झाबुआ।जिले के तीन मासूम कमजोर बच्चो को निमोनिया बीमारी को ठीक करने के लिए परिजन उन्हें तांत्रिक के पास ले गए। तांत्रिक द्वारा इन मासूमो के पेट और सीने को गर्म सरियों से दागा गया।
जिले में स्वास्थ्य सुधार के नाम पर अंधविश्वास का खेल जारी...
आज के वैज्ञानिक युग में भी बड़ी संख्या में लोग तंत्र-मंत्र, वहम टोने-टोटकों में पड़कर न जाने कितने अनर्थ काम अपने ही परिवार के मासूम बच्चो के साथ कर रहे है। पहले भी कई बार इस तरह के अंधविश्वास के मामले जिले में आते रहे है।कई मामले झाबुआ पुलिस थाने में दर्ज भी है।
मासूमो के शरीर को दागा गर्म लोहे की छड़ से तांत्रिक द्वारा....
एक ऐसा ही अमानवीय कृत्य और अक्षम्य अपराध साथ ही मन को पीड़ा पहुंचाने वाला मामला आज झाबुआ जिला अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती होने आए मासूम बच्चों के रूप में देखने को मिला। यहां शिशु वार्ड में भर्ती कराने आये मासूमो के परिजनों ने बताया कि सर्दी-जुकाम बिगड़ जाने के बाद हमारे बच्चो को निमोनिया हो गया था। हम 20 दिनों से घरेलू उपचार करते करते बच्चो की बीमारी से काफी परेशान हो गए थे। बीमारी से बच्चों को निजात दिलाने के लिए हम परिजन अंधविश्वास के चलते बच्चो को तांत्रिक के पास ले गए।तांत्रिक ने इसे डामना बीमारी बताया और फिर तीनो बच्चो को उसने बड़ी ही निर्ममता व बेरहमी से सीने और पेट पर गर्म गर्म सलाखों से दाग दिया।
हालत गंभीर होने के बाद पहुचे जिला अस्पताल....
जब मासूम बच्चों की हालत अत्यधिक बिगड़ने लगी तब मासूमो अजय उम्र 7 माह , मेशरा उम्र 2 माह व कृष्णा उम्र 6 माह जो कि झाबुआ जिले के ग्राम पिपलियाखदान, हड्मतिया व समौई गांव के रहने वाले को इनके परिजनो ने झाबुआ जिला अस्पताल के पीआईयू वार्ड में भर्ती करवाया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिजनों को डांट फटकार लगाते हुए, इस मामले की जांच करने की बात कही व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाने की बात पर जोर दिया।
सबसे पहले जिला अस्पताल पहुचे परिजन....
लोगो के ऐसे तंत्र मंत्र वालो से दूर रहना चाहिए। अस्पताल में 50 से अधिक मासूम निमोनिया बीमारी से ग्रसित है,जिसमे से 15 से अधिक मासूमो के शरीर पर यह तांत्रिक क्रिया देखी गयी है। मेरा सभी से निवेदन है की अंधविश्वास से दूरी बनाए रखें और तुरंत ही जिला अस्पताल पर इलाज के लिये पहुँचे।
......डॉ संदीप चोपड़ा-शिशु रोग विशेषज्ञ, झाबुआ।




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