झाबुआ~बस में छेड़छाड़ या कोई घटना हो तो पैनिक बटन दबाएं..............

यात्री सहित स्कूल बसों में पैनिक बटन लगाना अनिवार्य ,चलती बस की लाइव लोकेशन होती रहेगी ट्रैक~~

झाबुआ। संजय जैन~~


चलती बस में छेड़छाड़ या अन्य कोई घटना होती है और पीड़ित की कोई मदद नहीं करता है तो अब उसे चलती बस में ही सीधे पुलिस मदद मिल सकेगी। इसके लिए मप्र परिवहन मंत्रालय ने अहम कदम उठाया है। अब हर यात्री बस और स्कूल बस में पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया गया है।  

मिल सकेगी पीड़ित को तुरंत पुलिस मदद......................
चलती बस में कोई घटना होने पर पीड़ित तुरंत यह पैनिक बटन दबा सकता है। इसका सीधा कनेक्शन इसके लिए बनाए विशेष कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा। बटन दबाते ही कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा। यही नहीं कंट्रोल रूम में चलती बस की लाइव लोकेशन भी ट्रेस होती रहेगी। कंट्रोल रूम से संबंधित थाने पर सूचना दी जाएगी। इससे पीड़ित को तुरंत पुलिस मदद मिल सकेगी।

बस में पैनिक बटन लगाना जरूरी...................
परिवहन मंत्रालय के आदेश के अनुसार अब हर यात्री या स्कूल बस में पैनिक बटन लगाना जरूरी है। जिस बस में यह बटन नहीं लगेगा उसे आरटीओ कार्यालय से फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा। नियम अनिवार्य करने के बाद अब जिले की बसों में भी पैनिक बटन लगना शुरू हो जाएगा । बस के आकार के हिसाब से एक बस में चार से छह पैनिक बटन लग सकते हैं। ये बटन सीटों के ऊपर ऐसी जगह होंगे, जहां यात्रियों के हाथ आसानी से पहुंच सके। पैनिक बटन का कंट्रोल रूम कहां होगा और यह कैसे काम करेगा....? फिलहाल यह तय नहीं है। इसके लिए प्रदेश स्तर से पुख्ता कार्ययोजना बनाई जा रही है। बस में कोई भी घटना होने पर यात्री पैनिक बटन दबा सकते हैं।


ड्राइवर-क्लीनर भी बोले यह अच्छा प्रयास................
ड्राइवरो-क्लीनरो ने बताया बस में किसी भी तरह की घटना होने पर पैनिक बटन सबसे बड़ा मददगार साबित होगा। बसों में कई छेड़छाड़ और विवाद जैसी घटनाएं होती रहती हैं। यह बटन लगने के बाद तुरंत पुलिस मदद मिलने से शरारती तत्वों पर कार्रवाई हो सकेगी। इससे ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी। बस में पैनिक बटन लगा होने से शरारती तत्वों में इसका डर भी रहेगा।

हर बस में पैनिक बटन लगाना अनिवार्य............
हर बस में पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके बिना बसों को फिटनेस नहीं देगे। पैनिक बटन से बस की लाइव लोकेशन ट्रेस होगी और तुरंत मदद मिल सकेगी। इसका कंट्रोल रूम कहां होगा....? यह अभी तय नहीं है।
.....................कृतिका मोहटा-आरटीओ,झाबुआ।




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