बड़वानी~ भोपाल के उच्च अधिकारी डाॅ. अमिय पहारे के साथ की शैक्षणिक यात्रा~~
बड़वानी / शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ के अंतर्गत आज विद्यार्थियों के एक समूह ने उच्च षिक्षा विभाग मध्यप्रदेष शासन, भोपाल के अधिकारी डाॅ. अमिय पहारे और प्राचार्य डाॅ. सी. एल. खिची तथा मधुबन नर्सिंग काॅलेज के प्राचार्य श्री एन. आर. लोधा, दीपक अग्रवाल के सानिध्य में ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल बावनगजा की शैक्षणिक यात्रा की। यात्रा का संयोजन प्रीति गुलवानिया, किरण वर्मा और रितु बर्फा ने किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देष्य बावनगजा के बारे में तथ्यों को जानना तथा विभिन्न विषयों पर विचार विमर्ष करना था। डाॅ. पहारे ने बावनगजाजी की मूर्ति की संरचना के बारे में वैज्ञानिक जानकारी दी साथ ही अन्य जैन तीर्थ स्थलों जैसे श्रावण बेलगोला आदि के बारे में बताया।
प्राचार्य डाॅ. खिची ने कहा कि पर्यटन ज्ञान प्राप्ति का एक प्रमुख स्रोत है। निमाड़ इंस्टीट्युट आॅफ इन्फोर्मेषन टेक्नोलाॅजी के निदेषक दीपक अग्रवाल और इतिहास के षिक्षक डाॅ. मधुसूदन चैबे ने जैन धर्म और प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ज्ञात हो कि बावनगजा में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव जी या आदिनाथ जी की 52 गज या 84 फीट या1008 इंच की खड़गासन में विष्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है। हजारों वर्षों पहले अज्ञात षिल्पियांे द्वारा बनाई गई इस प्रतिमा के 12 वीं सदी में जीर्णोद्धार के साक्ष्य मिलते हैं। जयप्रकाष सोलंकी, उमेष राठौड़, रितु बर्फा, राधिका शर्मा, इतिहासमें पीएच.डी. कर रही ज्योति जोषी, रागिनी सोनी, पुष्पा धनगर आदि विद्यार्थियों ने बावनगजा परिसर में उपलब्ध अभिलेखों का अध्ययन कर जानकारी संग्रहित की और उन्हें अपने साथियों के साथ साझा की। इस यात्रा में राहुल मालवीया, पवन परिहार, संजय सोलंकी, अदनान पठान, अरविंद बमनके, लखन प्रजापति, शुभम सेन, दीपिका शर्मा, भूमिका शर्मा, अंषुल सुलिया, प्रीतम राठौड़, दीपक बिल्लोरे, अजय चांदोरे, राजेष जादव ने विषेष सहयोग दिया।

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