवाही हेतु उच्च अधिकारियों को दस्तावेज भेजे गये। जिसका समाचार भी पिछले सप्ताह कई समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। समाचार प्रकाशन से बैखलाये भू-माफियाओं ने अब पत्रकारों को ही निशाना बनाने की मन में ठान ली है। जबकि इन भू- माफियाओं द्वारा अन्य अवैध कारोबार भी संचालित किये जा रहे हैं। गुरुवार की रात भू-माफियाओं के एक झुण्ड ने पहले तो चैराहे पर खड़े होकर दो पत्रकारों के नाम से गाली गलौच की फिर एक पत्रकार के साथ डंडों से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाली । मिली जानकारी के अनुसार ग्राम गुजरी में कृषि भूमि पर अवैधरुप से काॅलीनी काट कर बगैर अनुमति के मकानों का निर्माण कार्य चल रहा था। जिसकी भनक राजस्व विभाग के अधिकारियों को लगते मौका मुआयना करने नायब तहसीलदार सोनिकासिंह वहाँ चहुँची और पंचनामा कार्यवाही की गई। कार्यवाही होती देख बैखलाये भू-माफियाओं ने गुरुवार की रात महेश्वर चैराहे पर नये बस स्टेण्ड के समीप नगर परिषद् के पूर्व अध्यक्ष रामलाल यादव की दुकान पर खड़े होकर दो पत्रकारों प्रकाश जोशी और विजय सिंघल के नाम से गाली गलौच करते हुए हंगामा खड़ा किया। जिस पर पत्रकार विजय सिंघल को भनक लगते ही गाली गलौच कर रहे युवक को फोन लगाकर पुछा कि मुझे गाली क्यों दे रहे हो तो आरोपी राजू उर्फ राजेन्द्र पिता ओमप्रकाश गर्ग ने फोन पर भी गालौच की और कहा कि तु महेश्वर फाटे पर आ तुझे जान से खत्म कर देंगे। उस वक्त विजय सिंघल महेश्वर चैराहे पर ही अपने चाचा के घर पर ही बैठे हुए थे। वहाँ पर विक्की उर्फ अंकुर पिता स्वरूपचन्द गर्ग, सोनू उर्फ योगेश पिता किशोर गर्ग, अभिषेक पिता गिरधारी गर्ग, कुशल पिता राजू गर्ग वह राजू पिता ओमप्रकाश गर्ग ने हाथ में लकड़ी लेकर आये और हमला कर दिया। हमला होता देख कई लोग इकट्ठा हो गये और पत्रकार विजय सिंघल का बचाव किया।
अवैध केरोसिन का करते हैं व्यापार -
इस मारपीट की घटना के पूर्व यादव की दुकान पर लोगों को आरोपी बोल रहा था कि विजय सिंघल के कहने पर प्रकाश जोशी ने मेरे घासलेट के व्यापार की शिकायत कर मेरे घर पर पुलिस को भेजा। जबकि दोनों ही पत्रकारों द्वारा किसी भी अधिकारी को शिकायत नहीं की। नगर की ही संभ्रांत काॅलोनी मंगल नगर में बने यही आरोपी राजू गर्ग के आलीशान बंगले में खुद ही अवैध केरोसीन यानी नीले घासलेट का अवैध व्यापार विगत कई वर्षों से संचालित कर रहा है। जिसकी शिकायत काॅलोनी वासियों द्वारा कई बार की जा चुकी थी परन्तु अधिकारियों में अपनी पकड़ रखकर उनकी जेबों को गरम कर दिया जाता था। जिसके कारण यहाँ कभी कार्यवाही नहीं हुई। यदि उक्त स्थान की बारिकी से जांच की जाए तो अलग से अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछी हुई भी मिलेगी।
*पेटलावद काण्ड के बाद हुई थी कार्यवाही*
कुछ वर्ष पूर्व झाबुआ जिले के पेटलावद में हुए भारी भरकम डायनामाईडों में हुए विस्फोट की घटना और सैकड़ों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन की नींद खुली। प्रशासन ने आनन फानन में काॅलोनीवासियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती जयश्री कियावत के निर्देशन में खाद्य विभाग एवं एस.डी.एम. सत्येन्द्रसिंह द्वारा इसी इसी राजू उर्फ राजेन्द्र पिता ओमप्रकाश गर्ग के मंगल नगर के भवन में छापा मारा गया था। हालाँकि अवैध कारोबारी होने के कारण मिली भगत के अधिकारियों द्वारा सूचना दे दी गई जिसके कारण आरोपी कार्यवाही के पहले ही भवन में ताला लगाकर फरार हो गया था। परन्तु इतने लोगों की मौत ने प्रशासन को झकझोर दिया और उनकी आँखों पर बंधी काली पट्टी उतार दी। आखिर प्रशासन के आला अधिकारियों ने कलेक्टर से ताला तोड़ने की मांग की और कार्यवाही को अंजाम दिया। ताला तोड़ने की प्रक्रिया पुरी होते ही इस भवन से कई खाली केरोसीन के ड्रम एवं सैकड़ों लीटर नीला केरोसिन भी जप्त किया था। कार्यवाही के बाद भी क्या हुआ अधिकारियों के तबादले हुए और फिर से वही अवैध कारोबार शुरु कर दिया। इसी अवैध केरोसीन कारोबारी राजू गर्ग द्वारा भू-माफियाओं के साथ मिलकर जो इनके भाई भतिजे ही हैं ने पत्रकार विजय सिंघल के साथ मारपीट कर डाली। यही नहीं इनकी दादागीरी थम रही है उल्टे थाने जाकर झुटे आरोपों के साथ आवेदन भी दिया गया है।
*_इधर पत्रकार ने भी दिया आवेदन हालाँकि अवैध कारोबारियों की पहुँच उपर बैठे बड़े नेताओं से भी तगड़ी बताई जा रही है। जिसके कारण पुलिस भी पत्रकार के साथ हुई मारपीट में केवल आवेदन ही ले रही है। जिसके कारण पत्रकार विजय सिंघल द्वारा जिलाधीश महोदय, पुलिस अधीक्षक महोदय एवं एस.डी.ओ.पी को भी आवेदन दिये गये है। अब देखना है कि पुलिस पत्रकार की मदद करती है या फिर अवैध कारोबारी एवं नेताओं के रसुख के आगे अपने घुटने टेकने पर मजबुर होती है।

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