बदनावर~~बदनावर के पूर्व विधायक
गट्टूबना का निधन ~~

साफ़ छवि के नेता हमारे बीच नही रहे~~

बदनावर। विश्वाससिंह पंवार~~~

बदनावर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के दो बार विधायक रहे रमेशचंद्रसिंह राठौर (गट्टूबना) का मंगलवार रात 8 बजे उनके गृह गांव कुमेड़ी में निधन हो गया। वे 91 साल के थे और काफी समय से बीमार थे।
बुधवार दोपहर में उनके निवास से अंतिम यात्रा डोल रूप में निकाली गई तथा बिडवाल के पास बिल्केश्वर मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। क्षेत्र में उन्हें गट्टूबना के नाम से जाना पहचाना जाता था। रात में उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक लहर दौड़ गई। रात से ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उनके चाहने वाले निवास पर पहुंच गए थे। अंतिम यात्रा मे पूर्व विधायक खेमराज पाटीदार, धार मंडी अध्यक्ष प्रभु राठौड, मनोज सोमानी, राजेश अग्रवाल, शेखर यादव, अमित जैन,  शिवरामसिंह रघुवंशी, ईश्वरसिंह डोडिया,
ध्रुवनारायणसिंह बिडवाल, प्रतापसिंह चौहान, तहसीलदार योगेन्द्रसिंह मौर्य, एसडीओ आरईएस मनोज शर्मा समेत बडी संख्या मे आसपास के गांववासी भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
गट्टूबना पहली बार 1985 में भाजपा टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। दूसरी बार फिर 1993 में विधायक चुने गए। इससे पहले वे मार्केटिंग सोसायटी बदनावर के अध्यक्ष भी रहे। बाद में दो बार उन्हें कृषि उपज मंडी का अध्यक्ष बनने का मौका भी मिला। उन्होंने 1980 में पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा था, तब कांग्रेस के रघुनाथसिंह माथुर से हारना पड़ा था। वे धार जिला भाजपा अध्यक्ष भी रहे थे। क्षेत्र में उनकी ईमानदार व बात के धनी नेता की छवि थी। वे कोटेश्वर मंदिर में शुरू हुई अखंड रामधुन कीर्तन समिति के पहले अध्यक्ष भी रहे थे। उन्हें समाज में हर वर्ग का समर्थन प्राप्त था। उनकी बात को पार्टी में भी बड़ा महत्व मिलता था। विधायक कार्यकाल के दौरान विधानसभा की कई समितियों में वे सदस्य रहे थे। उनके तीन पुत्र मनोहरसिंह, जनपद प्रतिनिधि ओपी बना व नटवरसिंह है। स्व. कर्नल अजीतसिंह राठौर उनके बड़े भाई थे। बरसों तक उनका निवास कुमेड़ी गांव के पास खेत पर बने कच्चे मकान में ही रहा। विधायक रहने के दौरान जब पार्टी के बड़े नेता उनसे मिलने के लिए गांव जाते तो कवेलू पोष मकान देखकर उन्हें बड़ा आश्चर्य होता था।

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