झाबुआ~बच्चों में पढ़ाई की रुचि बढ़ाने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में भी बनेगी लाइब्रेरी, 30-30 हजार रुपए की राशि स्वीकृत~~

पढ़ने की आदत विकसित करना मकसद-31 जनवरी तक खर्च करना थी राशि,प्रशासन का सुस्त रवैया~~

झाबुआ। संजय जैन~~

छोटे बच्चों में भी पढ़ाई को लेकर रूचि जगाने के लिए उन्हें बेहतर माहौल दिया जाएगा। इसके लिए प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। इन स्कूलों में लाइब्रेरी का सामान खरीदने के लिए स्टार्स प्रोजेक्ट के तहत राज्य शिक्षा केंद्र ने 30-30 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की है। इस राशि से स्कूलों में बुक रैक खरीदी जाएगी। साथ ही 8 से 10 बच्चों के एक साथ बैठकर पढ़ाई के लिए रीडिंग टेबल तथा स्टूडेंट्स चेयर खरीदी जाएगी।

पुस्तकालय बनाने का निर्णय........................
राज्य शिक्षा केंद्र की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में बच्चों के लिए पुस्तकालय बनाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए  जिले से 122 प्राइमरी व मिडिल स्कूलों का चयन भी कर लिया गया है। इन स्कूलों को 30-30 हजार रुपए के मान से राशि भी जारी कर दी गई है। ताकि स्कूलों में पुस्तकालय के लिए सामग्री खरीदी जा सके।

बच्चों को मिलेगा फायदा...........
शिक्षाविदों के अनुसार कोरोना संक्रमणकाल में स्कूलों में छुट्टी के कारण बच्चों में पढ़ाई की आदत बिल्कुल छूट गई है। ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चे मोबाइल के करीब आए। लेकिन अब लाइब्रेरी के माध्यम से बच्चों में फिर से पढ़ाई के लिए ललक जगाई जाएगी। ताकि बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित हो।

फर्नीचर की गुणवत्ता का ध्यान रखना होगा..........
 फर्नीचर खरीदी जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा जेम माध्यम से की जाएगी। फर्नीचर की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा। यदि प्लास्टिक मोल्डेड सामग्री खरीदी जाती है तो आईएसओ प्रमाणित होना चाहिए। वहीं यदि फर्नीचर वुडन का है तो सामग्री वाटरप्रूफ व दीमक रोधी होना चाहिए। बच्चों की सुविधा के लिए सभी सामग्री का स्पेसिफिकेशन भी जारी किया गया है। प्रदेशभर में ऐसे 6 हजार 198 स्कूलों का चयन किया गया है। यानी कि इन लाइब्रेरी से अब छोटे बच्चों में भी पढ़ने की आदत विकसित की जाएगी।


प्रशासन का सुस्त रवैया ............................
राज्य शिक्षा केंद्र ने जिले में जो 122 स्कूलों का चयन पुस्तकालय के लिए किया हैैं।  स्कूलों में सामग्री खरीदने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र के 31 जनवरी तक का समय तय किया था। जबकि आज 6 फरवरी हो गयी है,लेकिन अभी तक इसकी फाइल कलेक्टर के पास अनुमोदन के लिए ही पहुंची है । इसके पश्चात फर्नीचर खरीदी जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा जेम माध्यम से की जाएगी। फाइल जेम पोर्टल हेतु इसे आगे भेजना भी है। ऐसे में कब रेट तय होंगे ? और कब इस योजना का समय रहते क्रियान्वयन हो पायेगा ?.....जो की प्रशासन का सुस्त रवैया साफ दर्शा रहा है
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