*बदनावर~~पत्रकारिता की असल शुरूआत गांवो से ही होती है-दीपक चौरसिया*~~
बदनावर। विश्वाससिंह पंवार~~
न्यूज चेनल इंडिया न्यूज के एडीटर इन चीफ दीपक चोरसिया के बदनावर आगमन पर गुरुवार को यश काॅलेज में प्रेस क्लब द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में अतिथि रूप में कलेक्टर दीपकसिंह, धार जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष छोटू शास्त्री व प्रेस क्लब अध्यक्ष जगजीवनसिंह पंवार भी उपस्थित थे। इस अवसर पर चोरसिया का साफा बांधकर व शाल श्रीफल, स्मृति चिन्ह, अभिनंदन पत्र आदि भेंटकर सम्मान किया गया।
ग्रामीण अंचल से आए पत्रकारो द्वारा किए गए सम्मान से चोरसिया अभिभूत हो गए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि तहसील स्तर पर अल्प सूचना पर आयोजित कार्यक्रम में मुझे ऐसा सम्मान पहले कभी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आज मैं महान पत्रकार राजेंद्र माथुर की जन्मभूमि पर आकर स्वयं को खुशकिस्मत समझता हूं। कभी ऐसा नहीं सोचा था कि गांव में रहकर पत्रकारिता के क्षेत्र में शिखर पर पहुंच जाऊंगा। आज भी यह हकीकत है कि पत्रकारिता की असल शुरूआत गांवों से ही होती है। पत्रकारिता को तभी सफल कहा जाएगा, जब वह समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचेगी। पत्रकारिता वहां तक पहुंचे और उसकी वाणी पूरे देश में सुनाई दे तो यह हमारी सफलता कही जाएगी।
उन्होंने कहा कि गांव की चैपाल पर बैठकर समस्याएं सुने और उसे अपनी आवाज दें तो वही असली पत्रकारिता होगी। गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति के दिल की गहराईयों को जानकर उसकी आवाज को मुखर करना ही सच्ची और ईमानदारी की पत्रकारिता कह सकते हैं। आप लोग जिस काम को जान जोखिम में डालकर अंजाम देते हैं, वह काम दिल्ली भोपाल में बैठकर कोई पत्रकार नहीं कर सकता। आज सोशल मीडिया व इलेक्ट्रानिक मीडिया के कारण पत्रकारिता का दौर बदल गया है। ऐसी स्थिति में पत्रकारों को भी अपने पेशे में बदलाव लाने की जरूरत है। आज पत्रकारिता के सामने कई चुनौतिया है। इसे इन चुनौतियों से बचाने की जरूरत है। उन्होंने ग्रामीण पत्रकारो से कहा कि अपनी आलोचनाओं से डरो मत, यदि लगता है कि आप जो बोल रहे है और लिख रहे है। वह सही है तो यही सच्ची पत्रकारिता है। जो बात अंतरआत्मा से निकले उसे जरूर लिखना चाहिए। यही ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्र की पत्रकारिता है। आप के बिना यह पत्रकारिता नही चल सकती है। आप लोगो की ही इस क्षेत्र मे धमक होती है। जब आप सत्य होते है। सीखने के लिए कोई उम्र नही होती। पास की चीजो को देखकर आम जनता की भावना को समझे और उसका विश्लेषण करे। तभी पत्रकार के प्रति समाज मे सम्मान की भावना जागृत होगी। आज मुझे क्या करना है। यह जानने व समझने की शक्ति होना चाहिए। पत्रकारिता का नाम रोशन कीजिए। किसी भी सरकार को यह बात हिलाकर रखती है।
कार्यक्रम को कलेक्टर दीपकसिंह ने भी संबोधित करते हुए कहा कि दीपकजी ने कई बार विपरीत परिस्थितियोे मे जान जोखिम मे डालकर पत्रकारिता धर्म निभाया। छोटू शास्त्री व रियाज मोहम्मद कुरैशी ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व अतिथियों ने मां सरस्वती व राजेन्द्र माथुर के चित्रो पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया। अभिनंदन पत्र का वाचन पुरूषोत्तम शर्मा ने किया। पत्रकार श्रेणिककुमार बाठिया, विजय बाफना, राजेन्द्र धोका, अल्ताफ मंसूरी, अजय गोयल, नईम खान, तरूण रावल, राधेश्याम श्रीवास्तव, नितेश शर्मा, धर्मेन्द्र अग्निहोत्री, विश्वाससिंह पंवार, नवीन चोहान, विनय पाटीदार के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से आए नितीन सांखला, शीतलप्रसाद पांडे, अन्नू टेलर, संतोष जायसवाल, अनवर मंसूरी, राहुल बैरागी, नारायण मकवाना, पंकज गुजराती, दीपेन्द्रसिंह झाला, पवन वैष्णव, आनंद अग्निहोत्री, विक्की राजपुरोहित, योगेन्द्र शर्मा, रेणू अग्रवाल, यश कालेज के संचालक अमित जैन विक्की, गोविंद पाटीदार समेत बडी संख्या मे मीडियाकर्मी व गणमान्यजन मौजूद थे। संचालन प्रेस क्लब सचिव मनोज सोलंकी ने किया। आभार भूपेन्द्रसिंह जादोन ने माना। चोरसिया उज्जैन से झाबुआ जाते समय कुछ देर यहां रूके थे।

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