झाबुआ~द्वितीया तिथि क्षय होने से इस बार 8 दिन के गुप्त नवरात्र~~

झाबुआसंजय जैन~~

माघ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तिथि तक का समय गुप्त नवरात्र रहता है। इस वर्ष गुप्त नवरात्र की शुरुआत 2 फरवरी बुधवार से हो गयी है। इस नवरात्रि में द्वितीया तिथि का क्षय होने के कारण प्रतिपदा एक साथ हो जाएगी। नवमी तिथि 9 फरवरी को होने से गुप्त नवरात्र सिर्फ  8 दिन के ही रहेंगे। पंडितों का कहना है कि गुप्त नवरात्र में मां भगवती के नौ स्वरूपों के साथ दस विद्याओं की आराधना की जाती है। मोहन,वशीकरण,उच्चाटन आदि तांत्रिक क्रियाओं के लिए भी यह समय विशेष रहता है।
पहली वासंतिक नवरात्रि .......
संवत की आखिरी और चौथी नवरात्रि पंचांग के अनुसार प्रथम चैत्र मास में पहली वासंतिक नवरात्रि कहलाती है। इस दिन से हिंदू नववर्ष का आरंभ भी होता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष में दूसरी गुप्त नवरात्रि,आश्विन शुक्ल पक्ष में तीसरी यानि शारदीय नवरात्रि आती है,जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इसके बाद माघ में चौथी संवत की आखिरी नवरात्र आती है। आषाढ़ और माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इन नवरात्रि में साधक गुप्त रूप से मां दुर्गा की साधना करते हैं।



चौथी संवत की आखिरी नवरात्र ........
इसके बाद माघ में चौथी संवत की आखिरी नवरात्र आती है। आषाढ़ और माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इन नवरात्रि में साधक गुप्त रूप से मां दुर्गा की साधना करते हैं। 6 और 8 फरवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग गुप्त नवरात्र की शुरुआत 2 फरवरी को घट स्थापना के साथ हो चुकी हैं। 3 फरवरी को गौरी तृतीया व्रत पूजन,4 को विनायक तिल चतुर्थी,5 को बसंत पंचमी व सरस्वती जयंती,6 को सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 5.09 बजे से प्रारंभ होकर दूसरे दिन सुबह 7.23 बजे तक रहेगा। 7 फरवरी को नर्मदा जयंती, 8 को भीमा अष्टमी पर्व और सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 9.26 बजे से दूसरे दिन 7.21 बजे तक रहेगा। 9 फरवरी को नवमी पूजन होगा।





 
साधना के लिए खास.....इस बार बन रहा त्रि-ग्रही योग
 इस बार गुप्त नवरात्रि में सूर्यए बुध एवं शनि ग्रहों का त्रि-ग्रही योग मकर राशि में रहेगा। मकर राशि का स्वामी शनि ग्रह है। इस तरह शनि का साधना-भक्ति से बड़ा संबंध रहता है। इसलिए इस बार की गुप्त नवरात्रि लोगों के लिए निरोगी,सुखी अमन चैन वाली रहेंगी। आने वाला समय अनुकूल रहेगा। इस दौरान देवी मंदिरों और घरों में साधक अनुष्ठान के साथ विशेष हवन-पूजन करेंगे।



Share To:

Post A Comment: