मुरैना~~आरटीआई कार्यकर्ता के द्वारा शिक्षकों की भर्ती में भ्रस्टाचार का खुलासा करने में मिल रही जान से मारने की धमकी~~

मुरैना~~(चम्बल संभाग ब्यूरो चीफ संजय दीक्षित/जिला मुरैना ब्यूरो योगेश पाराशर)

मुरैना~~आरटीआई कार्यकर्ता गौरी शंकर राजपूत  ने जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 ( 6)(1) के प्रावधानों के अंतर्गत शासकीय कार्य में पारदर्शिता लाने एवं भ्रष्टाचार मुक्त कराने के लिए कुछ जानकारियां कलेक्टर को दी गई है ।जिसमें कुछ भ्रष्टाचार के प्रकरण भी सामने आए हैं। शिक्षकों के पूरे प्रकरण जो जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त  हुए हैं ।सभी आपके संज्ञान के लिए एवं तत्संबंधी कार्यवाही हेतु प्रेषित है। जिसमें मनोज कुमार जगा, अनुराधा मित्तल, पंकज अवस्थी, ममता दुबे, राजवीर सिंह राठौर, रामनाथ धाकड़, महेशचंद धाकड़ ,पुष्पा राजपूत ,सुरेंद्र, दिनेश सिंह पुत्र सरनाम सिंह के नाम अंकित हैं ।जिसमें कोई भी अंकसूची वितरित ही नहीं की गई। जिसमें स्वतः सिद्ध है कि इन लोगों ने भ्रष्टाचार के माध्यम से ही नियुक्तियां पाई हैं। आरटीआई कार्यकर्ता गौरी शंकर राजपूत ने बताया कि संबंधित जन सूचना अधिकारियों ने मेरा नाम पता व मोबाइल नंबर संबंधित लोगों एवं उनसे संबंधित अन्य लोगों को सार्वजनिक कर दिया हैं। जिसके कारण मुझे न केवल नाना प्रकार से धमकियां मिलना शुरू हो गई बल्कि मुझे जान से मारने की व अन्य प्रकार से हानि पहुंचाने की बात भी की गई हैं और मोबाइल के माध्यम से धमकियां मिल रही हैं। जिसे प्रशासन को रोकना चाहिए। ऐसे लोगों के नाम जो मुझे परोक्ष एवं अपरोक्ष रूप से हानि पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं। उनके नाम बृजेश शर्मा पहाड़गढ़ में शिक्षा अधिकारी रह चुके हैं, पुष्पा शर्मा ,व एक अनाम व्यक्ति जो व्हाट्सएप के माध्यम से मेरा पता पूछता है और मुझे धमकियां देता है ।इन सभी की वार्तालाप मेरे मोबाइल की रिकॉर्डिंग में दर्ज होकर प्रमाण हैं। इसमें ना केवल एक आरटीआई कार्यकर्ता की जान जोखिम है।इसलिए जो कर्मचारी फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रहे हैं।उनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए साथ ही धमकी देने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।

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