*सरदारपुर~गूगल मैप के फेर में उलझे राहगीर: सरदारपुर नगर में भूलभुलैया बना फोरलेन का रास्ता, रात के अंधेरे में भटक रहे वाहन चालक~~
*मैप दिखाता है नगर के बीच का रास्ता, साइन बोर्ड न होने से 'भंवरजाल' में फंसे लोग~~
• *एडवोकेट बैरागी की 181 की शिकायत पर भी अधिकारियों ने मूंदी आंखें, नहीं टूटी कुंभकर्णी नींद~~
*सरदारपुर (भावना - सचिन बैरागी)~~
उज्जैन से सरदारपुर नगर होकर फोरलेन मार्ग की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए यह सफर इन दिनों लोहे के चने चबाने जैसा साबित हो रहा है। तकनीकी दौर में जहाँ लोग रास्तों के लिए पूरी तरह मोबाइल मैप पर निर्भर हैं, उज्जैन से आने वाले वाहन चालक अहमदाबाद जाने हेतु फोरलेन एवं इंदौर अहमदाबाद स्थित भोपावर चोखडी से उज्जैन जाने हेतु मैप का सहारा लेते हे वहीं सरदारपुर में आकर यह तकनीक भी वाहन चालकों को दिन में तारे दिखा रही है। दरअसल, ऑनलाइन मैप फोरलेन से आने जाने के लिए सरदारपुर नगर के बिल्कुल बीच का रास्ता दिखाता है, लेकिन धरातल पर नगर पंचायत की घोर लापरवाही के कारण पूरे मार्ग पर कहीं भी दिशासूचक साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। नतीजा यह है कि मैप के भरोसे आने जाने वाले अनजान वाहन चालक नगर के तंग रास्तों के भंवरजाल में फंस जाते हैं और उन्हें सही राह तलाशने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। दिन के समय तो जैसे-तैसे नगरवासियों से आने जाने की जानकारी लेकर काम चल जाता है, लेकिन रात्रि के घने अंधेरे में स्थिति और भी अंगारों पर चलने जैसी हो जाती है। रात के समय सुनसान रास्तों पर वाहन चालक भटकते नजर आते हैं। कोई रास्ता बताने वाला न मिलने पर वे नगर वासियों से पूछताछ करने को मजबूर हैं। राहगीर स्थानीय लोगों से पूछते-पाछते किसी तरह अंधेरे में तीर मारकर (अंदाजे से) जैसे-तैसे फोरलेन मार्ग से आना जाना कर लेते हैं।
*शिकायत के बाद भी 'ढाक के तीन पात'*
इस गंभीर समस्या, डिजिटल नक्शों के भ्रम और रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं के अंदेशे को देखते हुए सजग नागरिक और एडवोकेट बैरागी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर बकायदा दिशासूचक साइन बोर्ड लगाने की शिकायत दर्ज कराई थी। उम्मीद थी कि डिजिटल युग की इस व्यावहारिक समस्या पर प्रशासन तुरंत जाग जाएगा, लेकिन यहाँ तो अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। ज़िम्मेदार विभाग ने समस्या का स्थायी निराकरण करने और दिशासूचक साइन बोर्ड लगाने के बजाय कागजी खानापूर्ति कर शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
प्रशासन के इस आंखें मूंद लेने के रवैये से क्षेत्र के नागरिकों और पीड़ित वाहन चालकों में भारी आक्रोश है। एडवोकेट बैरागी और स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नगर के प्रवेश द्वारों और प्रमुख चौराहों पर फोरलेन मार्ग पर आने जाने के स्पष्ट साइन बोर्ड नहीं लगाए गए, तो वे प्रशासन को आईना दिखाने के लिए उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

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