दसई~~स्थानीय आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अपनी वाहवाही और मतलब सिद्धि के लिए कुछ भी करने को उतारू है~~

जगदीश चौधरी (खिलेडी)9617174241~~


कर्ताधरता किसी न किसी तरह उन लोगों से जुड़े रहना चाहते हैं जिनका हुकुम अब 5 साल बजाना उनकी जो मजबूरी है। मतलब परस्ती और जनता को बेवकूफ बनाने और अतिथियों की किरकिरी करने का मामला संस्था के नवीन भवन उद्घाटन के समय देखने को आय।जब शिलालेख भूमि पूजन का लगाया जो दिसंबर 2017 की तारीख दर्शा रहा है। इस पर न तो उद्घाटन कर्ता विधायक सरदारपुर के नाम का उल्लेख है नहीं अतिथियों का।

बुधवार 16 जनवरी को नगर के कुमार पाठ क्षेत्र में ग्राम पंचायत दसई और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के तत्वावधान में किसान ऋण माफी योजना का शुभारंभ नवनिर्वाचित विधायक प्रताप ग्रेवाल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया था जिसमें कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और नेता भी शामिल हुए । इस आयोजन के बाद संस्था द्वारा नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन भी अतिथियों द्वारा  गया।

सोचने वाली बात यह है कि मुख्य अतिथि महोदय को भी अंधेरे में रखकर यह कार्य किया गया

उपस्थित लोग उस समय  आश्चर्यचकित रह गए जब नवीन बिल्डिंग पर लगाया गया शिलालेख उद्घाटन सत्र का ना होकर भूमि पूजन का है जिस पर से अतिथियों के नाम नदारद तो है ही 17 दिसंबर  2017 की तारीख  खुदी हुई थी। उक्त शिलालेख नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है । कुछ दबी जुबान किसान और नेता यह कहते सुने गए कि सोसायटी बहती हवा के साथ बहकर 5 साल अपनी दुकानदारी इन ही कर्ता धरता ओं की छत्रछाया में चलाना चाहती है। ऐसे में भला कौन मूल्य अब जनता का क्या उसे बेवकूफ बनाया गया तो उसका क्या बिगड़ा सच्चाई तो सामने आ गई।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा यह आयोजन पंचायत स्तर से करवाया चाहिए था जोकि पंचायत सचिव एवं अन्य लोगों की मिलीभगत से यह कार्यक्रम सोसाइटी में आयोजित किया गया इस आयोजन में पंचायत कर्मचारी एवं सोसायटी के कर्मचारियों ने किसे अपना उल्लू सीधा किया यह काबिले तारीफ है।  

  
और ताजूब की बात देखिये
कि इस सोसायटी का एक कर्मचारी चुनाव के समय भाजपा के प्रचार प्रकरण मे जिला निर्वाचन अधिकारी ने निलंबित भी कर दिया था।
वो कब बहाल हो गया इसकी भी जानकारी नहीं है।
और शासन के नियमानुसार जिस जगह से निलंबित होता है।उसी जगह दसई मे ही वापिस बहाल कर दिया। शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

जिम्मेदार का कहना है कि कार्यक्रम अचानक डिसाइड हुआ था यह कार्यक्रम पंचायत का था हमने सोचा कि कार्यक्रम पंचायत का हुई रहा है तो उसमें अपना खर्चा नही होगा अपना कार्यक्रम हो जाएगा इस मामले में जानकारी स्थानीय लोगों  से ले लो इसकी जानकारी मैं नहीं दे सकता हूं

जब पत्रकार द्वारा कहा जाता है सोसायटी प्रबंधक तो आप हैं तो कहते हैं कि मैं तो कर्मचारी हूं बाकी  जानकारी  गोवर्धन जी व बद्रीलाल   डूंगाजी दे सकते हैं मैं नहीं दे सकता हूं क्योंकि कार्यक्रम अचानक  उन्होंने डिसाइड किया था इसलिए इस मामले की जानकारी उनसे ले लो
सोसाइटी प्रबंधक महेश शुक्ला जब इस जानकारी के लिए अमृत वैद्य उपायुक्त सहकारी संस्था धार  से संपर्क किया गया  तो उनका मोबाइल बंद बताया गया।


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