बदनावर~~अंडरब्रिज के चारो और दिन ब दिन चौड़ी हो रही दरारों के कारण  कही ढह ना जाएं ब्रिज~~

इसी ब्रिज की दुर्दशा को लेकर विधायक भंवरसिंह शेखावत ने भी पूछा था विधानसभा में प्रश्न पर कोई संतोषजनक जवाब नही दिया फोरलेन कंपनी के अफसरों ने~~

समय रहते इस ब्रिज को तोड़ा नही गया तो हो सकता है बडा हादसा~~

अगर ब्रिज टूटा तो कईयो की जा सकती है जान~~

बड़ी मात्रा में निकल रही है दरारों से मिट्टी दिनभर में आधी ट्रॉली निकल जाती है मिट्टी~~

बदनावर। (विश्वाससिंह पंवार)

अंडरब्रिज में दिनोंदिन चौड़ी हो रही दरारों से बड़ा हादसा होने की आशंका भी गहरा रही है।
ब्रिज के आजू-बाजू वह में आई दरार से रोज बड़ी मात्रा में मिट्टी का रिसाव हो रहा है। इसके अंदर की जगह पोली होने से किसी दिन बड़ी गाड़ी के निकलने पर ब्रिज गिरने का खतरा है बढ़ता जा रहा है।
इस बारे में विधायक भंवरसिंह शेखावत ने विधानसभा में सवाल पूछा था, जिसमे अंडरपास का भी उल्लेख किया था, किंतु विभाग ने गोल-मोल जानकारी दे दी।  विधायक का कहना है कि फोरलेन निर्माण कंपनी इसके मेंटेनेंस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। पहले भी यह मुद्दा कई बार उठाया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की कलेक्टर को भी बताया है।  यदि भविष्य में कोई हादसा होता है तो निर्माण कंपनी इसके लिए जिम्मेदार होगी।
SDM हरेंद्र नारायण ने बताया कि उन्हें इस बारे में पता चला है और वह कंपनी से जानकारी ले रहे हैं।
इसी तरह फोरलेन इंजीनियर नितिन अग्रवाल ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है ना ही ब्रिज देखा है।  वह इसे देखकर कुछ बता सकते हैं।
कंपनी के चीफ इंजीनियर ने तो ब्रिज को लेकर अपनी ओर से पूरी तरह से फिट बता दिया। SDM हरेंद्र नारायण ने कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर जानकारी मांगी तो कंपनी की ओर से बताया गया कि ब्रिज पूरी तरह से फिट है। सुधार की कोई जरूरत नहीं है।
ब्रिज के चारो और बड़ी-बड़ी दरारें हो रही है। दरारे दिन ब दिन चौड़ी होती जा रही है।
ब्रिज के नीचे खड़े रहकर ऊपर से गुजर रहे वाहनों को देखा जा सकता है। इसी ब्रिज से होकर पास ही स्थित अंबिका महाविद्यालय के बच्चे भी निकलते है। पढ़ने वाले बच्चो की कुल संख्या 1600 के आसपास है। आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले सैकड़ों लोग इसी ब्रिज से गुजरते हैं।  कॉलोनीवासियों ने बताया कि जब हम इस ब्रिज के नीचे से गुजरते है तो हमे यह भय रहता है कि कही यह ढह न जाय।
मिट्टी दरारों से इस कदर गिरती है कि हम भी हड़बड़ा जाते हैं।
अंडरब्रिज के नीचे विद्युत व्यवस्था भी नही है।
इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष अभिषेक मोदी से हमने चर्चा की तो उन्होंने बताया कि ब्रिज की सबसे ज्यादा जरूरत चौपाटी चौराहे पर थी, जहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है और कई लोगो की दुर्घटनाओं में मौत भी हो चुकी है।
अगर फोरलेन निर्माण कंपनी के अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी आम जनता की सुविधा को नज़रअंदाज़ करते है तो बड़ा आंदोलन करने के लिए हमे बाध्य होना पड़ेगा।

Share To:

Post A Comment: