*इस बार 11 और 12 अगस्त को मनाई जाएगी जन्माष्टमी,*
*12 अगस्त को मनाए श्रेष्ठ वृद्धि योग में जन्माष्टमी*
*जन्माष्टमी का पर्व मेष और वृषभ राशियों के लिये है विशेष* ( डाँ. अशोक शास्त्री )
भाद्रपद माह में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के जन्म के उत्सव के रूप में मनाया जाता है । ज्योतिषाचार्य डाँ, अशोक शास्त्री ने एक चर्चा मे बताया कि इस वर्ष जन्माष्टमी की तिथि को लेकर उलझन है । इस बार जन्माष्टमी 11 और 12 अगस्त को दो दिन मनाया जा रहा है । हिन्दू धर्म के अनुसार जन्माष्टमी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस बार जन्माष्टमी की तारीख को लेकर कई मत हैं । कुछ विद्वानों का कहना है कि जन्माष्टमी 11 अगस्त मंगलवार के दिन है , जबकि अन्य बुद्धिजीवियों का मत है कि जन्माष्टमी 12 अगस्त को है । डाँ, अशोक शास्त्री ना कहा कि 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाना श्रेष्ठ है. मथुरा और द्वारका में 12 अगस्त को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा । आइए विस्तार से जानते हैं कि जन्माष्टमी कब मनायी जाएगी...
*दो दिन जन्माष्टमी मनाने को लेकर क्यों है उलझन*
डाँ, अशोक शास्त्री ने बताया कि भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था । इस बार कृष्ण जन्म की तिथि और नक्षत्र एक साथ नहीं मिल रहे हैं । 11 अगस्त को सुबह 9 बजकर 07 मिनट के बाद अष्टमी तिथि का आरंभ हो जाएगा । जो 12 अगस्त को 11 बजकर 17 मिनट तक रहेगी । वहीं रोहिणी नक्षत्र का आरंभ 13 अगस्त को सुबह 03 बजकर 27 मिनट से 05 बजकर 22 मिनट तक रहेगा ।
स्मार्त और वैष्णवों के विभिन्न मत होने के कारण तिथियां अलग - अलग बताई जा रही हैं । डाँ, अशोक शास्त्री बताते है कि श्रीकृष्ण भक्त दो प्रकार के होते हैं । स्मार्त और वैष्णव । स्मार्त भक्तों में वह भक्त हैं जो गृहस्थ जीवन में रहते हुए जिस प्रकार अन्य देवी - देवताओं का पूजन , व्रत स्मरण करते हैं । उसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण का भी पूजन करते हैं । जबकि वैष्णवों में वो भक्त आते हैं जिन्होंने अपना जीवन भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर दिया है । वैष्णव श्रीकृष्ण का पूजन भगवान की प्राप्ति के लिए करते हैं
डाँ, शास्त्री का कहना है कि स्मार्त भक्तों का मानना है कि जिस दिन तिथि है उसी दिन जन्माष्टमी मनानी चाहिए। स्मार्तों के मुताबिक अष्टमी 11 अगस्त को है। जबकि वैष्णव भक्तों का कहना है कि जिस तिथि से सूर्योंदय होता है पूरा दिन वही तिथि होती है। इस अनुसार अष्टमी तिथि में सूर्योदय 12 अगस्त को होगा। मथुरा और द्वारका में 12 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। जबकि उज्जैन, जगन्नाथ पुरी और काशी में 11 अगस्त को उत्सव मनाया जाएगा।
*जन्माष्टमी तिथि*
अष्टमी तिथि आरम्भ – 11 अगस्त दिन मंगलवार सुबह 09 बजकर 06 मिनट से
अष्टमी तिथि समाप्त – 12 अगस्त दिन बुधवार सुबह 11 बजकर 16 मिनट तक
*जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त*
डाँ, अशोक शास्त्री के मुताबिक इस साल जन्माष्टमी के दिन कृतिका नक्षत्र लगा रहेगा । साथ ही चंद्रमा मेष राशि मे और सूर्य कर्क राशि में रहेगा । कृतिका नक्षत्र में राशियों की इस ग्रह दशा के कारण वृद्धि योग भी बन रहा है । डाँ, अशोक शास्त्री के अनुसार 12 अगस्त यानी वैष्णव जन्माष्टमी के दिन का शुभ समय बताया है । बुधवार की रात 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक पूजा का शुभ समय है. मान्यताओं के अनुसार 43 मिनट के इस समय में पूजन करने से पूजा का फल दोगुना मिलता है ।
*जन्माष्टमी का पर्व मेष और वृष राशि वालों के लिए है विशेष, जानें राशिफल*
डाँ, अशोक शास्त्री के मुताबिक मेष राशि और वृष राशि के लिए इस बार जन्माष्टमी पर इस बार विशेष योग बन रहे हैं । इस शुभ योग का लाभ उठाने के लिए इन मंत्रों का जाप करें. ऐसा करने से जॉब, बिजनेस और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी ।
जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है । भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था । भगवान श्रीकृष्ण का जन्म बहुत ही शुभ योग में हुआ था । शुभ नक्षत्र और ग्रहों की शुभ स्थिति के कारण ही भगवान श्रीकृष्ण की जन्म कुंडली में कई विशेष योग थे । जिसके चलते उन्होंने असुरों का संहार किया और पृथ्वी पर धर्म को स्थापित किया. इतना ही पूरी दुनिया को गीता का उपदेश दिया. भगवान श्रीकृष्ण का जीवन एक दर्शन है. भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बताई गईं शिक्षाओं पर जो व्यक्ति अमल करता है उसके जीवन में परेशानियां और संकट समाप्त हो जाते हैं ।
मेष राशिफल :~ जन्माष्टमी के दिन मेष राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा । इस दिन आप ऊर्जा महसूस करेंगे । इस दिन सभी कार्यों को समय पर करेंगे । परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा । कोई शुभ समाचार प्राप्त होग. जॉब और बिजनेस में लाभ प्राप्त होगा । धन लाभ के साथ खर्च का भी योग बन रहा है ।
मत्र: मेष राशि वाले इस दिन इस मंत्र का जाप करें-
कच्चित्तुलसि कल्याणि गोविन्दचरणप्रिये।
सह त्वालिकुलैर्बिभ्रद् दृष्टस्तेअतिप्रियोअच्युत:।।
वृष राशिफल :~ जन्माष्टमी का दिन आपके लिए बहुत ही शुभ है । इस दिन विधि पूर्वक सच्चे मन की पूजा करें । जॉब और बिजनेस में आने वाली हर प्रकार की समस्याएं दूर होगी । इस दिन बच्चों को उपहार दें । इस दिन आपको धन लाभ होगा. मित्रों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा । कोई मित्र आपके जीवन में नई रोशनी लेकर आ सकता है । सेहत प्रति सावधान रहें । क्रोध पर काबू रखें और सभी से विनम्रता से पेश आएं ।
मंत्र: वृष राशि वाले इस मंत्र का पूजा के दौरान रात्रि में जाप करें-
ओम ऐं ह्रीं श्रीं नमो भगवते राधाप्रियाय राधारमणाय।
गोपीजनवल्लभाय ममाभीष्टं पूरय पूरय हुं फट् स्वाहा।।
( डाँ. अशोक शास्त्री )
*ज्योतिषाचार्य*
डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245, एम, जी, रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम, पी,
मो, नं, 9425491351
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