झाबुआ~~फव्वारा चौक से थांदला गेट तक बनी सडक़,प्रशासन को सुनहरा मौका-जनता ने देखी सडक़ की असली चौड़ाई को ~~
समाजसेवी नाथूलाल मिस्री साधुवाद के पात्र-आमजन को हुई परेशानी,लेकिन लोगो में जरा भी रंज नही था~~
झाबुआ। संजय जैन~~
मंगलवार को सुबह 8 बजे से मेन बाजार रोड़ पर फव्वारा चौक से लेकर थांदला गेट तक का रोड बनाने हेतु नगरपालिका ने दोनो ओर बेरिकेट्स लगाकर यातायात को पूरे तरह से रोक दिया था। फव्वारा चौक से लेकर थांदला गेट तक 150 मीटर सडक़ पर डामरीकरण के कारण रास्ते को सुबह 10 बजे से बेरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया। 6 लाख की लागत से होने वाले इस काम के लिए 19 अप्रैल को सांसद ने भूमिपूजन कर शुरुआत की थी। कुछ देर तक तो बाजार में काफी गहमागहमी रही लेकिन जब लोंगो को पता चला कि नयी सडक़ का कार्य प्रारंभ हो रहा है तो उन्होंने काफी राहत की सांस ली,क्योंकि इस सडक़ पर सडक़ बची ही नही थी सिर्फ औऱ सिर्फ गड्ढे ही थे। इस बीच कई दुकानों के सामने बने ओटलों को हटा दिया गया। सडक़ किनारे के व्यापारियों ने भी इस बात से खुश होकर कार्य मे किसी तरह की असुविधा न हो इसलिये उन्होंने अपने प्रतिष्ठानो को स्वेछा से बंद रखा।
समाजसेवी नाथूलाल मिस्री साधुवाद के पात्र
गौरतलब है कि कई वर्षों से यह सडक़ जो कि शहर के मेन बाजार की है,की हालत काफी दयनीय चल रही थी। जिस पर नगरपालिका ने नई सडक़ बनाकर लोगो को काफी राहत भी पहुचाई है। वैसे तो सडक़ का निर्माण नगरपालिका के द्वारा किया जा रहा था,लेकिन शहर के एक वरिष्ठ समाजसेवी नाथूलाल मिस्री ने सुबह से कार्य प्रारंभ होने से खत्म होने तक कड़ी धूप में खड़े रहकर सडक़ बनाने में कोई भी अनियमिता नही होने दी। इस बीच जब भी निर्माण टीम का कोई भी जिम्मेदार उन्हें मौके पर नही दिखता तो वे तुरंत हर बार इस बात की सूचना नगरपालिका को सतत देते रहे। परिणामस्वरूप शहर को एक शानदार सडक़ मिल गयी। वैसे तो नाथूलाल मिस्री नगर पालिका अध्यक्ष के पति है,लेकिन उन्होंने इस कार्य को अंजाम अपने आचरण की तरह एक समाजसेवी के रूप में देर रात तक डटे रहकर दिया। लोगो का यह कहना रहा कि उनके इस कार्य पर वे बेहद साधुवाद के पात्र है।
आमजन को हुई परेशानी लेकिन जरा भी रंज नही
सडक़ निर्माण के कार्य के चलते सुबह से सडक़ को दोनो तरफ से आवाजाही के लिए रोक दिया गया था। जिससे लोगो को काफी परेशानी का सामना पड़ा था। क्योंकि आमजन को बस स्टैंड से बाहर के एरिया तक पहुचने अपने वाहनों को पलटा कर राजवाड़ा से होते हुए विवेकानंद कॉलोनी के रास्ते बस स्टैंड तक पहुचना पड़ा था। लेकिन लोगो में इस परेशानी से जरा भी रंज नही था क्योंकि वे इस सडक़ के निर्माण से काफी खुश थे।
इन रास्तों से निकलने में आई परेशानी
वाहन चालक पोस्ट ऑफिस के पीछे होते हुए निकले। यहां पहले से ही नाला निर्माण की वजह से आवागमन में परेशानी हो रही है। नाला पार करने के लिए महज एक नाली क्रासिंग रख दी गई है। करीब दो फीट की इस नाली क्रासिंग से वाहन निकलने में दिक्कतें आई। यहां भी दिनभर जाम लगता रहा।
जनता ने देखी असली सडक़ की चौड़ाई को
गौरतलब है कि निर्माण के पहले सडक़ के दोनों तरफ के अतिक्रमण को लोगो ने स्वेछा से हटाया था तब आमजन को सडक़ की असली चौड़ाई का अंदाजा लगा था। लोगो का कहना था यह स्थिति यथावत रहे तो यह पूरे शहर के लिए काफी सुखद साबित होगा।
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प्रशासन को सुनहरा मौका-ग्रीन पट्टा और लाल पट्टा के निशान लगाकर अतिक्रमण को हटा लें
अभी सिद्धेश्वर मंदिर के समीप से सिद्धेश्वर कॉलोनी तक नाले का निर्माण कार्य चल रहा है,नाले पर बेतरतीब घुमटिया जो कि पूरे कॉलोनी वासियो और आमजन के लिए काफी परेशानी का सबब बनी हुई है जो अभी नाले पर से पूर्ण रूप से हट चुकी है। साथ ही इस नई सडक़ के निर्माण के दौरान सारे अतिक्रमण भी हट चुके है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए की अभी हाल ही में हुई शांति समिति की बैठक में शहर में अतिक्रमण को नियंत्रित करने हेतु ग्रीन पट्टा और लाल पट्टा के झोन बनाने पर सहमति हुई थी,को तुरंत आज से ही सख्ती से लागू कर,ऐसे अतिक्रमणों पर तुरंत अंकुश लगा देना चाहिए। यदि इसमे ढील बरती गई तो स्थिति पहले से कई अधिक दयनीय और परेशानी पूर्ण निर्मित होने की पूरी-पूरी सम्भवना नजर आ रही है। प्राप्त जानकारीनुसार अभी नाले का निर्माण कार्य चल ही रह है और कुछ घुमटियो वालो ने अपनी घुमटियो को यथावत रखने हेतु नाले पर फरसिया भी रखना प्रारम्भ कर दी है। प्रशासन को चाहिए इस मौके को आज ही भुनाए और उक्त पट्टा झोन पर बनी सहमति को आज ही तुरंत लागू कर शहर की सडक़ों को अपनी मूल स्थिति पर ला देना चाहिए। अन्यथा समय व्यतीत होते ही स्थिति भयावह हो जाएगी और प्रशासन कुछ भी नही कर पायेगा। प्रशासन को पूर्व कलेक्टर बी चंद्रशेखर द्वारा अतिक्रमण पर की गयी कार्रवाई का अनुशरण करने की सख्त आवश्यकता है,जिन पर किसी भी प्रभावी या जनप्रतिनिधियों के दबाव का तनिक भी असर नही होता था। इस समस्या का हल सिर्फ और सिर्फ सख्ती ही है ।
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* मुझसे रहा नही गया .....
मैं पिछले कई वर्षों से इस सडक़ की दयनीय स्थिति देख रहा था,जब मुझे पता चला कि इसका निर्माण कार्य मंगलवार सुबह से प्रारंभ होने वाला है तो मुझसे रहा नही गया और मैं सीधे मेरे सारे कार्यो को छोडक़र तुरंत सुबह ही कार्य शुरू होने के पूर्व ही निर्माण स्थल पर पहुच गया था।
............नाथूलाल मिस्री -वरिष्ठ समाजसेवी

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