भिण्ड~~ ईवीएम हैकिंग की बात कर लोकसभा चुनाव में भ्रमित करने के बहाने तलाश रही कांग्रेस ~~
भिण्ड से गिर्राज बौहरे की रिपोर्ट~~
भिण्ड।। कांग्रेस द्वारा देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ उठाए गए सारे मुद्दे फ्लॉप साबित हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस को आने वाले लोकसभा चुनाव में अपनी हार सुनिश्चित नजर आ रही है और इसीलिए उसने अभी से इस हार के बहाने तलाशना शुरू कर दिया है। भाजपा पर ईवीएम हैकिंग का आरोप लगाना इसी कवायद का हिस्सा है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक श्री अरविन्द भदौरिया ने कांग्रेस द्वारा कथित सायबर एक्सपर्ट के हवाले से भाजपा पर ईवीएम हैकिंग के आरोप लगाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
कांग्रेस ने अमेरिका बेस्ड कथित सायबर एक्सपर्ट सैयद शुजा के हवाले से भारतीय जनता पार्टी पर ईवीएम हैकिंग कर सरकार बनाने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को दुष्प्रचार का हथकंडा बताते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अरविन्द भदौरिया ने कहा है कि कांग्रेस सिर्फ दुष्प्रचार करना जानती है। यदि वास्तव में ईवीएम इतनी असुरक्षित थी, तो कांग्रेस और ईवीएम पर सवाल उठाने वाले अन्य दलों के नेता निर्वाचन आयोग द्वारा तीन बार बुलाए जाने के बाद भी ईवीएम को हैक करके दिखाने क्यों नहीं गए ? श्री भदौरिया ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में ईवीएम को असुरक्षित मानती है, तो मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकारों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि इन राज्यों में भी चुनाव ईवीएम के जरिए ही हुए हैं। श्री अरविन्द भदौरिया ने कहा कि भाजपा पर ईवीएम हैकिंग के आरोप लगाने का यह पूरा मामला ही संदिग्ध है, जिससे किसी बड़े षडयंत्र की बू आती है। उन्होंने कहा कि यदि 2014 में ईवीएम हैक की गई थी, तो आरोप लगाने वाला व्यक्ति पिछले 4 सालों से क्या कर रहा था, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आरोप लगाने वाले कथित सायबर एक्सपर्ट ने अपना चेहरा क्यों छुपा रखा था और लंदन में हुई उस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल क्या कर रहे थे। ये ऐसे बिंदु हैं, जो यह बताते हैं कि कांग्रेस ईवीएम के जरिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ दुष्प्रचार की सुनियोजित रणनीति पर काम कर रही है।

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