झाबुआ~कही सीएम राइज स्कूल बन ना जाय सीएम अस्त स्कूल, जिले की सभी उमावि स्कूलों को अस्त कर बनाये जा रहे सीएम राइज स्कूल,लेकिन किसके निर्देश से जिम्मेदारों को ही नही है पता..~~
सीएम राइज स्कूल में सरकार का साल भर रहा फोकस, फिर भी मेरिट सूची में एक भी छात्र नहीं.~~
व्यवस्थाएं फेल-अतिथि शिक्षकों ने साल भर संभाली व्यवस्था,अब भी ट्रांसफर लेकर लौट रहे शिक्षक-रिजल्ट बिगड़ा~~
झाबुआ। ब्यूरो चीफ -संजय जैन~~
जिले में निजी स्कूलों की तरह बेहतर सुविधा देने के लिए सीएम राइज स्कूलों की शुरुआत की गई है, सरकार का इन स्कूलों पर साल भर फोकस भी रहा, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली। पूरे सालभर बच्चों को शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ा। इसका परिणाम गुरुवार को जारी हुए दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणाम से लगाया जा सकता है। जिले के सात सीएम राइज स्कूलों में से न तो प्रदेश न ही जिला सूची में विद्यार्थियों के नाम शामिल हुए, जबकि जब ये स्कूल खोले गए थे,तो बेहतर सुविधाएं इनमें दिए जाने के दावे किए गए थे,लेकिन परीक्षा परिणाम ने इन दावों की पोल खोल कर रख दी है। जिले में कुल सात सीएम राइज स्कूल स्वीकृत हुए थे।
ऐसा रहा जिले के सीएम राइज स्कूलों का परिणाम.......................
* झाबुआ *
झाबुआ उमावि के सीएम राइज स्कूल की बात की जाए तो कक्षा १० वीं का परीक्षा परिणाम ९१.५५ फीसदी रहा। १६७ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें १२४ प्रथम श्रेणी से पास हुए जबकि १७ की द्वितीय श्रेणी आई है। ९ को पूरक जबकि ७ फेल हुए हैं। इसी तरह १२वीं की बात करें तो १२ वीं का परीक्षा परिणाम ७५.८१ फीसदी रहा। २१५ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें १२८ प्रथम श्रेणी से पास हुए जबकि ३५ की द्वितीय श्रेणी आई है। १८ को पूरक जबकि ३३ फेल हुए हैं। इसी तरह १२ वीं साइंस की बात करें तो ८३.२ फीसदी रिजल्ट रहा। वहीं आर्ट्स का रिजल्ट ८२.०५ फीसदी रहा।
* रजला *
रजला उमावि के सीएम राइज स्कूल में १० वीं की परीक्षा में ११५ विद्यार्थी बैठे थे। २२ प्रथम श्रेणी, ५८ द्वितीय श्रेणी से पास हुए हैं जबकि ८ को पूरक और ९ फेल हुए हैं। कुल ७६.५२ फीसदी रिजल्ट रहा है। इसी तरह १२वीं की बात करें तो परीक्षा परिणाम ८२.२९ फीसदी रहा। ९६ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी,जिसमें ३२ प्रथम श्रेणी से पास हुए जबकि ४५ की द्वितीय श्रेणी आई है। ११ को पूरक जबकि ६ फेल हुए हैं।
* राणापुर*
राणापुर उमावि के सीएम राइज स्कूल में १० वीं की परीक्षा में ११३ विद्यार्थी बैठे थे। २८ प्रथम श्रेणी, ७२ द्वितीय श्रेणी से पास हुए हैं ,जबकि ५ को पूरक और २ फेल हुए हैं। कुल ९३.८१ फीसदी रिजल्ट रहा है। इसी तरह १२वीं की बात करें तो परीक्षा परिणाम ८२..३२ फीसदी रहा। १३१ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें ४४ प्रथम श्रेणी से पास हुए जबकि १०२ की द्वितीय श्रेणी आई है। १५ को पूरक जबकि १६ फेल हुए हैं।
* मेघनगर *
मेघनगर उमावि के सीएम राइज स्कूल में १० वीं की परीक्षा में मात्र ४५ विद्यार्थी बैठे थे।जिसमे से १६ प्रथम श्रेणी,२२ द्वितीय श्रेणी से पास हुए हैं,जबकि ४ को पूरक और २ फेल हुए हैं। कुल ८६.६७ फीसदी रिजल्ट रहा है। इसी तरह १२वीं की बात करें तो परीक्षा परिणाम ९७.५३ फीसदी रहा। ८१ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें ५१ प्रथम श्रेणी से पास हुए जबकि २८ की द्वितीय श्रेणी आई है। ३ को पूरक और २ फेल हुए हैं।
* थांदला *
थांदला उमावि के सीएम राइज स्कूल में १० वीं की परीक्षा में ११० विद्यार्थी बैठे थे। जिसमें ९ प्रथम श्रेणी, २४ द्वितीय श्रेणी से पास हुए हैं, जबकि १५ को पूरक और ६० फेल हुए हैं। कुल ३१.८२ फीसदी रिजल्ट रहा है। इसी तरह १२वीं की बात करें तो परीक्षा परिणाम ३७.३४ फीसदी रहा। २३३ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें १७ प्रथम श्रेणी से पास हुए जबकि ६९ की द्वितीय श्रेणी आई है।१८ को पूरक जबकि ९६ फेल हुए हैं।
* खवासा *
खवासा उमावि के सीएम राइज स्कूल में १० वीं की परीक्षा में ७३ विद्यार्थी बैठे थे। जिसमें से १ प्रथम श्रेणी, ९ द्वितीय श्रेणी से पास हुए हैं, जबकि ४ को पूरक और ५८ फेल हुए हैं। कुल १५.०७ फीसदी रिजल्ट रहा है। इसी तरह १२वीं की बात करें तो परीक्षा परिणाम ११ फीसदी रहा। १०० विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिसमें ४ प्रथम श्रेणी से पास हुए जबकि ७ की द्वितीय श्रेणी आई है।१९ को पूरक जबकि ७० फेल हुए हैं।
* पेटलावद *
पेटलावद के सीएम राइज स्कूल में १० वीं की परीक्षा में ९२ विद्यार्थी बैठे थे। जिसमें १९ प्रथम श्रेणी, ३४ द्वितीय श्रेणी से पास हुए हैं जबकि ४९ को पूरक और १८ फेल हुए हैं। कुल ५९.७८ फीसदी रिजल्ट रहा है। इसी तरह १२वीं की बात करें तो परीक्षा परिणाम ५३.९४ फीसदी रहा। १६५ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिसमें ३३ प्रथम श्रेणी से पास हुए जबकि ५३ की द्वितीय श्रेणी आई है।२८ को पूरक जबकि ४५ फेल हुए हैं।
सबसे खराब परिणाम खवासा सीएम राइज स्कूल का रहा ......................
जिले की सातों उमावि स्कूल को सीएम राइज स्कूल बनाया गया है। लेकिन किसी भी सीएम राइज स्कूल का परीक्षा परिणाम ऐसा नहीं रहा कि उसकी चर्चा हों। हालांकि मेघनगर,राणापुर और झाबुआ के सीएम राइज स्कूलो ने अन्य चार स्कूलों से बेहतर रिजल्ट दिया है। सबसे खराब परिणाम खवासा सीएम राइज स्कूल का दसवीं में मात्र १५.०७ फीसदी और बारहवीं का मात्र ११ फीसदी ही रहा।
शिक्षकों की व्यवस्था करना बहुत जरूरी.............
सीएम राइज स्कूलों का रिजल्ट बिगड़ने का सबसे बड़ा कारण ट्रांसफर नीति के तहत शिक्षकों का आना जाना रहा। इसके चलते शिक्षकों की कमी साल भर इन स्कूलों में रही। ऐसे में थोड़ी बहुत व्यवस्था अतिथि शिक्षकों ने संभाली। हालांकि अभी भी शिक्षकों की कमी इन स्कूलों में है। अगर निजी स्कूलों से बेहतर पढ़ाई करवाना है तो शिक्षकों की व्यवस्था करना बहुत जरूरी है।
नहीं बन पाई बिल्डिंग पूरे साल...................
अभी तक जिले के सातो सीएम राइज स्कूलों की बिल्डिंग नहीं बन पाई है। ऐसे में जगह की कमी भी भरपूर रही। इस साल भी बैठक व्यवस्था परेशानी का कारण बनेगी। इसे देखते हुए जितनी सीट इन स्कूलों में होंगी उतने ही बच्चों को अब एडमिशन दिया जाएगा।
*** बॉक्स ख़बर ***
उमावि को अस्त कर बनाये जा रहे सीएम राइज स्कूल,लेकिन किसके निर्देश से जिम्मेदारों को नही है पता...?
गौरतलब है कि जिले की सातो उमावि को अस्त या यूं कहें की खत्म करके सीएम राइज स्कूल बनाये जा रहे है। यदि हम बात करे तो झाबुआ उमावि की जो एस्टेट टाइम से हायर सेकेंडरी स्कूल थी जिसे फिर नियमो को ताक में रखकर उमावि बना दिया गया,जबकि नियमानुसार उमावि के लिए अलग से बिल्डिंग का निर्माण करना था। खैर,अब जिले की सातो उमावि को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है और उस पर सीएम राइज स्कूल ताने जा रहे है। इस संबंध में जब हमारी टीम ने पूर्व में तत्कालीन झाबुआ सहायक आयुक्त गणेश भाभर से चर्चा कर उनसे पूछा की जिले की सातो उमावि स्कूलों को खत्म करके सीएम राइज स्कूल बनाने हेतु प्रशासन ने कोई लिखित में आदेश जारी किया है क्या और पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इसके लिए कोई एनओसी जारी की गयी है क्या... ? इस पर उन्होंने बताया कि उपरोक्त बातों की मुझे कोई भी जानकारी नही है। यह निर्माण तो शासन द्वारा तय की गयी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। जब हमने तय प्रक्रिया के बारे में उनसे पूछा तो उन्होंने गोल मोल जवाब दिया की मुझे इसे देखना पड़ेगा , प्रक्रिया के बारे में मुझे कोई जानकारी नही है। इन्ही सवालो के जवाब हेतु हमारी टीम ने नवागत सहायक आयुक्त निशा मेहरा से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि मैं अभी अभी जिले में आयी हूं। मैं इसे देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगी। अब हमारा प्रशासन से सवाल है कि आखिर उमावि स्कूलों को खत्म कर,सीएम राइज स्कूल बनाने हेतु किसी के पास लिखित में निर्देश है क्या...? यदि है तो किसके पास,कृपया हमें सूचित करने का सहयोग प्रदान करे। यदि निर्देश नही है तो इसकी बारीकी से जांच कर दोषियो पर तुरंत कार्रवाई करने की दरकार है।
*** बॉक्स खबर ***
योजना तैयार करेंगे.........................
सीएम राइज स्कूलों का रिजल्ट अपेक्षाकृत ठीक नहीं रहा। मैं अभी अभी जिले में आयी हूं। इसके लिए हम प्लानिंग करेंगे। जिससे आगे रिजल्ट में सुधार हो सके। सुधार के लिए हम योजना तैयार करेंगे।
........निशा मेहरा- सहायक आयुक्त-आदिवासी विभाग-झाबुआ




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