धार~वतन के प्रति वफादारी का पैगाम देता है इस्लाम- शहर काजी ~~
चांद दिखा तो सुबह साढ़े 9 बजे होगी ईदउलफितर की नमाज~~
मुस्लिम समुदाय में रमजान माह अंतिम दौर में चल रहा है। 27 रोजे पूरे हो चुके है। चांद दिखते ही ईदुलफितर पर्व मनाया जाएगा। इधर रोजे रखने के दौरान तराबियों का दौर जारी है। माह की सबसे पवित्र रात शबे कद्र इबादत के साथ मनाई गई। मान्यता है कि रमजान के आखिरी आशरे में आने वाली इस रात में इबादत करने का सवाब हजारों महीनों की इबादत से भी ज्यादा होता है। तमाम मस्जिदों के इमामों ने इसी दिन कुराने पाक को मुकम्मल करा तमाम मस्जिदों में बहुत खुशी के इसे सुना गया और तमाम इमामों को नजराना पेश किया गया। काजीपुरा मस्जिद में शहर काजी वकार सादिक ने समुदाय के लोगों को इस्लाम के संदेशों के बारे में बताया। शहरकाजी ने बताया कि इस्लाम मजहब वतन के प्रति वफादारी का पैगाम देता है।
देश की शांति-तरक्की की दुआ भी करें
श्री सादिक ने कहा कि इस्लाम धर्म सिखाता है कि यदि आपका पड़ोसी भूखा है और यदि आपके पास खाना उपलब्ध है तो उसे पहुंचाओ वरना आप गुनाहगार हो जाएंगे। प्यारे नबी का फरमान है कि तुम किसी भी वतन में रहो उससे मोहब्बत करो और उसके प्रति वफादार रहो। नबी के इस फरमान को लेकर मुस्लिम समाज नमाजों में अपने शहर और वतन हिंदुस्तान की तरक्की और शांति के लिए दुआएं मांग रहा है।
5 टाईम की नमाज जरूरी
शहर काजी ने बताया कि रमजान का आखिरी अशरा खास मुकाम रखता है। रोजे रखने के साथ पांचों टाइम की नमाज भी अनिवार्य है। रोजे रखने का खास मकसद अपने आप को बुराइयों से बचाना है और आइंदा बुराइयों से रुके रहना है। शहर काजी साहब ने यह भी कहा कि गुरुवार को चांद दिखने पर शुक्रवार को ईदउल फितर की नमाज लाट मस्जिद में सुबह 9:30 बजे अदा की जाएगी।


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