खण्डवा ,~वकील के यहां सनसनीखेज डकैती के
9 आरोपियो को सात साल की कैद ~~

खंडवा , संजय चौबे ~~ 


नगर के एक अधिवक्ता के यहां डकैती के बहुचर्चित जघन्य एवं सनसनी खेज मामले में आज 9 आरोपियों को यहां अदालत ने सात साल की कड़ी कैद व एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। गुरुवार को दिये फैसले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ने सभी नौ आरोपियों को सजा सुनायी है। जिन्हें दंडित किया गया है उनमें-
1. बाबूलाल निवासी भुसावल
2. छन्नू उर्फ पून्र्दिया निवासी खरगोन
3. उमेश निवासी महेन्द्रपुरी डोगरी
4. पप्पू उर्फ जमनादास निवासी सिवनी मालवा
5. फारुख निवासी हरदा
6. मजहर उर्फ मोना निवासी हरदा
7. असीन निवासी खंडवा
8. इकलाक निवासी खंडवा
9. अलीम उर्फ अन्नू निवासी हरदा
                  इन सभी आरोपियों को धारा 395, 450 का दोषी पाते हुये सजा सुनायी गयी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से उपस्थित अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी महेन्द्र कुमार भानुप्रिय ने बताया कि घटना दिवस 7 अगस्त 2016 को वरिष्ठ अधिवक्ता गनीभाई के घासपुरा स्थित निवास स्थान पर रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने जिनकी संख्या 10 से 11 थी ने हमला किया। सभी लट्ठ औरलकड़ी, टाॅमी, चाकू से लैस थे। ये लोग दरवाजा तोड़कर अंदर घुंसे तथा अधिवक्ता के पुत्र युसुफ खिदवी के गले पर चाकू रखकर उसे व उसकी पत्नी को रस्सी से हाथ पांव बांधकर मुंह पर कपड़ा बांध दिया। आरोपीगणों ने अलग अलग टोली बनाकर वकील के घर में अलग अलग कमरों में घुंसे और उनकी बहु अरबा के सोने के गहने, गले का हार, हाथ की चूड़ी, दो अंगूठी, कान के झुमके, चार सोने के सिक्के व नगदी चालीस हजार रुपये सहित मोबाइल, हेडसेट की लूट की वारदात की। डकैती के दौरान वकील गनीभाई एवं उसके परिजनों से मारपीट भी की थी जिससे स्वयं गनीभाई घायल हुए थे। उनके भाई कलीमुद्दीन, पुत्र हुसैन को भी गंभीर चोटें आयी। आरोपियों ने परिजनों के शरीर पर पहने हुए जेवरों के साथ घर की अलमारी को तोड़कर सोने के जेवर एवं नगदी भी लूट लिये। सउदी अरबियन का एक नोट जिसकी कीमत 13 हजार 400 रुपया बतायी गयी थी उसे भी आरोपी लूटकर ले गये। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपीगण मकान के पीछे की तरफ से स्कूल की तरफ भाग गये।
                      मामले की रिपोर्ट कोतवाली थाना पुलिस को की गयी। फोरेंसिक टीम की मदद ली गयी। घर के अंदर पलंग पर मिले एक बाल की डीएनए जांच से यह सिद्ध हुआ कि बाल आरोपी बाबूलाल का था। पुलिस को फिंगर प्रिंट भी लिये साक्ष से वह आरोपीगणों के खिलाफ अपराध सिद्ध करने में सफल रही। पूरे मामले में बारह आरोपी शामिल थे लेकिन नौ आरोपियों को ही न्यायालय से दंडित किया गया तीन अब भी फरार है और इनकी तलाश के लिये अनुसंधान जारी है


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